UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए हर साल IAS, IPS, IFS समेत कई सेवाओं के लिए अधिकारियों का चयन करता है। आमतौर पर करीब 175 से 180 उम्मीदवारों को IAS सेवा मिलती है। परीक्षा साल में एक बार तीन चरणों में आयोजित होती है।
नई दिल्ली: UPSC Civil Services Examination देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होकर IAS अधिकारी बनने का सपना देखते हैं। हालांकि आवेदन करने वालों की संख्या लाखों में होती है, लेकिन अंतिम चयन के बाद केवल सीमित उम्मीदवारों को ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में जगह मिल पाती है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि UPSC हर साल कितने IAS अधिकारियों का चयन करता है और इसकी पूरी प्रक्रिया कैसे काम करती है।
UPSC हर साल कितने IAS अधिकारियों का चयन करता है?
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) हर वर्ष सिविल सेवा परीक्षा आयोजित करता है, जिसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय विदेश सेवा (IFS), भारतीय राजस्व सेवा (IRS) सहित कई प्रतिष्ठित सेवाओं में नियुक्तियां की जाती हैं।

आमतौर पर हर साल लगभग 175 से 180 उम्मीदवारों को IAS सेवा आवंटित की जाती है। हालांकि यह संख्या रिक्त पदों और सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर थोड़ी बदल सकती है। कुल चयनित उम्मीदवारों की संख्या इससे कहीं अधिक होती है, क्योंकि UPSC केवल IAS ही नहीं बल्कि विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए भी अधिकारियों का चयन करता है।
IAS बनने के लिए अलग परीक्षा नहीं होती
कई छात्रों के मन में यह भ्रम रहता है कि IAS बनने के लिए कोई अलग परीक्षा होती है। वास्तव में ऐसा नहीं है। IAS, IPS, IFS और अन्य सेवाओं के लिए एक ही UPSC सिविल सेवा परीक्षा आयोजित की जाती है।
अंतिम परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवारों की रैंक, उनकी सेवा प्राथमिकता (Preference) और उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सेवाओं का आवंटन किया जाता है। यही कारण है कि बेहतर रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों को IAS सेवा मिलने की संभावना सबसे अधिक रहती है।
तीन चरणों में पूरी होती है परीक्षा
UPSC सिविल सेवा परीक्षा वर्ष में एक बार आयोजित की जाती है और इसे तीन चरणों में पूरा किया जाता है।
1. प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
यह परीक्षा का पहला चरण होता है। इसमें वस्तुनिष्ठ (Objective) प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसका उद्देश्य बड़ी संख्या में उम्मीदवारों में से योग्य अभ्यर्थियों का चयन करना होता है। प्रीलिम्स केवल क्वालिफाइंग प्रकृति की परीक्षा है।
2. मुख्य परीक्षा (Mains)
प्रीलिम्स में सफल उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल होते हैं। यह लिखित परीक्षा होती है, जिसमें विश्लेषणात्मक सोच, विषय की समझ, अभिव्यक्ति क्षमता और प्रशासनिक दृष्टिकोण का मूल्यांकन किया जाता है।
3. व्यक्तित्व परीक्षण (Interview)
मुख्य परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इसमें उम्मीदवार के व्यक्तित्व, निर्णय क्षमता, नेतृत्व गुण, सामाजिक समझ और प्रशासनिक दृष्टिकोण को परखा जाता है।
लाखों में आवेदन, चयन कुछ सौ का
हर वर्ष लाखों उम्मीदवार UPSC परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं। इनमें से बड़ी संख्या प्रीलिम्स परीक्षा में शामिल होती है, लेकिन केवल कुछ हजार उम्मीदवार ही मुख्य परीक्षा तक पहुंच पाते हैं। इसके बाद इंटरव्यू और अंतिम मेरिट सूची के आधार पर लगभग एक हजार के आसपास उम्मीदवार विभिन्न सेवाओं के लिए चुने जाते हैं।
इन चयनित अभ्यर्थियों में से करीब 175 से 180 उम्मीदवारों को IAS सेवा आवंटित की जाती है। यही वजह है कि IAS को देश की सबसे प्रतिस्पर्धी और प्रतिष्ठित सेवाओं में गिना जाता है।
क्यों खास है IAS सेवा?
IAS अधिकारी देश की प्रशासनिक व्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। जिला प्रशासन से लेकर राज्य और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण विभागों तक उनकी भूमिका बेहद अहम होती है। नीति निर्माण, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनसेवा से जुड़े कार्यों में IAS अधिकारियों की सीधी भागीदारी रहती है।
यही कारण है कि हर साल लाखों युवा UPSC परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन कड़ी प्रतिस्पर्धा, सीमित सीटों और कठिन चयन प्रक्रिया के कारण केवल चुनिंदा उम्मीदवार ही IAS बनने का सपना पूरा कर पाते हैं।










