UPPSC प्रदर्शन के लिए प्रयागराज जाने वाले छात्रों का बढ़ा आक्रोश, ID चेकिंग पर छात्रों और पुलिस के बीच हुई नोकझोंक

UPPSC परीक्षा को लेकर प्रयागराज जाने वाले छात्रों का आक्रोश बढ़ गया है। ID चेकिंग के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। जानें इस घटना के बारे में

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) पर प्रदर्शन के लिए जा रहे छात्रों से आईडी चेकिंग पर हंगामा हुआ। प्रतियोगी छात्रों ने पुलिस अधिकारियों को घेरकर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

UPPSC Exam: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग पर प्रदर्शन के लिए जा रहे छात्रों से आईडी चेकिंग को लेकर हंगामा हुआ। टीबी सप्रू रोड स्थित चौराहे पर पुलिसकर्मियों ने छात्रों से आईडी मांगी, जिस पर छात्रों ने विरोध जताया और पुलिस अधिकारियों को घेर लिया। छात्रों का कहना था कि यह बिना कारण पूछताछ है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे धरना स्थल पर किसी संदिग्ध को रोकने के लिए चेकिंग कर रहे थे।

प्रदर्शन जारी, छात्रों ने जताया विरोध

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के बाहर प्रतियोगी छात्रों का विरोध प्रदर्शन सोमवार से लगातार जारी है। छात्रों का विरोध यूपीपीएससी द्वारा पीसीएस-2024 और आरओ/एआरओ-2023 प्रारंभिक परीक्षा को दो दिन में आयोजित करने के फैसले के खिलाफ है। छात्रों का कहना है कि एक ही दिन में परीक्षा आयोजित की जाए ताकि किसी तरह का भेदभाव न हो और सभी के लिए समान प्रश्न पत्र हो।

नार्मलाइजेशन प्रक्रिया पर असंतोष

प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा में नार्मलाइजेशन प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया है। उनका तर्क है कि अलग-अलग दिनों में आयोजित परीक्षा के परिणामों में भिन्नता आ सकती है, और नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया में विसंगतियां उत्पन्न हो सकती हैं, जिससे उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन नहीं हो सकेगा। छात्रों का कहना है कि दो दिवसीय परीक्षा प्रणाली उनके लिए अन्यायपूर्ण है और उन्हें निष्पक्ष परिणाम नहीं मिलेंगे।

अधिकारियों का समाधान पर विचार

यूपीपीएससी अधिकारियों ने छात्रों की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए समाधान की कोशिश की है, लेकिन फिलहाल दो दिवसीय परीक्षा के फैसले को बरकरार रखा है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्र निर्धारण की गाइडलाइन के अनुसार परीक्षा को दो दिन में आयोजित करना आवश्यक था, क्योंकि केंद्रों की उपलब्धता को लेकर समस्या आ रही थी।

छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे तब तक प्रदर्शन करते रहेंगे, जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती। उनकी मांग है कि परीक्षा एक ही दिन में हो ताकि सभी छात्रों को समान अवसर मिले और उनकी मेहनत का सही मूल्यांकन हो सके।

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