अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर बने Gaza Peace Board में Morocco शामिल हुआ है। किंग मोहम्मद VI ने संस्थापक सदस्य बनने का निमंत्रण स्वीकार किया। इस कदम को मध्य पूर्व में शांति प्रयासों के लिए अहम माना जा रहा है।
Gaza Peace Board: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में शांति प्रयासों को मजबूत करने के लिए Gaza Peace Board की स्थापना की है। इस पहल में Morocco के किंग मोहम्मद VI ने संस्थापक सदस्य के रूप में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मोरक्को के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किंग ने इस निमंत्रण को सहर्ष स्वीकार किया और देश इस बोर्ड की स्थापना करने वाले चार्टर को अनुमोदित करेगा।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि बोर्ड का उद्देश्य केवल गाजा तक सीमित नहीं है। अमेरिका के नेतृत्व वाली इस पहल का मकसद मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में योगदान देना और दुनिया भर में संघर्षों को सुलझाने के लिए एक नया दृष्टिकोण अपनाना है।
बोर्ड की मूल अवधारणा
Gaza Peace Board की मूल अवधारणा गाजा के पुनर्निर्माण की देखरेख करना थी। लेकिन बोर्ड के चार्टर में इसकी भूमिका फिलिस्तीनी क्षेत्र तक सीमित नहीं की गई है। चार्टर के अनुसार, सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व उनके राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख द्वारा किया जाएगा।
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चार्टर में यह भी कहा गया है कि सदस्य देशों को तीन साल या उससे अधिक समय के लिए बोर्ड में शामिल होने की अनुमति होगी, बशर्ते वे पहले वर्ष के भीतर एक अरब डॉलर से अधिक का योगदान करें। इससे यह स्पष्ट होता है कि बोर्ड का उद्देश्य बड़े पैमाने पर आर्थिक और अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश करना भी है।
व्हाइट हाउस ने दिया विस्तार से विवरण
व्हाइट हाउस ने बताया कि बोर्ड ऑफ पीस में ऐसे नेता शामिल होंगे जिनके पास कूटनीति, विकास, अवसंरचना और आर्थिक रणनीति का अनुभव है। इसमें शामिल नेताओं का चयन वैश्विक शांति और विकास में योगदान देने की क्षमता के आधार पर किया गया है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि इस बोर्ड में तुर्किये, मिस्र, अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, इटली, मोरक्को, ब्रिटेन, जर्मनी, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत लगभग 60 देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमंत्रित किया गया है।
बोर्ड के प्रमुख सदस्य और सलाहकारों में अमेरिका के वरिष्ठ वार्ताकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शामिल हैं। इसके अलावा ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, विश्व बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस बोर्ड का हिस्सा हैं।









