प्रयागराज की अनन्या सिंह ने बिना कोचिंग सिर्फ एक साल की मेहनत से यूपीएससी 2019 में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। 22 साल की उम्र में आईएएस बनी अनन्या ने disciplined पढ़ाई, नियमित नोट्स और स्मार्ट समय प्रबंधन से सफलता पाई। उनकी कहानी युवा उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा और आत्मनिर्भर तैयारी का उदाहरण है।
UPSC Success Story: प्रयागराज की अनन्या सिंह ने सिर्फ एक साल की तैयारी में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। उन्होंने बिना किसी कोचिंग के अपनी लगन और रणनीति से यह मुकाम पाया। दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से ग्रेजुएशन के बाद, उन्होंने रोजाना 6-8 घंटे पढ़ाई की, नोट्स बनाए और प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा की तैयारी एक साथ की। उनकी उपलब्धि साबित करती है कि सही दिशा और अनुशासन के साथ कम समय में भी सफलता संभव है।
कम समय में शानदार सफलता
प्रयागराज की अनन्या सिंह ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2019 में बिना कोचिंग सिर्फ एक साल की मेहनत से ऑल इंडिया रैंक 51 हासिल की। यह उपलब्धि उस धारणा को चुनौती देती है कि सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने के लिए लंबी तैयारी और कोचिंग जरूरी है। 22 साल की उम्र में अनन्या ने अपना बचपन का सपना साकार किया और वर्तमान में West Bengal कैडर में प्रशासनिक सेवा निभा रही हैं।

शिक्षा और प्रारंभिक तैयारी
अनन्या की पढ़ाई सेंट मैरी कान्वेंट स्कूल प्रयागराज से शुरू हुई। 10वीं में 96 प्रतिशत और 12वीं में 98.25 प्रतिशत अंक लाकर उन्होंने जिला टॉपर बनने का गौरव पाया। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में ग्रेजुएशन पूरा किया। कॉलेज के अंतिम वर्ष में उन्होंने तय किया कि अब यूपीएससी की तैयारी शुरू करनी है।
पढ़ाई का तरीका और समय प्रबंधन
अनन्या ने रोजाना 7-8 घंटे पढ़ाई से शुरुआत की और आधार मजबूत होने के बाद रोज 6 घंटे का नियम अपनाया। उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी साथ-साथ की। नोट्स बनाना उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ, जिससे पढ़ाई याद रखना और दोहराना आसान हो गया।
प्रेरणा और सफलता का संदेश
अनन्या की कहानी यह दिखाती है कि सही दिशा, समर्पण और अनुशासन से बिना कोचिंग भी UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है। उनकी मेहनत और रणनीति युवा उम्मीदवारों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।








