इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में विरोध के बीच भाषण दिया। रिपोर्ट के अनुसार कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर गए। नेतन्याहू ने गाजा युद्ध, ईरान और हिजबुल्लाह पर इजराइल की कार्रवाई का बचाव किया और अमेरिका के समर्थन की सराहना की।
न्यूयोर्क; इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में गुरुवार को भाषण दिया। उनके मंच पर पहुंचते ही विरोध के स्वर सुनाई दिए और रिपोर्ट के अनुसार कई देशों के प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। नेतन्याहू कुछ देर तक शांत खड़े रहे और इसके बाद उन्होंने भाषण शुरू किया। नेतन्याहू के भाषण से पहले ही उनके संभावित संबोधन को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद और विरोध की स्थिति बनी हुई थी। Reuters के अनुसार, नेतन्याहू ने UN में इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव करने और न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की आलोचनाओं का जवाब देने की तैयारी की थी।
भाषण की शुरुआत विरोध और वॉकआउट से हुई
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेतन्याहू के मंच पर पहुंचते ही करीब 75 देशों के प्रतिनिधियों ने विरोध किया और कई प्रतिनिधि हॉल से बाहर चले गए। इस दौरान नेतन्याहू कुछ मिनट तक मंच पर खड़े रहे। इसके बाद उन्होंने विरोध कर रहे लोगों पर तीखी टिप्पणी करते हुए अपना संबोधन शुरू किया।
वहीं, UN गैलरी में मौजूद उनके समर्थकों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया और इजराइल के समर्थन में नारे लगाए। इस तरह भाषण की शुरुआत ही संयुक्त राष्ट्र महासभा के भीतर और बाहर मौजूद राजनीतिक मतभेदों के बीच हुई।
गाजा युद्ध पर इजराइल की सैन्य कार्रवाई का बचाव
नेतन्याहू ने अपने संबोधन में 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले का उल्लेख किया। उन्होंने हमले में इजराइलियों की मौत और हिंसा को बेहद भयावह बताया और कहा कि इसके बाद इजराइल ने जवाबी सैन्य कार्रवाई की।
इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके विरोधियों को उम्मीद थी कि हमला इजराइल को कमजोर कर देगा, लेकिन उनके अनुसार देश ने इसका सामना किया और सैन्य कार्रवाई जारी रखी।
गाजा में इजराइल पर लगाए जा रहे नरसंहार के आरोपों को नेतन्याहू ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि इजराइल ने नरसंहार नहीं किया बल्कि उनके दावे के अनुसार हमास के खिलाफ कार्रवाई के जरिए नरसंहार को रोका।
यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहद विवादित है। Reuters ने भी नेतन्याहू के UN संबोधन से पहले रिपोर्ट किया था कि इजराइल गाजा में अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराता है, जबकि उस पर गंभीर आरोप लगाए जाते रहे हैं और इजराइल उन आरोपों से इनकार करता है।
हिजबुल्लाह के खिलाफ पेजर हमलों का जिक्र
नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइली कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने 2024 में हुए पेजर विस्फोटों की ओर इशारा करते हुए भाषण के दौरान एक पेजर डिवाइस दिखाया।
उन्होंने हिजबुल्लाह को संबोधित करते हुए पूछा कि क्या उसे पेजर हमले याद हैं। सितंबर 2024 में लेबनान और सीरिया में पेजर उपकरणों में एक साथ विस्फोट हुए थे। इन घटनाओं में हजारों लोग प्रभावित हुए थे और कई लोगों की मौत हुई थी।
नेतन्याहू ने इस घटना का इस्तेमाल इजराइल की सैन्य और खुफिया क्षमता को रेखांकित करने के लिए किया।
ईरान के खतरे का मुद्दा उठाया
इजराइली प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में ईरान को भी प्रमुखता से निशाना बनाया। उन्होंने ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के संभावित खतरे का जिक्र करते हुए संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में मौजूद लोगों से सवाल किया कि अगर बड़ी ईरानी मिसाइल इस इमारत पर गिरती है तो क्या हो सकता है।
उन्होंने ईरान के नेतृत्व की आलोचना की और ईरानी नागरिकों के लिए इंटरनेट और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मुद्दा उठाया।
भाषण के दौरान नेतन्याहू ने स्टारलिंक का एक उपकरण दिखाया। उन्होंने कहा कि इसका इस्तेमाल ईरान के लोग इंटरनेट से जुड़ने और सोशल मीडिया के जरिए अपनी बात दुनिया तक पहुंचाने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने यह उपकरण ईरानी प्रतिनिधिमंडल के लिए छोड़ने की बात भी कही।
ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सीट पर सुलेमानी की तस्वीर
नेतन्याहू के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल की सीट पर कासिम सुलेमानी की तस्वीर रखे जाने की बात भी सामने आई। सुलेमानी ईरान की कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर थे और जनवरी 2020 में बगदाद हवाईअड्डे के पास अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे।

इस घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। नेतन्याहू के भाषण में ईरान का उल्लेख मौजूदा क्षेत्रीय संघर्ष और इजराइल-ईरान टकराव के व्यापक संदर्भ में हुआ।
UN महासभा में इस समय मध्य पूर्व का संघर्ष प्रमुख मुद्दों में शामिल है। Reuters के अनुसार, मौजूदा सत्र में इजराइल, ईरान और व्यापक क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे प्रमुख चर्चा का हिस्सा हैं।
ज़ोहरान ममदानी पर नेतन्याहू का हमला
नेतन्याहू ने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की भी आलोचना की। उन्होंने न्यूयॉर्क में यहूदी समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और ममदानी पर हमास के समर्थन का आरोप लगाया।
ममदानी ने इससे पहले नेतन्याहू की गाजा में सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना की थी। Reuters के अनुसार, ममदानी ने नेतन्याहू को युद्ध अपराधी और गाजा में फिलिस्तीनियों के खिलाफ कथित नरसंहार का जिम्मेदार बताया था। नेतन्याहू ने इन आरोपों को खारिज करते हुए ममदानी पर हमास का समर्थन करने का आरोप लगाया।
नेतन्याहू ने अपने भाषण में यह भी कहा कि यह दौर खत्म हो चुका है जब यहूदी समुदाय बिना किसी सुरक्षा के हिंसा का सामना करता था। उन्होंने इजराइल की सैन्य क्षमता को अपनी सुरक्षा का आधार बताया।
ट्रंप की तारीफ, अमेरिकी समर्थन का किया उल्लेख
इजराइली प्रधानमंत्री ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भी प्रशंसा की। उन्होंने इजराइल के समर्थन के लिए ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि अमेरिका के सहयोग ने इजराइल की स्थिति को मजबूत किया है।
नेतन्याहू ने गाजा में बंधकों की वापसी से जुड़े समझौते का भी उल्लेख किया और इसे अमेरिकी सहयोग से जोड़ते हुए ट्रंप प्रशासन की भूमिका की सराहना की।
ट्रंप और नेतन्याहू दोनों ने इस UN सत्र के दौरान मध्य पूर्व के संघर्ष पर बात की है। ट्रंप ने अपने UN संबोधन में ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया और कहा कि अमेरिका ईरान के साथ संभावित समझौते की दिशा में काम कर रहा है।
भाषण के अंत में समर्थकों ने बजाई तालियां
नेतन्याहू ने अपना भाषण यह कहते हुए समाप्त किया कि इजराइल के पास कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इसके बाद UN गैलरी में मौजूद समर्थकों ने तालियां बजाईं।
भाषण के दौरान उनके समर्थन और विरोध, दोनों तरह के दृश्य देखने को मिले। एक ओर गैलरी में समर्थकों ने उनका स्वागत किया, वहीं दूसरी ओर कई प्रतिनिधियों के हॉल से बाहर जाने की बात सामने आई।
UN के बाहर भी विरोध प्रदर्शन
नेतन्याहू के भाषण का विरोध संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के बाहर भी हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने इजराइल की नीतियों और नेतन्याहू के खिलाफ नारे लगाए।
कुछ प्रदर्शनकारियों के हाथों में इजराइल और जायनिज्म के खिलाफ संदेश वाले पोस्टर थे। प्रदर्शन के दौरान सड़क अवरुद्ध होने के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया।
ये विरोध प्रदर्शन ऐसे समय हुए जब UN महासभा में मध्य पूर्व के युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय मतभेद लगातार सामने आ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने भी इस सत्र में मध्य पूर्व संघर्ष को समाप्त करने और दो-राष्ट्र समाधान की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की है।
भाषण ने उजागर किए गहरे अंतरराष्ट्रीय मतभेद
नेतन्याहू का UN संबोधन गाजा युद्ध, ईरान, हिजबुल्लाह, बंधकों और इजराइल की सुरक्षा पर केंद्रित रहा। साथ ही उन्होंने न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी की आलोचना की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थन की सराहना की।
भाषण के दौरान विरोध और वॉकआउट ने यह भी दिखाया कि गाजा युद्ध और इजराइल की सैन्य कार्रवाई को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मतभेद बने हुए हैं। दूसरी ओर, नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इजराइल की सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई का बचाव जारी रखा।
मध्य पूर्व में संघर्ष और अमेरिका-इजराइल-ईरान के बीच बढ़े तनाव के बीच नेतन्याहू का यह संबोधन UN महासभा के सबसे विवादित भाषणों में से एक के रूप में सामने आया।










