ट्रंप की धमकी से भड़का ईरान, सैन्य हमले पर दी करारा जवाब देने की दी चेतावनी

ट्रंप की धमकी से भड़का ईरान, सैन्य हमले पर दी करारा जवाब देने की दी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की परमाणु कार्यक्रम रोकने की धमकी के बाद ईरान भड़का। तेहरान ने चेतावनी दी कि किसी भी सैन्य हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। ईरानी सशस्त्र बल पूरी तैयारी में हैं।

World News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए बयान के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान फिर से परमाणु हथियार और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम विकसित करने की कोशिश करेगा तो अमेरिका और इजरायल उसे रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करेंगे। इस बयान के बाद तेहरान भड़क उठा और देश ने किसी भी संभावित आक्रमण का करारा जवाब देने की चेतावनी दी।

ईरानी नेतृत्व ने दी कड़ी चेतावनी

ईरान के इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाह सैय्यद अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार एडमिरल अली शामखानी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि देश की रक्षा नीति के तहत किसी भी धमकी का जवाब पहले से तैयार रहता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान की मिसाइल और रक्षा क्षमताएं किसी के नियंत्रण या अनुमति के अधीन नहीं हैं। शामखानी ने कहा कि अगर कोई भी देश ईरान पर हमला करता है तो उसे तत्काल और करारा जवाब मिलेगा, जो आक्रमण करने वालों की उम्मीदों से कहीं अधिक कठोर होगा।

ट्रंप ने क्या कहा था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि यदि ईरान अपने परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को जारी रखता है तो अमेरिका उसे रोकने के लिए इजरायल द्वारा किए जाने वाले हमलों का समर्थन करेगा।

ट्रंप ने कहा, "मैं सुन रहा हूं कि ईरान फिर से निर्माण कर रहा है, अगर ऐसा है तो हमें उन्हें रोकना होगा। हम उन्हें नर्क की तरह गिरा देंगे। लेकिन उम्मीद है कि ऐसा नहीं हो रहा।" उन्होंने यह भी कहा कि अगर ईरान को पहले नहीं रोका गया होता तो मध्य पूर्व में शांति स्थापित नहीं हो सकती थी।

अमेरिका ने पहले भी किया था हमला

बीते जून में अमेरिका ने ईरान के साथ शांतिपूर्ण परमाणु वार्ता के दौरान भी इजरायल के हमलों का समर्थन किया था। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के तहत संरक्षित ईरानी परमाणु स्थलों पर हवाई हमले करने का दावा किया था। इस हमले में ईरान के तीन प्रमुख गुप्त परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच ट्रंप ने फिर से ईरान पर हमला करने की धमकी दी, जिससे तनाव और बढ़ गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका दोबारा हमला नहीं चाहता क्योंकि इसमें 37 घंटे लगते हैं, लेकिन यदि ईरान परमाणु हथियार जुटाने की कोशिश करेगा तो अमेरिका और इजरायल उसे रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

ईरान का आरोप: अमेरिका भय फैला रहा है

ईरानी इस्लामी क्रांति गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ईरानी समाज में भय और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने इसे संज्ञानात्मक युद्ध और मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन बताया। आईआरजीसी ने जून में हुए 12-दिन के इजरायल-अमेरिका हमलों को हाइब्रिड खतरे का उदाहरण बताया, जिसमें सैन्य टकराव से कहीं अधिक व्यापक सुरक्षा, मनोवैज्ञानिक और आर्थिक आयाम शामिल थे।

ईरानी सशस्त्र बलों की तैयारी

ईरानी सशस्त्र बलों ने कहा कि देश किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्य का दृढ़ और करारा जवाब देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसी ने भी ईरान पर आक्रमण किया, तो उसे कहीं अधिक कठोर और हानिकारक जवाब का सामना करना पड़ेगा। ईरानी जनरल स्टाफ ने यह भी कहा कि किसी भी सैन्य प्रयास को सफल नहीं होने दिया जाएगा और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

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