ब्रिटिश PM एंडी बर्नहम पहुंचे कीव, यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक का समर्थन; रूस ने दी कड़ी चेतावनी

Ukraine Russia War: ब्रिटिश PM एंडी बर्नहम के कीव दौरे के दौरान यूक्रेन को लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल तकनीक में सहयोग का संकेत मिला। रूस ने इसे तबाही का न्योता

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पद संभालने के बाद सोमवार को अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय यात्रा के तहत यूक्रेन की राजधानी कीव का दौरा किया। यूक्रेन के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पहुंचे बर्नहम ने राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की के साथ मुलाकात की और यूक्रेन के लिए ब्रिटेन के समर्थन को दोहराया।

Russia-Ukraine War: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम अपनी पहली आधिकारिक यूक्रेन यात्रा पर सोमवार को राजधानी कीव पहुंचे। इस दौरान उन्होंने यूक्रेन के लिए ब्रिटेन के समर्थन को दोहराते हुए लंबी दूरी तक मार करने वाली क्रूज मिसाइलों के उत्पादन में तकनीकी सहयोग का संकेत दिया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री के इस रुख पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चेतावनी दी है कि यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने वाले ऐसे कदम संघर्ष को और बढ़ा सकते हैं।

बर्नहम की कीव यात्रा ऐसे समय हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है और दोनों पक्षों के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता यूक्रेन के लिए लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है, जबकि रूस लंबे समय से ऐसी सहायता का विरोध करता रहा है।

यूक्रेन को क्रूज मिसाइल उत्पादन में सहयोग का संकेत

कीव में ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यूक्रेन की लंबी दूरी की मिसाइल क्षमता मजबूत करने के लिए सहयोग का संकेत दिया। रिपोर्टों के मुताबिक, चर्चा का केंद्र SCALP क्रूज मिसाइल से जुड़ी तकनीकी क्षमता और उसके उत्पादन में संभावित सहायता रही। ब्रिटेन पहले से ही यूक्रेन का प्रमुख सैन्य और राजनीतिक समर्थक रहा है। बर्नहम ने संकेत दिया कि उनका देश यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलों के उत्पादन में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

इस कदम का उद्देश्य यूक्रेन की घरेलू रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ाना माना जा रहा है। हालांकि, लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक का संभावित हस्तांतरण रूस के साथ तनाव को और बढ़ाने वाला मुद्दा बन सकता है।

रूस ने ब्रिटेन को दी चेतावनी

ब्रिटिश प्रस्ताव पर रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूसी पक्ष का कहना है कि यूक्रेन को लंबी दूरी की हथियार क्षमता उपलब्ध कराना युद्ध को भड़काने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सकता है। मॉस्को ने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है कि यूक्रेन की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाने वाले फैसलों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। रूस लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि पश्चिमी देशों की सैन्य सहायता युद्ध को लंबा खींचने में भूमिका निभा रही है।

इस बीच युद्ध के मोर्चे पर ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। रूस की प्रमुख ऑनलाइन रिटेल कंपनियों में शामिल Ozon के कई ठिकानों को यूक्रेनी ड्रोन हमलों में निशाना बनाए जाने की खबर है। पिछले कुछ दिनों में कंपनी के कई ठिकानों पर हमले होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद सोमवार को Ozon के शेयर में भारी गिरावट देखी गई और कारोबार के दौरान इसमें करीब 30 फीसदी तक की कमजोरी दर्ज की गई।

कंपनी के अनुसार, दागेस्तान स्थित उसके एक हब पर ड्रोन हमले के बाद आग लग गई और वहां का संचालन प्रभावित हुआ। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है। रूस के क्रास्नोडार, अदिगेया और स्टावरोपोल क्षेत्रों में स्थित कंपनी के अन्य ठिकानों को भी हमलों में नुकसान पहुंचने की खबर है। क्रास्नोडार क्षेत्र में एक अलग ड्रोन हमले में दो बच्चों की मौत की भी जानकारी सामने आई है।

पुतिन ने कंपनियों को मदद का भरोसा दिया

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हमलों से प्रभावित कंपनियों की सहायता के लिए सरकारी स्तर पर कदम उठाने की बात कही है। रूसी वित्त मंत्रालय के अनुसार, Ozon और Wildberries जैसी बड़ी कंपनियों को संभावित नुकसान से निपटने में मदद देने के लिए नीति तैयार की जा रही है। इससे साफ है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष का असर अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं है, बल्कि औद्योगिक और वाणिज्यिक बुनियादी ढांचे पर भी पड़ रहा है।

यूक्रेन ने सोमवार को अपना 35वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस अवसर पर ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा समेत कई विदेशी नेता कीव पहुंचे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन इसके लिए अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं है। उन्होंने रूस के साथ काला सागर में जहाजों पर हमले रोकने जैसे मुद्दों पर संभावित बातचीत के संकेत भी दिए।

Leave a comment