राजस्थान के अलवर के प्रेम प्रकाश मीणा ने रूस और अजरबैजान में नौकरी के बाद 2014 में UPSC की तैयारी शुरू की। बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से परीक्षा पास कर वे उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी बने।
UPSC Success Story: प्रेम प्रकाश मीणा का सफर उन अभ्यर्थियों के लिए खास है, जिन्होंने करियर के बीच सिविल सेवा का लक्ष्य बनाया है। विदेशों में कॉर्पोरेट नौकरी करने के बाद उन्होंने समाज के लिए काम करने का फैसला लिया और बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी के जरिए IAS बनने का लक्ष्य हासिल किया।
अलवर से हैं प्रेम प्रकाश, रूस सहित कई देशों में की नौकरी

राजस्थान के अलवर जिले से ताल्लुक रखने वाले प्रेम प्रकाश मीणा ने शिक्षा पूरी करने के बाद कॉर्पोरेट सेक्टर में अपना करियर बनाया। उन्होंने रूस और अजरबैजान समेत कई देशों में नौकरी की, जहां उन्होंने सफल और आरामदायक जीवन बिताया। हालांकि, वर्ष 2014 में उन्होंने अपने करियर और जीवन के उद्देश्य को लेकर नए सिरे से विचार किया और समाज के लिए जमीनी स्तर पर सार्थक योगदान देने का फैसला किया।
विदेशी नौकरी छोड़ना नहीं था आसान फैसला
डॉलर में मिलने वाली प्रतिष्ठित नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी शुरू करना प्रेम प्रकाश के लिए बड़ा बदलाव था। उनके इस फैसले पर परिवार और आसपास के लोगों ने सवाल भी उठाए। उन्हें यह तक कहा गया कि लगभग 10 साल तक पढ़ाई से दूर रहने के बाद UPSC जैसी कठिन परीक्षा पास करना आसान नहीं होगा।
इसके बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने तैयारी के लिए खुद की रणनीति तैयार की और पढ़ाई को नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाया।
बिना कोचिंग सेल्फ स्टडी से तैयार की रणनीति
प्रेम प्रकाश ने UPSC की तैयारी के लिए किसी कोचिंग संस्थान पर निर्भर रहने के बजाय सेल्फ स्टडी को चुना। उन्होंने हर विषय को समझने के लिए निर्धारित समय तय किया और अपनी कमजोरियों पर लगातार काम किया।
तैयारी के दौरान उन्होंने किताबों और मॉक टेस्ट पर विशेष ध्यान दिया। इसके साथ ही न्यूजपेपर पढ़ना भी उनकी तैयारी का हिस्सा रहा। करंट अफेयर्स को समझने और परीक्षा के लिहाज से जरूरी विषयों पर पकड़ बनाने के लिए उन्होंने नियमित अध्ययन जारी रखा।
पहले प्रयास में मिली सफलता, दूसरे प्रयास में पूरा हुआ IAS का लक्ष्य
अच्छी तैयारी के साथ प्रेम प्रकाश ने UPSC परीक्षा दी और पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की। हालांकि, उनका लक्ष्य केवल परीक्षा पास करना नहीं बल्कि IAS अधिकारी बनना था। इसलिए उन्होंने अपनी तैयारी जारी रखी।
दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन को और बेहतर किया और IAS बनने का लक्ष्य हासिल किया। इसके बाद उन्हें उत्तर प्रदेश कैडर मिला। उनका सफर करियर के बीच सिविल सेवा में आने और लंबे अंतराल के बाद दोबारा गंभीरता से पढ़ाई शुरू करने की कहानी बताता है।
IAS बनने के बाद लोगों तक पहुंचने पर जोर
IAS अधिकारी बनने के बाद प्रेम प्रकाश मीणा ने प्रशासनिक कामकाज में लोगों तक सीधे पहुंचने पर जोर दिया। उन्होंने ‘न्याय आपके द्वार’ जैसी पहल के जरिए लोगों की समस्याओं को उनके बीच जाकर सुनने और मौके पर समाधान कराने का प्रयास किया।
कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ने के पीछे उनका उद्देश्य समाज के लिए जमीनी स्तर पर काम करना था। IAS अधिकारी बनने के बाद प्रशासनिक जिम्मेदारियों के जरिए वह इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।










