उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा पार कर गया। आरती घाट जलमग्न होने पर पुलिस, जल पुलिस और SDRF ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजा।
ऋषिकेश: पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से जारी बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ गया है। रविवार शाम चार बजे जल स्तर 339.85 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से महज 0.65 मीटर कम था। बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला में पुलिस तथा SDRF की टीमें अलर्ट पर रहीं और घाटों को खाली कराया गया।
गंगा आरती घाटों तक पहुंचा पानी
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर ऋषिकेश में गंगा के जल स्तर पर दिखाई दिया। रविवार सुबह से ही नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा। ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट समेत रामझूला, तपोवन और स्वर्गाश्रम के गंगा आरती घाट जलमग्न हो गए। स्वर्गाश्रम में गंगा का पानी शिव मूर्ति तक पहुंच गया।

जल स्तर बढ़ने के साथ प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी। ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला पुलिस के साथ जल पुलिस तथा SDRF के जवानों को घाटों पर तैनात किया गया। सुरक्षा को देखते हुए संभावित खतरे वाले घाटों को खाली कराया गया और श्रद्धालुओं को गंगा से दूर रहने की हिदायत दी गई।
339.85 मीटर पहुंचा जल स्तर
रविवार सुबह करीब 12 बजे गंगा का जल स्तर चेतावनी रेखा को पार करने लगा था। इसके बाद पानी लगातार बढ़ता रहा। शाम चार बजे गंगा का जल स्तर 339.85 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 340.50 मीटर से महज 0.65 मीटर कम था।
गंगा के जल स्तर की चेतावनी रेखा 339.50 मीटर निर्धारित है, जबकि खतरे का निशान 340.50 मीटर है। जल स्तर चेतावनी रेखा से ऊपर पहुंचने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने घाटों पर मौजूद लोगों को वहां से हटाना शुरू किया।
त्रिवेणी घाट सहित अन्य घाटों पर जल पुलिस की टीमों ने मुनादी कर श्रद्धालुओं को बढ़ते जल स्तर के खतरे की जानकारी दी। लोगों को संभावित खतरे वाले क्षेत्रों से दूर किया गया, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
24 घंटे अलर्ट पर पुलिस और SDRF
बढ़ते जल स्तर को देखते हुए ऋषिकेश, मुनिकीरेती और लक्ष्मणझूला क्षेत्र में जल पुलिस तथा SDRF के जवान लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस टीमों ने घाटों और नदी के आसपास मौजूद लोगों को गंगा के करीब नहीं जाने की अपील की।
कोतवाली ऋषिकेश के प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि गंगा का जल स्तर बढ़ने के कारण श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस की कई टीमों को 24 घंटे अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जल स्तर बढ़ने की स्थिति में गंगा के समीप जाने से बचें।
लगातार बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों से गंगा में पानी की आवक बढ़ने से ऋषिकेश और आसपास के घाटों पर प्रशासन की निगरानी बढ़ाई गई है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां जल स्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।












