उत्कर्ष श्रीवास्तव ने ग्रेजुएशन में 49% अंक और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में असफलताओं के बावजूद तैयारी जारी रखी। हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने वाले उत्कर्ष ने UPSC 2024 में पांचवें प्रयास में AIR 498 हासिल कर IRS सेवा पाई।
UPSC Success Story: उत्कर्ष श्रीवास्तव की कहानी उन अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा है जो कमजोर एकेडमिक रिकॉर्ड या लगातार असफलताओं के कारण अपने लक्ष्य को मुश्किल मान लेते हैं। 49% ग्रेजुएशन स्कोर, बैकबेंचर का टैग और PCS में कई नाकामियों के बाद भी उन्होंने तैयारी नहीं छोड़ी। हिंदी मीडियम से पढ़ाई करने वाले उत्कर्ष ने UPSC 2024 के पांचवें प्रयास में AIR 498 हासिल की और IRS अधिकारी बने।
हिंदी मीडियम से पढ़ाई और सीमित किताबों पर फोकस
उत्कर्ष ने गोरखपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। उनकी पढ़ाई हिंदी मीडियम से हुई थी। UPSC की तैयारी के दौरान उन्होंने बहुत ज्यादा किताबें जुटाने के बजाय चुनिंदा स्टडी मटेरियल पर फोकस किया।
भारतीय राजनीति की तैयारी के लिए उन्होंने एम. लक्ष्मीकांत की किताब का सहारा लिया। वहीं, अलग-अलग विषयों की बेसिक समझ मजबूत करने के लिए NCERT की किताबों पर भरोसा किया। उनकी तैयारी का मुख्य फोकस केवल किताबें पढ़ने के बजाय कॉन्सेप्ट को समझने पर रहा।
PCS में कई बार असफलता, जेल वार्डेन की दौड़ में भी चूके
UPSC में सफलता हासिल करने से पहले उत्कर्ष को कई असफलताओं का सामना करना पड़ा। उनके इंटरव्यू के मुताबिक, वह PCS प्रीलिम्स में 5-6 बार सफल नहीं हो पाए। इसके अलावा यूपी पुलिस जेल वार्डेन भर्ती की शारीरिक परीक्षा में भी उन्हें निराशा मिली।
जेल वार्डेन की दौड़ पूरी करने में वह महज 7 सेकंड से पीछे रह गए। हालांकि, इसी दौरान एक IPS अधिकारी को देखकर उनके मन में सिविल सेवा में जाने का लक्ष्य और मजबूत हुआ। इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी को गंभीरता से आगे बढ़ाया।
लगातार मिल रही असफलताओं के बावजूद उन्होंने तैयारी छोड़ने के बजाय अपनी रणनीति पर काम जारी रखा। यही निरंतरता आगे चलकर उनकी सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रही।
ब्रेकअप के मुश्किल दौर में भी जारी रखी तैयारी
उत्कर्ष के संघर्ष में निजी जिंदगी की चुनौतियां भी शामिल रहीं। तैयारी के दौरान उनका अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हुआ और रिश्ता खत्म हो गया। यह उनके लिए भावनात्मक रूप से मुश्किल समय था, लेकिन उन्होंने इस परेशानी को अपने लक्ष्य पर हावी नहीं होने दिया।
इस दौरान परिवार का समर्थन भी उनके लिए महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने व्यक्तिगत परेशानियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी और UPSC के लक्ष्य पर ध्यान बनाए रखा।
पांचवें प्रयास में AIR 498, बने IRS अधिकारी
कई असफल प्रयासों के बाद उत्कर्ष ने UPSC Civil Services Examination 2024 में अपना पांचवां प्रयास दिया। इस बार उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 498 हासिल की।
UPSC की आधिकारिक मेरिट सूची में उनका नाम, रोल नंबर और अंतिम अंक दर्ज हुए। बाद में सेवा आवंटन के रिकॉर्ड के अनुसार उन्हें IRS (C&IT) यानी Indian Revenue Service, Customs & Indirect Taxes मिला।
उत्कर्ष की कहानी दिखाती है कि कम प्रतिशत, बैकबेंचर का टैग या शुरुआती असफलताएं किसी उम्मीदवार की अंतिम मंजिल तय नहीं करतीं। सही रणनीति, लगातार मेहनत और लक्ष्य पर फोकस के साथ हिंदी मीडियम से पढ़ने वाला उम्मीदवार भी UPSC जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर सकता है।











