पंजाब सरकार ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम, 2026’ की कुछ धाराओं पर उठी आपत्तियों को दूर करने की प्रक्रिया तेज की है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 सितंबर को सात सदस्यीय कमेटी संग बैठक की।
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ के प्रावधानों और इसके क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दों पर सात सदस्यीय समन्वय कमेटी के साथ चर्चा की। बैठक में कानून को मजबूत करने और सामने आई आपत्तियों के कानूनी व प्रक्रियात्मक पहलुओं पर विचार किया गया। कमेटी आगे सरकार को सुझाव और रिपोर्ट देगी।
एक्ट की धाराओं और कानूनी पहलुओं पर चर्चा
पंजाब सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर उठी आपत्तियों पर आगे की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चंडीगढ़ स्थित अपने आवास पर सात सदस्यीय उच्चस्तरीय समन्वय कमेटी के साथ बैठक कर एक्ट के विभिन्न प्रावधानों और इनके क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर चर्चा की। सरकारी जानकारी के अनुसार, बैठक का उद्देश्य कानून में प्रस्तावित बदलावों को सभी कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं के अनुरूप तैयार करना था।

यह सात सदस्यीय कमेटी पंजाब सरकार ने सितंबर में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से गठित समिति के साथ समन्वय के लिए बनाई थी। कमेटी को एक्ट से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के साथ सरकार को सुझाव और रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई है।
कमेटी में धार्मिक और कानूनी विशेषज्ञ शामिल
सरकार की ओर से गठित कमेटी में श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह, दमदमी टकसाल के प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा, संत बाबा सेवा सिंह रामपुर खेड़ा, न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त जसपाल सिंह, न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त गुरबीर सिंह, पूर्व आईपीएस अधिकारी और पंजाब लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष जतिंदर सिंह औलख तथा लॉ अफसर प्रीत इंदर पाल सिंह शामिल हैं।
अधिनियम को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से कई प्रावधानों पर आपत्तियां जताई गई हैं। इनमें विशेष रूप से ‘कस्टोडियन’ की परिभाषा और भूमिका तथा गुरु ग्रंथ साहिब के सरूपों से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, अकाल तख्त ने संशोधित कानून की पांच धाराओं में कम से कम 10 बदलाव सुझाए हैं।
सरकार ने संशोधनों के लिए शुरू की प्रक्रिया
‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतकार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ को पंजाब विधानसभा ने अप्रैल में पारित किया था। बाद में इसके कुछ प्रावधानों को लेकर आपत्तियां सामने आईं और सरकार से कानून में सुधारात्मक संशोधन करने को कहा गया। जून में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से सरकार को आपत्तियों पर कार्रवाई करने के लिए समयसीमा भी दी गई थी।
अब सात सदस्यीय कमेटी एक्ट के प्रावधानों और इसके लागू होने से जुड़े पहलुओं पर विचार कर रही है। सरकार का कहना है कि प्रस्तावित संशोधनों में कानूनी और प्रक्रियात्मक पहलुओं को ध्यान में रखा जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता और सतकार से जुड़े प्रावधानों को प्रभावी तरीके से लागू करने में सक्षम हो।











