तमिलनाडु फ्लोर टेस्ट: मुख्यमंत्री विजय की सरकार पर आज फैसला, AIADMK में अंदरूनी कलह से बढ़ी राजनीतिक हलचल

तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा दिन है, जहां मुख्यमंत्री Vijay सरकार को फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। दूसरी ओर All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam में जारी

Tamil Nadu की राजनीति आज बेहद अहम दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री Vijay को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। इस शक्ति परीक्षण पर न केवल सरकार का भविष्य निर्भर है, बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा भी काफी हद तक तय होगी।

चेन्नई: दक्षिण भारतीय राजनीति का केंद्र बने Tamil Nadu में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Vijay को विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट का सामना करना है। इस शक्ति परीक्षण पर न केवल उनकी सरकार का भविष्य निर्भर है, बल्कि राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी AIADMK के भीतर जारी राजनीतिक खींचतान भी चर्चा का विषय बनी हुई है।

राज्य विधानसभा में आज होने वाला यह फ्लोर टेस्ट तमिलनाडु की राजनीति के लिए निर्णायक मोड़ माना जा रहा है। विधानसभा परिसर और सचिवालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है, जबकि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के विधायक चेन्नई पहुंच चुके हैं।

टीवीके गठबंधन के पास बहुमत का दावा

हाल ही में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले विजय की पार्टी TVK ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर बड़ी राजनीतिक सफलता हासिल की थी। हालांकि, सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए सहयोगी दलों का समर्थन जरूरी था। कांग्रेस के पांच विधायकों के अलावा वाम दलों और क्षेत्रीय सहयोगियों—सीपीआई, सीपीआई(एम), वीसीके और आईयूएमएल—ने विजय सरकार को समर्थन दिया है। इन दलों के समर्थन के बाद गठबंधन की कुल संख्या 121 तक पहुंच गई, जिसके आधार पर राज्यपाल के समक्ष सरकार गठन का दावा पेश किया गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि सभी सहयोगी दल एकजुट रहते हैं, तो विजय सरकार बहुमत परीक्षण आसानी से पार कर सकती है। हालांकि, विपक्षी दलों की रणनीति और संभावित क्रॉस-वोटिंग को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।

AIADMK में बढ़ी गुटबाजी

फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के अंदर दो गुटों की चर्चा तेज है। एक धड़ा पूर्व मंत्री C. V. Shanmugam के नेतृत्व में माना जा रहा है, जबकि दूसरा धड़ा पूर्व मुख्यमंत्री Edappadi K. Palaniswami के समर्थन में खड़ा बताया जा रहा है। सीवी शनमुगम ने हाल ही में बयान देते हुए कहा कि पार्टी के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता डीएमके समर्थित किसी भी राजनीतिक समीकरण के खिलाफ हैं। इस बयान ने पार्टी के अंदर चल रही खींचतान को और अधिक सार्वजनिक कर दिया।

राजनीतिक माहौल उस समय और गर्म हो गया जब मुख्यमंत्री विजय ने सीवी शनमुगम से मुलाकात की। हालांकि दोनों पक्षों ने इस बैठक को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन इसे संभावित राजनीतिक रणनीति और समर्थन जुटाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

व्हिप जारी, दल-बदल कानून की चेतावनी

फ्लोर टेस्ट से पहले AIADMK नेतृत्व ने अपने विधायकों को सख्त व्हिप जारी किया है। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान करने वाले किसी भी विधायक पर संविधान की दसवीं अनुसूची यानी दल-बदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि अधिकांश विधायक अब भी एडप्पादी पलानीस्वामी के नेतृत्व के साथ हैं और किसी प्रकार की टूट की संभावना नहीं है। हालांकि राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि मौजूदा परिस्थितियों में पार्टी के भीतर असंतोष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

तमिलनाडु की राजनीति में केवल AIADMK ही नहीं, बल्कि अन्य क्षेत्रीय दलों में भी गतिविधियां तेज हैं। T. T. V. Dhinakaran की पार्टी AMMK ने अपने विधायक एस. कामराज को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने विधानसभा में विजय सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। इस कार्रवाई ने यह संकेत दिया है कि फ्लोर टेस्ट से पहले विभिन्न दल अपने विधायकों को एकजुट रखने के लिए सख्त रुख अपना रहे हैं।

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