तमिलनाडु की राजनीति में नया समीकरण: आज सोनिया गांधी-राहुल से मिलेंगे मुख्यमंत्री विजय

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री Joseph Vijay की कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और Sonia Gandhi से संभावित मुलाकात को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली दौरे में इस बैठक

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय आज दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद राहुल गांधी के साथ यह उनकी दूसरी मुलाकात होगी।

नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय का दिल्ली दौरा राष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है। गुरुवार को विजय कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने वाले हैं। मुख्यमंत्री बनने के बाद राहुल गांधी के साथ उनकी यह दूसरी औपचारिक बैठक होगी। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को आगामी राष्ट्रीय और दक्षिण भारतीय राजनीतिक समीकरणों के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, इस मुलाकात के दौरान तमिलनाडु के विकास, केंद्र-राज्य संबंधों और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। सोनिया गांधी के साथ एक संयुक्त फोटो सेशन की भी संभावना जताई जा रही है, जिसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

एक दिन पहले पीएम मोदी और वित्त मंत्री से की थी मुलाकात

इससे पहले मुख्यमंत्री विजय ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से अलग-अलग मुलाकात की। प्रधानमंत्री के साथ बैठक में उन्होंने तमिलनाडु से जुड़े कई संवेदनशील और लंबे समय से लंबित मुद्दे उठाए। इनमें मेकेदातु बांध विवाद, श्रीलंका द्वारा तमिल मछुआरों की गिरफ्तारी, तमिल सांस्कृतिक पहचान से जुड़े मुद्दे और राज्य के विकास कार्य प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि श्रीलंका की जेलों में बंद तमिलनाडु के मछुआरों और जब्त की गई नौकाओं की जल्द रिहाई सुनिश्चित की जाए।

राज्य सरकार के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक तमिलनाडु के मछुआरों की गिरफ्तारी की 12 घटनाएं सामने आ चुकी हैं। फिलहाल 58 मछुआरे हिरासत में हैं जबकि 266 नौकाएं श्रीलंकाई अधिकारियों द्वारा जब्त की गई हैं। यह मुद्दा लंबे समय से तमिलनाडु की राजनीति और केंद्र सरकार के बीच प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है।

तमिलनाडु के लिए विशेष फंड और परियोजनाओं की मांग

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए विशेष वित्तीय सहायता की मांग की। उन्होंने बंदरगाह परियोजनाओं, राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे विस्तार और औद्योगिक कॉरिडोर के लिए प्राथमिकता के आधार पर फंड जारी करने का आग्रह किया।

इसके अलावा विजय ने तमिलनाडु में राष्ट्रीय महत्व के संस्थान (INI) स्थापित करने की मांग भी केंद्र सरकार के सामने रखी। राज्य सरकार का मानना है कि इससे दक्षिण भारत में शिक्षा, स्वास्थ्य और अनुसंधान क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी।

पहली ही चुनावी जीत ने बदली तमिलनाडु की राजनीति

सी जोसेफ विजय का राजनीतिक उदय तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में 234 सदस्यीय विधानसभा में 108 सीटें जीतकर सभी राजनीतिक दलों को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन चुनाव परिणामों के बाद राज्य में तेज राजनीतिक गतिविधियां शुरू हो गईं। बाद में कांग्रेस, वामपंथी दलों, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और विदुथलाई चिरुथाइगल कत्ची (वीसीके) समेत कई दलों ने विजय को समर्थन दिया।

इन सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत हासिल कर गठबंधन सरकार बनाई। तमिलनाडु में कई दशकों बाद गठबंधन सरकार का गठन हुआ है, क्योंकि राज्य की राजनीति लंबे समय से डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द केंद्रित रही है।

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