Union Budget 2026 पेश होने के बाद विपक्ष ने सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि बजट जमीनी हकीकत से कटा है। युवाओं को नौकरी नहीं, किसान परेशान हैं और अर्थव्यवस्था कमजोर होती दिख रही है।
New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में Union Budget 2026 पेश कर दिया है। बजट पेश होते ही सत्ता पक्ष और विपक्ष की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। जहां भारतीय जनता पार्टी इसे विकास और उम्मीदों का बजट बता रही है, वहीं विपक्ष ने इस पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
राहुल गांधी का कहना है कि यह बजट देश की जमीनी हकीकत से कटा हुआ है और इसमें युवाओं, किसानों और आम जनता की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार की आर्थिक नीतियों पर सीधा सवाल उठाया है।
युवाओं के पास नौकरी नहीं: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि देश के युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा है, लेकिन बजट में इसका कोई ठोस समाधान नहीं दिखता। उन्होंने कहा कि युवा बेरोजगारी आज भारत की सबसे बड़ी चुनौती है, लेकिन सरकार ने इसे हल्के में लिया है।
उनके अनुसार, देश में लाखों युवा पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी की तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन बजट में रोजगार सृजन को लेकर कोई मजबूत योजना सामने नहीं आई। राहुल गांधी ने कहा कि अगर युवाओं को काम नहीं मिलेगा, तो देश की आर्थिक मजबूती भी खतरे में पड़ जाएगी।
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में गिरावट पर चिंता

राहुल गांधी ने Manufacturing Sector की गिरती हालत को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में मैन्युफैक्चरिंग लगातार कमजोर हो रही है, जबकि यही सेक्टर बड़े पैमाने पर रोजगार देने की क्षमता रखता है।
उनका आरोप है कि सरकार बार-बार मेक इन इंडिया की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती देने के लिए जो कदम उठाने चाहिए थे, वे इस बजट में नजर नहीं आए। राहुल गांधी के अनुसार, बिना मजबूत मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के देश में स्थायी रोजगार पैदा करना मुश्किल है।
निवेशक निकाल रहे पूंजी: अर्थव्यवस्था पर सवाल
राहुल गांधी ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए यह भी कहा कि निवेशक भारत से अपनी पूंजी निकाल रहे हैं, जो अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। उन्होंने कहा कि अगर निवेशकों का भरोसा कमजोर होता है, तो इसका सीधा असर विकास दर और रोजगार पर पड़ता है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार को निवेश बढ़ाने के लिए स्पष्ट और भरोसेमंद आर्थिक नीति पेश करनी चाहिए थी, लेकिन बजट में ऐसा कुछ नहीं दिखा। राहुल गांधी के मुताबिक, पूंजी का बाहर जाना यह दिखाता है कि बाजार सरकार की नीतियों से संतुष्ट नहीं है।
घरेलू बचत में तेजी से गिरावट
राहुल गांधी ने Household Savings को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में घरों की बचत तेजी से घट रही है, जो आम परिवारों की आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
उनके अनुसार, महंगाई और आय में स्थिरता के कारण लोग बचत नहीं कर पा रहे हैं। बजट में महंगाई को काबू में करने और मध्यम वर्ग को राहत देने के लिए ठोस कदम नहीं दिखते। राहुल गांधी ने कहा कि जब परिवारों की बचत घटेगी, तो भविष्य की आर्थिक सुरक्षा भी कमजोर होगी।
किसान परेशान, समाधान नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि किसान आज भी परेशान हैं, लेकिन बजट में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों के लिए न तो आय सुरक्षा योजना दी और न ही कृषि लागत कम करने के लिए कोई बड़ा फैसला लिया।
उनका कहना है कि खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, लेकिन किसानों की आमदनी उसी रफ्तार से नहीं बढ़ रही। बजट में किसानों को राहत देने के लिए सिर्फ घोषणाएं हैं, ठोस नीति नहीं।
ग्लोबल झटकों को नजरअंदाज किया गया
राहुल गांधी ने कहा कि आने वाले Global Shocks को सरकार ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बढ़ रही है और भारत को इसके लिए तैयार रहना चाहिए था।
उनके मुताबिक, बजट में यह नहीं दिखता कि सरकार भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए कोई ठोस रणनीति बना रही है।

सुधार से इनकार करता बजट
राहुल गांधी ने बजट को लेकर कहा कि यह एक ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भारत के असली संकटों से अनजान नजर आ रही है।
उनका कहना है कि देश को जिस तरह के structural reforms की जरूरत है, वे इस बजट में गायब हैं।
खरगे का हमला: मोदी सरकार के पास कोई आइडिया नहीं
राहुल गांधी के साथ-साथ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। खरगे ने कहा कि मोदी सरकार के पास अब कोई नया आइडिया नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि Budget 2026 भारत की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का एक भी ठोस समाधान नहीं देता।
पॉलिसी विजन
खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सरकार के पास न तो कोई स्पष्ट Policy Vision है और न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति। उन्होंने कहा कि मिशन मोड की बातें अब सिर्फ नारे बनकर रह गई हैं। उनका आरोप है कि किसान आज भी आय सुरक्षा और सार्थक कल्याणकारी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।









