त्रिपुरा में दुर्गा पूजा के दौरान बिजली की पीक मांग 410 MW तक पहुंचने का अनुमान है। बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देते हुए बांग्लादेश को आपूर्ति घटाई जाएगी और जरूरत पर अन्य क्षेत्रों से अतिरिक्त बिजली ली जाएगी।
अगरतला: त्रिपुरा में दुर्गा पूजा के दौरान बिजली की अधिकतम मांग 410 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। राज्य सरकार ने त्योहार के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। बिजली मंत्री रतन लाल नाथ ने कहा कि जरूरत पड़ने पर बांग्लादेश को दी जाने वाली बिजली की आपूर्ति घटाई जाएगी और अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जाएगी। अगरतला में बिजली व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा के बाद मंत्री ने बताया कि त्रिपुरा स्टेट इलेक्ट्रिसिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड (TSECL) और त्रिपुरा पावर जेनरेशन लिमिटेड (TPGL) के अधिकारियों तथा फील्ड स्तर के कर्मचारियों के साथ व्यापक बैठक की गई। बैठक में दुर्गा पूजा के दौरान बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, रखरखाव और आपातकालीन बहाली से जुड़े इंतजामों की समीक्षा की गई।
रतन लाल नाथ के अनुसार, पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान बिजली की अधिकतम मांग करीब 380 मेगावाट रहने का अनुमान था, लेकिन वास्तविक मांग 373 मेगावाट से अधिक नहीं गई थी। इस बार राज्य ने अधिक मांग के लिए तैयारी की है और पीक लोड करीब 410 मेगावाट तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
410 MW की संभावित पीक डिमांड
बिजली मंत्री ने कहा कि इस बार बिजली की मांग पिछले साल की तुलना में अधिक रहने की संभावना है। इसलिए राज्य बिजली व्यवस्था को संभावित 410 मेगावाट की पीक डिमांड को ध्यान में रखकर तैयार कर रहा है।
दुर्गा पूजा त्रिपुरा में बड़े पैमाने पर मनाई जाती है और इस दौरान पूजा पंडालों, बाजारों, घरों तथा सार्वजनिक स्थलों पर बिजली की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में किसी भी तरह की बिजली कटौती या तकनीकी खराबी को जल्द से जल्द दूर करने के लिए अतिरिक्त संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है।
अधिकारियों को बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन नेटवर्क की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा किसी भी समस्या की स्थिति में तेजी से बिजली बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं।
बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति में होगी कटौती
रतन लाल नाथ ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान त्रिपुरा की घरेलू बिजली जरूरतों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके लिए बांग्लादेश को की जाने वाली बिजली आपूर्ति को कम किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि त्योहार के दौरान राज्य की अपनी बिजली जरूरतों को पूरा करना प्राथमिकता होगी। इसके साथ ही यदि आवश्यकता पड़ती है तो अन्य क्षेत्रों से अतिरिक्त बिजली प्राप्त करने की व्यवस्था भी की गई है।
उन्होंने बताया कि बिजली जरूरतों के अनुसार राज्यों के बीच पारस्परिक सहयोग की व्यवस्था पहले से मौजूद है। उदाहरण देते हुए नाथ ने कहा कि क्रिसमस के दौरान जब मिजोरम को अतिरिक्त बिजली की जरूरत होती है, तब त्रिपुरा उसे अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराता है। इसके बदले दुर्गा पूजा के दौरान जरूरत पड़ने पर त्रिपुरा अतिरिक्त बिजली ले सकता है।
ट्रांसमिशन नेटवर्क की भी समीक्षा
तैयारियों की समीक्षा के दौरान 132 केवी, 66 केवी और 33 केवी बिजली लाइनों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया गया। अधिकारियों से इन लाइनों के रखरखाव और संभावित तकनीकी समस्याओं से निपटने की तैयारियों की जानकारी ली गई।
बैठक में बिजली उत्पादन क्षमता, ट्रांसमिशन नेटवर्क, रखरखाव कार्य और ट्रिपिंग की स्थिति में तेजी से बिजली बहाल करने की व्यवस्था की समीक्षा की गई। राज्य सरकार का उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी तकनीकी समस्या को लंबे समय तक बिजली आपूर्ति प्रभावित करने से रोकना है।
इसके लिए फील्ड स्तर पर कर्मचारियों और जरूरी उपकरणों को तैयार रखने पर जोर दिया गया है। प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास विशेष रूप से त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था विकसित करने की तैयारी की जा रही है।
ट्रांसफॉर्मर और आपातकालीन संसाधन तैयार
बिजली मंत्री ने अधिकारियों को पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा स्टैंडबाय वाहन, सीढ़ियां और पर्याप्त संख्या में कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है।
प्रमुख पूजा स्थलों के पास स्टैंडबाय ट्रांसफॉर्मर लोड किए हुए वाहनों में तैयार रखे जाएंगे। किसी ट्रांसफॉर्मर में खराबी आने की स्थिति में इन्हें तुरंत मौके पर पहुंचाकर बिजली व्यवस्था बहाल करने का प्रयास किया जाएगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पूजा पंडालों और आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मरम्मत दल की प्रतिक्रिया का समय कम करना है। अधिकारियों को चौबीसों घंटे सेवा उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
1912 हेल्पलाइन की क्षमता बढ़ाने की तैयारी
दुर्गा पूजा के दौरान बिजली संबंधी शिकायतों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए मौजूदा 1912 हेल्पलाइन की क्षमता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई है। सरकार अतिरिक्त कॉल सेंटर और ऑपरेटर उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार कर रही है।
मंत्री ने कहा कि शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए पर्याप्त संचार व्यवस्था जरूरी है। यदि किसी इलाके में बिजली बाधित होती है या तकनीकी खराबी आती है, तो उपभोक्ताओं की शिकायतों को तेजी से संबंधित टीम तक पहुंचाया जाना चाहिए।
इस उद्देश्य से हेल्पलाइन के साथ अतिरिक्त ऑपरेटरों और कॉल सेंटर की व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।
पूजा के दौरान कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
दुर्गा पूजा के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। मंत्री ने कहा कि त्योहार की पूरी अवधि में चौबीसों घंटे बिजली सेवा उपलब्ध कराने के लिए मानव संसाधन को तैयार रखा जाएगा।
फील्ड कर्मचारियों को आपात स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचने और बिजली आपूर्ति बहाल करने के निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त उपकरण और वाहन भी तैयार रखे जाएंगे।
सरकार का मानना है कि बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान बिजली व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव को देखते हुए पहले से पर्याप्त कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध होना जरूरी है।
अवैध कनेक्शन और ‘हुक लाइन’ पर नजर
बिजली मंत्री ने पूजा स्थलों और अन्य स्थानों पर अवैध बिजली कनेक्शन तथा ‘हुक लाइन’ के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि पूजा आयोजकों को अवैध कनेक्शन से जुड़े जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई है। इसके अलावा बिजली विभाग और पूजा समितियों के बीच समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं।
अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि पूजा स्थलों पर बिजली कनेक्शन सुरक्षित तरीके से किए जाएं और किसी भी तरह की लापरवाही से दुर्घटना की स्थिति पैदा न हो।
मौसम पर भी सरकार की नजर
दुर्गा पूजा के दौरान मौसम की स्थिति को लेकर भी बिजली विभाग सतर्क है। रतन लाल नाथ ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौजूदा संकेतों के अनुसार फिलहाल किसी बड़े तूफान या प्रतिकूल मौसम की संभावना नहीं दिख रही है।
हालांकि, उन्होंने कहा कि मौसम की अंतिम स्थिति का आकलन महालया के आसपास उपलब्ध होगा। इसके बाद बिजली व्यवस्था से जुड़ी तैयारियों को जरूरत के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि महालया या उससे एक दिन पहले तक तैयारियों की अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। रिपोर्ट में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन, रखरखाव, आपातकालीन संसाधनों और बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की स्थिति शामिल होगी।
त्रिपुरा सरकार अब दुर्गा पूजा के दौरान 410 मेगावाट तक की संभावित बिजली मांग को पूरा करने के लिए बहुस्तरीय तैयारी कर रही है। घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता, अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था, स्टैंडबाय ट्रांसफॉर्मर, अतिरिक्त मानव संसाधन और मौसम की निगरानी के जरिए राज्य बिजली आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।











