केरल के तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ती नजर आ रही है। कुल 101 सीटों में से 50 सीटों पर जीत के साथ बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सबसे आगे चल रही है।
तिरुवनंतपुरम: केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में नगर निगम चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा संकेत दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाला एनडीए गठबंधन यहां ऐतिहासिक प्रदर्शन करता नजर आ रहा है। 101 वार्डों वाले तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन में बीजेपी 50 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी है या बढ़त बनाए हुए है, जबकि वाम मोर्चा (LDF) 26 और कांग्रेस नीत यूडीएफ 19 सीटों पर सिमटा हुआ है। ऐसे में बहुमत से सिर्फ एक सीट दूर बीजेपी की स्थिति बेहद मजबूत मानी जा रही है।
इसी बीच सबसे ज्यादा चर्चा में रहा नाम है पूर्व ADGP आर. श्रीलेखा, जिन्होंने सस्थमंगलम वार्ड से शानदार जीत दर्ज की है। उन्होंने CPM की युवा उम्मीदवार अमृता को हराकर न सिर्फ बीजेपी की झोली में अहम सीट डाली, बल्कि पार्टी के लिए नेतृत्व का मजबूत चेहरा भी पेश किया।
कौन हैं आर. श्रीलेखा?

आर. श्रीलेखा का नाम केरल ही नहीं, बल्कि देशभर में जाना-पहचाना है। वे केरल की पहली महिला IPS अधिकारी हैं। उन्होंने वर्ष 1986 में सिविल सेवा परीक्षा पास की थी और केरल कैडर में आईपीएस के रूप में चयनित हुईं। अपने लंबे और बेदाग पुलिस करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और अंत में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) के पद से सेवानिवृत्त हुईं।
पुलिस सेवा में आने से पहले भी उनका करियर बहुआयामी रहा। उन्होंने कुछ समय तक लेक्चरर के रूप में काम किया और बाद में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में भी सेवाएं दीं। ईमानदारी, अनुशासन और प्रोफेशनलिज्म उनकी पहचान रही है। आर. श्रीलेखा पिछले साल बीजेपी में शामिल हुई थीं। राजनीति में कदम रखते ही उन्हें संगठन में अहम जिम्मेदारी मिली और उन्हें बीजेपी केरल की उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। पार्टी नेतृत्व उन्हें एक सुधारवादी, साफ-सुथरी छवि और प्रशासनिक अनुभव वाले नेता के रूप में देखता है।
सस्थमंगलम वार्ड से उनकी जीत को बीजेपी के लिए सिर्फ एक वार्ड की जीत नहीं, बल्कि शहरी केरल में पार्टी की स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा रहा है। यह जीत 2026 के केरल विधानसभा चुनावों के लिहाज से भी बेहद अहम मानी जा रही है।
मेयर पद की दौड़ में क्यों अहम हैं श्रीलेखा?
अगर बीजेपी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बहुमत हासिल कर लेती है, तो आर. श्रीलेखा को मेयर पद की प्रबल दावेदार माना जा रहा है। हालांकि इस बार मेयर पद के लिए महिलाओं के लिए आरक्षण नहीं है। इसी वजह से बीजेपी के पूर्व जिला अध्यक्ष वी.वी. राजेश, जिन्होंने कोडुंगानूर वार्ड से जीत हासिल की है, उन्हें भी मेयर पद की पहली प्राथमिकता माना जा रहा है। फिर भी, आर. श्रीलेखा की जीत, उनकी लोकप्रियता और प्रशासनिक अनुभव उन्हें स्वाभाविक रूप से नेतृत्व की दौड़ में मजबूत बनाते हैं।
इस चुनाव में CPM के कई दिग्गज नेताओं ने भी जीत दर्ज की है, जिनमें पेटा से मेयर पद के उम्मीदवार एस.पी. दीपक, पूर्व मेयर के. श्रीकुमार (चकाई वार्ड) और पी. बाबू (वांचियूर वार्ड) शामिल हैं। बावजूद इसके, कुल मिलाकर माहौल बीजेपी के पक्ष में जाता दिख रहा है। 101 सदस्यीय निगम में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है और बीजेपी सिर्फ एक सीट पीछे है। यदि यह आंकड़ा पार होता है, तो यह केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होगा।











