UPPCS Result: एक ही परिवार के चार सदस्य अफसर बने, DSP से लेकर नायाब तहसीलदार तक चयन

UPPCS 2024 में प्रयागराज और देवरिया के परिवारों ने एक साथ सफलता पाई। DSP, CTO और तहसीलदार पदों पर चयन ने दी प्रेरणा।

UPPCS 2024 के नतीजों में दो परिवारों की खास सफलता चर्चा में रही, जहां ननद-भाभी और दो भाइयों ने एक साथ परीक्षा पास की। प्रयागराज और देवरिया के इन परिवारों की उपलब्धि ने प्रतियोगी परीक्षाओं में मेहनत और समर्पण की नई मिसाल पेश की है।

UPPCS 2024 Result: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा जारी UPPCS 2024 के परिणाम में प्रयागराज और देवरिया के दो परिवारों ने खास उपलब्धि हासिल की। इस परीक्षा में जहां आकृति शुक्ला DSP और उनकी भाभी श्रेया शुक्ला CTO बनीं, वहीं देवरिया के दो भाइयों अनिमेष और अभिषेक सिंह ने ट्रेजरी ऑफिसर और नायब तहसीलदार पद हासिल किया। 932 सफल अभ्यर्थियों के बीच यह सफलता इसलिए खास रही क्योंकि एक ही परिवार के कई सदस्यों ने एक साथ परीक्षा पास कर प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया।

ननद-भाभी की जोड़ी ने रचा इतिहास

प्रयागराज की आकृति शुक्ला और श्रेया शुक्ला की सफलता खास चर्चा में है। आकृति शुक्ला ने DSP पद हासिल किया, जबकि उनकी भाभी श्रेया शुक्ला का चयन कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) के रूप में हुआ है।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि दोनों ने एक ही परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया। जौनपुर मूल के इस परिवार की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है, जहां एक ही घर से दो प्रशासनिक अधिकारी बने।

दो भाइयों ने एक साथ पास की UPPCS परीक्षा

देवरिया के सिंह परिवार में भी खुशी का माहौल है, जहां दो भाइयों ने UPPCS 2024 में सफलता पाई। छोटे भाई अनिमेष कुमार सिंह ट्रेजरी ऑफिसर बने हैं, जबकि बड़े भाई अभिषेक कुमार सिंह का चयन नायब तहसीलदार के पद पर हुआ है।

दोनों भाइयों की पढ़ाई देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं से हुई है। अभिषेक ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से शिक्षा प्राप्त की, जबकि अनिमेष ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पढ़ाई की। उनकी सफलता यह दिखाती है कि सही दिशा और निरंतर मेहनत से बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

UPPCS 2024 रिजल्ट की खास बातें

इस साल UPPCS 2024 में कुल 932 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। परीक्षा में दिल्ली की नेहा पांचाल ने टॉप किया, जबकि रायबरेली की अन्यया त्रिवेदी दूसरे स्थान पर रहीं। खास बात यह रही कि टॉप 10 में 6 महिला उम्मीदवारों ने जगह बनाई, जो महिला सशक्तिकरण का मजबूत संकेत है।

यह परिणाम न सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है।

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