यूपी की 198 ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरी में QR कोड से होगी छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी

बहराइच की 198 ग्राम पंचायतों की डिजिटल लाइब्रेरियों में QR कोड से छात्रों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज होगी। 7.92 करोड़ रुपये की लागत से सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

बहराइच के 14 विकास खंडों की 198 ग्राम पंचायतों में तैयार हो रही डिजिटल लाइब्रेरियों में QR कोड से विद्यार्थियों की हाजिरी दर्ज होगी। ऑनलाइन रिकॉर्ड से शासन स्तर पर उपस्थिति की निगरानी की जाएगी।

बहराइच: जिले की 198 ग्राम पंचायतों में तैयार की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए QR कोड व्यवस्था लागू की जा रही है। स्कैन करते ही हाजिरी ऑनलाइन दर्ज होगी और इसका रिकॉर्ड शासन स्तर तक पहुंचेगा। लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के साथ 25 से 50 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था भी की गई है।

QR कोड स्कैन करते ही दर्ज होगी हाजिरी

बहराइच जिले के 14 विकास खंडों की 198 ग्राम पंचायतों में तैयार की जा रही डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों की उपस्थिति अब तकनीक के जरिए दर्ज की जाएगी। लाइब्रेरी में लगाए गए QR कोड को विद्यार्थी जैसे ही स्कैन करेगा, उसकी हाजिरी ऑनलाइन दर्ज हो जाएगी। इससे प्रत्येक लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से उपलब्ध रहेगा।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सुविधाएं

इन डिजिटल लाइब्रेरियों को विद्यार्थियों के अध्ययन के लिए आधुनिक सुविधाओं के साथ तैयार किया गया है। यहां आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और साज-सज्जा की गई है, ताकि पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सके। लाइब्रेरियों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी किताबें भी उपलब्ध कराई गई हैं।

प्रत्येक लाइब्रेरी में कम से कम 25 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। वहीं, बड़ी लाइब्रेरियों में एक समय में करीब 50 विद्यार्थी बैठकर पढ़ाई कर सकते हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराना है।

शासन स्तर से होगी ऑनलाइन निगरानी

QR कोड आधारित हाजिरी व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इससे शासन स्तर पर यह निगरानी की जा सकेगी कि डिजिटल लाइब्रेरियों में विद्यार्थियों की उपस्थिति कैसी है। व्यवस्था की देखरेख जिला पंचायत राज अधिकारी के मार्गदर्शन में की जा रही है।

198 ग्राम पंचायतों में तैयार किए जा रहे इस पूरे डिजिटल लाइब्रेरी प्रोजेक्ट पर 7.92 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। आधुनिक सुविधाओं और ऑनलाइन निगरानी की व्यवस्था के जरिए इन लाइब्रेरियों को विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी बनाने की कोशिश की जा रही है।

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