मैनपुरी से आगरा यात्रा में 10 वर्षीय बच्चे का हाफ टिकट 104 रुपये काटा गया, जबकि वापसी में कन्नौज डिपो की बस में उसी बच्चे से 187 रुपये का फुल किराया लिया गया। मामले ने रोडवेज व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
मैनपुरी: उत्तर प्रदेश रोडवेज बसों में बच्चों के हाफ टिकट को लेकर किराया वसूली में अंतर का मामला सामने आया है। मैनपुरी से आगरा जाते समय 10 वर्षीय बच्चे का टिकट 104 रुपये का बनाया गया, जबकि वापसी में कन्नौज डिपो की बस में उसी बच्चे का 187 रुपये का फुल टिकट काट दिया गया। यात्री के विरोध के बावजूद परिचालक ने चेकिंग टीम से बात करने की सलाह देकर मामला टाल दिया।
10 वर्षीय बच्चे के टिकट में सामने आया बड़ा अंतर
उत्तर प्रदेश रोडवेज की बसों में परिचालकों की कार्यप्रणाली को लेकर यात्रियों की परेशानी का एक मामला मैनपुरी में सामने आया है। बच्चों के हाफ टिकट को लेकर किराया वसूली में अंतर का आरोप लगाया गया है। एक दंपती अपने 10 वर्षीय बच्चे के साथ मैनपुरी से आगरा गया था। यात्रा के दौरान बच्चे का हाफ टिकट काटा गया, लेकिन वापसी में उसी बच्चे से वयस्क का पूरा किराया वसूला गया।

रविवार सुबह 7:58 बजे दंपती अपने बच्चे के साथ मैनपुरी डिपो की बस संख्या यूपी 75 एटी 2044 से आगरा के लिए रवाना हुए। मैनपुरी से आगरा की निर्धारित दूरी 128 किलोमीटर है। परिचालक ने दंपती के लिए 187-187 रुपये के दो फुल टिकट बनाए। बच्चे के लिए हाफ टिकट काटा गया, जिसकी कीमत 104 रुपये थी।
यात्रा पूरी करने के बाद जब परिवार आगरा से वापस मैनपुरी के लिए रवाना हुआ तो किराए में अलग स्थिति सामने आई।
वापसी में बच्चे का भी काट दिया 187 रुपये का टिकट
वापसी में परिवार आगरा के रामबाग से कन्नौज डिपो की बस संख्या यूपी 78 एचटी 4562 में सवार हुआ। यात्री ने मैनपुरी से आगरा जाते समय काटे गए टिकट के आधार पर परिचालक को किराए की जानकारी दी। इसके बावजूद परिचालक ने दोनों वयस्क यात्रियों के लिए 187-187 रुपये के टिकट काटे और 10 वर्षीय बच्चे का भी 187 रुपये का फुल टिकट बना दिया।
परिवार ने जब बच्चे के फुल टिकट पर आपत्ति जताई तो परिचालक ने स्पष्ट समाधान देने के बजाय कहा कि रास्ते में अगर चेकिंग टीम मिले तो उससे बात कर लेना। इससे यात्रियों में नाराजगी पैदा हुई। एक ही बच्चे के लिए एक दिशा में हाफ टिकट और दूसरी दिशा में फुल टिकट लिए जाने से रोडवेज के किराया सिस्टम और परिचालकों की जानकारी पर सवाल खड़े हुए हैं।
128 किमी रूट पर किराए की फीडिंग भी अलग
मैनपुरी से आगरा जाने वाली बस आईएसबीटी तक जाती है और निर्धारित दूरी 128 किलोमीटर है। हालांकि बड़ी संख्या में यात्री इससे पहले रामबाग, वाटर वर्क्स और भगवान टॉकीज जैसे स्थानों पर उतर जाते हैं। बताया गया है कि ईटीएम में इन अलग-अलग प्वाइंट की फीडिंग मौजूद है, लेकिन परिचालकों द्वारा बनाए जा रहे टिकटों में कई बार आईएसबीटी तक का किराया लिया जाता है।
मैनपुरी डिपो की स्टेशन प्रभारी शीबा सुहैब ने हाफ टिकट के किराए को लेकर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हाफ टिकट का मतलब केवल कुल किराए का आधा होना नहीं है। इसमें अलग-अलग टैक्स भी शामिल होते हैं। उनके अनुसार मैनपुरी से आगरा का मूल हाफ टिकट 83 रुपये है, जबकि टैक्स जोड़ने के बाद यात्री से 104 रुपये लिए जाते हैं।
डिपो में यात्रियों के लिए किराए की जानकारी नहीं
मामले का एक दूसरा पहलू मैनपुरी डिपो के स्टेशन परिसर में यात्रियों को मिलने वाली जानकारी से जुड़ा है। परिसर में ऐसा सिटीजन चार्टर नहीं लगाया गया है, जिससे यात्री किसी रूट का निर्धारित किराया और संबंधित टैक्स की जानकारी आसानी से हासिल कर सकें।
बच्चों के हाफ टिकट को लेकर भी परिचालकों की ओर से यात्रियों को स्पष्ट जानकारी नहीं दी जाती। ऐसे में यात्रियों को किराए को लेकर परिचालक पर निर्भर रहना पड़ता है। एक ही रूट पर बच्चे के टिकट को लेकर सामने आए अलग-अलग किराए ने व्यवस्था में पारदर्शिता की जरूरत को उजागर किया है।










