बरेली के तीन होनहार युवाओं ने UPSC 2025 में जिले का मान बढ़ाया। पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी सुरभि यादव ने 14वीं रैंक पाई, वनज विद्यान ने 278वीं और मिनहाज शकील ने 513वीं रैंक हासिल की। इनके प्रयास और लगन ने साबित किया कि निरंतर मेहनत और सही रणनीति से कठिन प्रतियोगी परीक्षा में सफलता संभव है।
UPSC 2025 Result: बरेली के तीन प्रतिभाशाली युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन किया। पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी सुरभि यादव ने 14वीं रैंक हासिल की, वहीं वनज विद्यान और मिनहाज शकील ने क्रमशः 278वीं और 513वीं रैंक पाई। दिल्ली विश्वविद्यालय और IIT दिल्ली से शिक्षा प्राप्त इन उम्मीदवारों ने लगातार मेहनत और सही योजना के दम पर यह मुकाम हासिल किया। इनके प्रयास ने बरेली में उत्साह और गर्व का माहौल बना दिया और अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश दिया।
बरेली के तीन युवा UPSC 2025 में बने प्रेरणा स्रोत
बरेली जिले के तीन होनहार उम्मीदवारों ने UPSC 2025 में सफलता हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है। पुलिस इंस्पेक्टर की बेटी सुरभि यादव ने ऑल इंडिया 14वीं रैंक पाई, वहीं वनज विद्यान ने 278वीं और मिनहाज शकील ने 513वीं रैंक हासिल की। यह उपलब्धि बरेली की प्रतिभाओं और मेहनती युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई है।
सुरभि यादव चौथे प्रयास में IAS की ऊंचाई
सुरभि यादव ने अपने चौथे प्रयास में UPSC 2025 में 14वीं रैंक हासिल की। वर्तमान में दिल्ली में ‘माय भारत’ कार्यक्रम में उपनिदेशक के पद पर कार्यरत सुरभि ने 2024 के प्रीलिम्स फेल होने के बावजूद हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में ऑनर्स किया और जामिया मिलिया इस्लामिया से तैयारी को धार दी। उनके पिता राकेश यादव, यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर, हमेशा उनकी सफलता के पीछे प्रेरणा का स्रोत रहे।
सुरभि की सफलता यह संदेश देती है कि निरंतर प्रयास और लगन से कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किया जा सकता है। जिले और समाज में उनके इस मुकाम पर गर्व का माहौल है।

वनज विद्यान DPS बरेली का मेधावी सितारा
बरेली के ही वनज विद्यान ने 278वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा साबित की। DPS बरेली के पूर्व छात्र वनज ने लगातार अभ्यास और धैर्य से यह मुकाम हासिल किया। उनके परिवार, स्कूल और शिक्षकों ने इस उपलब्धि को पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा माना है।
वनज की कहानी यह दर्शाती है कि सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत किसी भी चुनौती को पार कर सकती है। घर में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
मिनहाज शकील IIT से UPSC तक का सफर
बहेड़ी के रिच्छा कस्बे के रहने वाले मिनहाज शकील ने 513वीं रैंक पाई। IIT दिल्ली से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करने के बाद मिनहाज ने तीन साल नौकरी की, लेकिन उनका लक्ष्य सिविल सेवा था। उन्होंने IFoS की लिखित परीक्षा भी पास की और अब UPSC इंटरव्यू का इंतजार कर रहे हैं।
मिनहाज की कहानी तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवाओं के लिए प्रेरक उदाहरण है कि सही योजना और लक्ष्य के साथ मेहनत करने से प्रशासनिक क्षेत्र में सफलता संभव है।
बरेली में खुशी की लहर
सुरभि, वनज और मिनहाज की सफलता यह दर्शाती है कि बरेली जिले की धरती प्रतिभाओं से भरपूर है। प्रशासनिक और अकादमिक सफलता के इस संगम ने जिले का नाम पूरे देश में रोशन किया है।
इनकी मेहनत और लगन अन्य युवाओं को भी UPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रेरणा देने वाली है।








