उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के ब्राह्मण विधायकों की हालिया बैठक को लेकर सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। इस पर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चौंकाने वाली प्रतिक्रिया दी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने राज्य में बीजेपी के विधायकों की बैठक पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा सत्र होता है तो सभी विधायकों को एक साथ बैठक करनी चाहिए और इसे किसी ब्राह्मण, ठाकुर आदि के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। उनका कहना था कि विधायकों को नियमित रूप से बैठकें करते रहना चाहिए।
जानकारी के अनुसार, लखनऊ में सह-भोज के बहाने बीजेपी के लगभग 40 ब्राह्मण MLA/MLC पी.एन. पाठक के घर एकजुट हुए। बैठक में कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इस अवसर पर लिट्टी-चोखा और मंगलवार व्रत का फलाहार परोसा गया। साथ ही नृपेन्द्र मिश्र के बेटे और MLC साकेत मिश्र भी मौजूद थे।

केशव प्रसाद मौर्य का बयान
उप मुख्यमंत्री मौर्य ने कहा कि “जब विधानसभा होती है तो सभी विधायक एक साथ बैठक करते हैं। इसे ब्राह्मण, ठाकुर आदि के नजरिए से देखने की जरूरत नहीं है। विधायक अपनी बैठकें करते रहें। इसका राजनीतिक अर्थ निकालना सही नहीं है। इस बयान से साफ है कि मौर्य इस तरह की बैठक को सामूहिक चर्चा और विचार विमर्श का हिस्सा मानते हैं और इसे जातिगत राजनीति से जोड़ने से इनकार किया।
सूत्रों के अनुसार, लखनऊ में बीजेपी के लगभग 40 ब्राह्मण विधायक और MLC सह-भोज के बहाने पी. एन. पाठक के घर एकजुट हुए। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान लिट्टी-चोखा और मंगलवार व्रत का फलाहार परोसा गया। बैठक में शामिल प्रमुख नेताओं में पी. एन. पाठक (आयोजक), रत्नाकर मिश्र, उमेश द्विवेदी, प्रकाश द्विवेदी, रमेश मिश्र, शलभमणि त्रिपाठी, विपुल दूबे, राकेश गोस्वामी, रवि शर्मा, विनोद चतुर्वेदी, संजय शर्मा, विवेकानंद पाण्डेय, अनिल त्रिपाठी, अंकुर राज तिवारी, साकेत मिश्र, बाबूलाल तिवारी, विनय द्विवेदी, सुभाष त्रिपाठी, अनिल पाराशर, कैलाशनाथ शुक्ला, प्रेमनारायण पाण्डेय, ज्ञान तिवारी, सुनील दत्त द्विवेदी और धर्मेंद्र सिंह भूमिहार शामिल थे।











