UIDAI होटल चेक-इन और सरकारी राशन दुकानों पर चेहरे से पहचान सत्यापित करने की नई सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। रिपोर्ट के अनुसार, इसकी शुरुआत अगले महीने हो सकती है, हालांकि आधिकारिक तारीख और नियमों की पुष्टि बाकी है।
Tech: आधार आधारित पहचान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए UIDAI एक नई फेस स्कैन सुविधा लाने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत होटल और सरकारी राशन दुकानों जैसे स्थानों पर लोगों की पहचान मशीन से चेहरे का स्कैन करके सत्यापित की जा सकेगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इससे हर बार फिजिकल आधार कार्ड या मोबाइल ऐप दिखाने की जरूरत कम हो सकती है। सुविधा की शुरुआत और इस्तेमाल की शर्तों पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।
होटल और राशन दुकानों पर फेस स्कैन से होगी पहचान
नवभारत टाइम्स टेक की रिपोर्ट के मुताबिक, UIDAI के सहायक प्रबंधक साहिल टूटेजा ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में इस संभावित सुविधा के बारे में जानकारी दी। इसके तहत उन होटलों और सरकारी राशन दुकानों पर चेहरे को स्कैन करके व्यक्ति की पहचान की पुष्टि की जा सकेगी, जहां इसके लिए जरूरी मशीनें उपलब्ध होंगी।

अभी कई सेवाओं में पहचान सत्यापित करने के लिए आधार कार्ड दिखाना या मोबाइल ऐप के जरिए जानकारी प्रस्तुत करना पड़ सकता है। नई व्यवस्था लागू होने पर संबंधित मशीन के सामने चेहरा स्कैन कराकर पहचान की पुष्टि की जा सकेगी। इससे चेक-इन और राशन वितरण जैसी प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं।
हालांकि, यह सुविधा किन स्थानों पर उपलब्ध होगी और क्या सभी संस्थानों के लिए इसे अपनाना अनिवार्य होगा, इस बारे में अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
अगले महीने लॉन्च होने की संभावना
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि UIDAI अगले महीने तक इस सुविधा की शुरुआत कर सकता है। इसे आधार आधारित पहचान प्रणाली को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक संभावित कदम माना जा रहा है।
नई व्यवस्था में व्यक्ति को अपना स्मार्टफोन निकालने या फिजिकल आधार कार्ड दिखाने की जरूरत नहीं पड़ सकती। इसके बजाय, होटल या राशन दुकान में लगे उपकरण के जरिए चेहरे का स्कैन किया जाएगा और पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होगी।
हालांकि, लॉन्च की सटीक तारीख, शुरुआती चरण में शामिल होने वाले स्थानों और प्रक्रिया से जुड़ी शर्तों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित सुविधा के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।
मौजूदा आधार फेस ऑथेंटिकेशन से क्या होगा अंतर?
आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा पहले से उपलब्ध है। इसमें व्यक्ति के चेहरे की लाइव तस्वीर कैप्चर करके आधार से जुड़े रिकॉर्ड के आधार पर पहचान सत्यापित की जाती है। कुछ सेवाओं में इस प्रक्रिया के लिए स्मार्टफोन के कैमरे का इस्तेमाल किया जाता है।
प्रस्तावित सुविधा में मुख्य अंतर यह होगा कि व्यक्ति को अपने फोन से चेहरा स्कैन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। होटल या सरकारी राशन दुकान पर उपलब्ध मशीन से ही यह प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। इस लिहाज से इसका अनुभव एयरपोर्ट पर इस्तेमाल होने वाली कुछ फेस-आधारित पहचान प्रणालियों जैसा हो सकता है।
नई व्यवस्था के लागू होने पर डेटा सुरक्षा और निजता से जुड़े पहलू भी महत्वपूर्ण होंगे। नागरिकों को यह स्पष्ट होना चाहिए कि फेस स्कैन के दौरान कौन-सी जानकारी ली जाएगी, उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य से होगा और पहचान सत्यापित नहीं होने पर वैकल्पिक प्रक्रिया क्या होगी। इन सवालों पर अंतिम दिशानिर्देश जारी होने के बाद ही सुविधा की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।












