भारतीय टेलीविजन पर फैमिली ड्रामा की दुनिया में एक बार फिर ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ ने धमाका किया है। अपने प्रीमियर के सिर्फ आठ महीनों में ही यह शो TRP रैंकिंग में नंबर वन पर पहुंच गया है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: एकता कपूर के मशहूर सोप ओपेरा 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2' के दोबारा प्रसारण से इंडियन टेलीविजन दर्शकों पर अलग ही असर देखने को मिल रहा है। 29 जुलाई, 2025 को प्रीमियर के बाद से यह शो लगातार चार्ट्स पर छाया हुआ है और अपनी नई कहानी के साथ पहले सात से आठ महीनों में ही TRP रैंकिंग में नंबर 1 पर पहुंच गया।
नए सीजन की मजबूत इमोशनल अपील और कहानी ने दर्शकों का दिल फिर से जीत लिया है। इसके अलावा, दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखते हुए मेकर्स ने कई बड़े बदलाव किए और कुछ पुराने किरदारों को नई कहानी से जोड़कर इसे और भी नयापन प्रदान किया।
टीआरपी में जबरदस्त प्रदर्शन
29 जुलाई, 2025 को प्रीमियर होने के बाद, शो ने लगातार चार्ट्स पर कब्जा बनाए रखा। शुरुआती TRP 2.5 के साथ शो ने अपने पहले हफ्ते ही रिकॉर्ड बना दिया। यह पिछले पांच वर्षों में किसी भी नए हिंदी फिक्शन शो के लिए सबसे ज्यादा लॉन्च रेटिंग है। इस प्रदर्शन ने लंबे समय से टीवी पर हावी रहे शो ‘अनुपमा’, ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ और ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ को भी पीछे छोड़ दिया। फरवरी 2026 तक, शो औसत 2.2 TRP के साथ टॉप पर बना हुआ है और अक्सर प्रतिस्पर्धा में बने रह रहे प्रमुख शो के साथ कड़ी टक्कर देता है।
नया सीजन केवल पुराने शो की रीमेक नहीं है, बल्कि इसे आधुनिक समय के दर्शकों के अनुरूप अपग्रेड किया गया है। स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय की वापसी ने पुराने दर्शकों की यादें ताजा की हैं, लेकिन अब कहानी उन किरदारों पर केंद्रित है, जो एक टूटे हुए परिवार को संभालते हैं। शो की नई कहानी में परिवार के बा और बाउजी जैसे बड़े पिता और उनके बच्चों—गौतम, करण और शोभा— तथा पोते-पोतियों की कहानी दिखाई जा रही है। इस नए सीजन में तुलसी का शांतिनिकेतन छोड़ देना और मिहिर तथा नोइना के साथ रहने का नया ट्रैक दर्शकों को जोड़ने में कामयाब रहा है।
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क्यों हिट हुआ शो
‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ की सफलता के पीछे कुछ खास कारण हैं:
- आधुनिक प्रोडक्शन क्वालिटी: नए सीजन में उच्च गुणवत्ता वाले सेट, कैमरा एंगल और पेसिंग ने दर्शकों की जुड़ाव बढ़ाया।
- इमोशनल अपील: पारिवारिक मूल्यों और रिश्तों को आधुनिक कहानी में ढालकर भावनात्मक गहराई दी गई।
- आइकॉनिक टाइटल ट्रैक: पुराने शो का लोकप्रिय टाइटल ट्रैक भी बनाए रखा गया, जिससे पुरानी यादों और नए दर्शकों का संतुलन बना।
- किरदारों की मजबूती: पुरानी पहचान वाले किरदारों को नई कहानी में जोड़ा गया, जिससे कहानी में नयापन और रोमांच बना रहा।
ओरिजिनल शो ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ ने 2000 के दशक की शुरुआत में TRP चार्ट्स में टॉप 5 में जगह बनाई थी। अब डिजिटल युग में, नए सीजन ने न केवल टीवी दर्शकों बल्कि ऑनलाइन दर्शकों को भी आकर्षित किया है। सोशल मीडिया और OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी शो की चर्चा लगातार बनी हुई है। शो की कहानी में पुराने और नए किरदारों का संतुलन, इमोशनल ड्रामा, फैमिली वैल्यूज और हाई-एंड प्रोडक्शन क्वालिटी ने इसे आज के दर्शकों के लिए प्रासंगिक और मनोरंजक बना दिया है।









