उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से 10 नदियां उफान पर हैं और 11 जिले बाढ़ प्रभावित हैं। लखनऊ के हनुमंत धाम में दो दशक बाद गर्भगृह तक पानी पहुंचा, जबकि 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम के बदले मिजाज से बाढ़ और बारिश की स्थिति गंभीर हो रही है। गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से लखनऊ के हनुमंत धाम और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक करीब 20 साल बाद पानी पहुंचा है। वहीं सरयू नदी के कटाव से गोंडा में किसानों की फसलें प्रभावित हुई हैं और 33 जिलों में बारिश का अलर्ट है।
गोमती के बढ़ते जलस्तर से हनुमंत धाम प्रभावित
लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार आठवें दिन बढ़ रहा है। इसका असर नदी किनारे बसे इलाकों के साथ धार्मिक स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। हनुमंत धाम परिसर में पानी भर गया है, जबकि लेटे हनुमान मंदिर के गर्भगृह तक भी पानी पहुंच गया। स्थानीय जानकारी के अनुसार वर्ष 2006 के बाद पहली बार गर्भगृह में इस तरह पानी पहुंचा है।
हनुमंत धाम के गोमती की ओर वाले हिस्से में पानी भरने के बाद मंदिर का पीछे वाला गेट बंद कर दिया गया है। शनि देव मंदिर परिसर भी जलभराव की चपेट में है। गोमती रिवर फ्रंट के दोनों ओर बने पाथ-वे तक पानी पहुंच चुका है। जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने फूड वैली को भी बंद कर दिया है।
फैजुल्लागंज इलाके में भी बाढ़ का असर व्यापक है। कई घरों में चार से पांच फीट तक पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। जलभराव के बीच लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। कुछ जगहों पर स्थानीय लोग उपलब्ध साधनों से पानी पार करने की कोशिश करते दिखाई दिए।
10 नदियां उफान पर, गोंडा में फसल नदी में समाई
पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश के बाद उत्तर प्रदेश की कई नदियों का जलस्तर बढ़ा है। फिलहाल 10 नदियों के उफान पर होने और 11 जिलों के बाढ़ प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है।
गोंडा में सरयू नदी के कटाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज कटान के कारण करीब दो बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई। लगातार बढ़ते जलस्तर और कटाव से नदी के आसपास के खेतों को नुकसान का खतरा बना हुआ है।
बस्ती के हर्रैया तहसील क्षेत्र में बसहवा स्थित अटल आवासीय विद्यालय परिसर में भी मनोरमा नदी और बारिश का पानी पहुंच गया है। इससे विद्यालय में रहने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
सोमवार देर शाम उत्तर प्रदेश के आठ जिलों में आंधी और बारिश हुई। बाराबंकी, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर में बारिश के साथ कई इलाकों में ओले भी गिरे। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना है।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह के अनुसार उत्तर प्रदेश से मानसून की वापसी हो चुकी है, लेकिन बिहार और यूपी के आसपास बारिश का नया सिस्टम सक्रिय है। बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के कारण मौसम में बदलाव हुआ है। इसके चलते अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने और कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग ने 6 अक्टूबर को प्रदेश के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। प्रशासन की ओर से लोगों को जलभराव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।












