दलीप ट्रॉफी 2026 के क्वार्टर फाइनल में ईशान किशन की कप्तानी वाली ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को एक पारी और 210 रन से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। इस मुकाबले में ईस्ट जोन के उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी बल्ले से सिर्फ 8 रन बना सके, लेकिन गेंदबाजी में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।
Vaibhav Suryavanshi Bowling: भारतीय क्रिकेट के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने दलीप ट्रॉफी 2026 के मुकाबले में गेंद से भी अपनी प्रतिभा दिखाई। ईस्ट जोन और नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच खेले गए मुकाबले में वैभव ने दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए। बल्ले से उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा और वह केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन गेंदबाजी में उनके योगदान ने टीम की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।
मुकाबला खत्म होने के बाद वैभव ने अपनी गेंदबाजी को लेकर दिलचस्प खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जब विपक्षी टीम के विकेट नहीं गिर रहे थे, तब उन्हें कुछ ओवर गेंदबाजी करने का मौका मिला। वैभव के मुताबिक, टीम के कप्तान ईशान किशन को लगा था कि उन्हें गेंद सौंपना एक तरह का जोखिम हो सकता है, लेकिन युवा खिलाड़ी ने इस मौके को विकेट में बदल दिया।
‘उन्हें नहीं पता था कि मैं विकेट टेकर हूं’
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की ओर से साझा किए गए एक वीडियो में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी गेंदबाजी की रणनीति के बारे में बताया। वैभव ने कहा कि एक समय नॉर्थ ईस्ट जोन के बल्लेबाज अच्छी तरह टिके हुए थे और विकेट नहीं मिल रहे थे। इसी दौरान उन्हें 2-3 ओवर गेंदबाजी करने के लिए कहा गया।
युवा क्रिकेटर ने मजाकिया अंदाज में बताया कि ईशान किशन को लगा कि उन्हें गेंद देकर शायद जोखिम लिया जा रहा है। वैभव ने कहा कि टीम के कप्तान को यह नहीं पता था कि वह ‘विकेट टेकर’ हैं।
उनके दिमाग में उस समय केवल एक बात थी कि भले ही उन्हें पांच विकेट लेने का मौका मिले, उन्हें सिर्फ तीन ओवर ही मिल सकते हैं। इसलिए उन्होंने इन सीमित ओवरों में सही लाइन और लेंथ के साथ आक्रामक गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया।
3 ओवर में मौके का उठाया फायदा
वैभव ने बताया कि उन्हें जितने ओवर मिले, उनमें उनका लक्ष्य बल्लेबाजों को लगातार दबाव में रखना था। सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करने का फायदा उन्हें विकेट के रूप में मिला। दो विकेट हासिल करने के बाद वैभव काफी उत्साहित नजर आए। उन्होंने कहा कि इस मुकाबले में बल्लेबाजी में उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था, इसलिए गेंद से टीम के लिए योगदान देना उनके लिए खास अनुभव रहा।
उनका मानना है कि एक बल्लेबाज के लिए विकेट लेना अलग तरह की खुशी देता है। इसी तरह गेंदबाजों को भी बल्लेबाजी करने में मजा आता है। वैभव ने कहा कि क्रिकेट में दोनों भूमिकाओं का अपना अलग रोमांच है।

बल्ले से नहीं चला वैभव का बल्ला
दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले में वैभव से बल्लेबाजी में बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वह केवल 8 रन बनाकर आउट हो गए। हालांकि, बल्लेबाजी में जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने गेंदबाजी में खुद को साबित करने का मौका नहीं गंवाया। दो विकेट लेकर उन्होंने दिखाया कि वह जरूरत पड़ने पर टीम के लिए गेंद से भी योगदान दे सकते हैं। उनका यह प्रदर्शन इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वैभव अभी बेहद कम उम्र में घरेलू क्रिकेट के बड़े मंच पर लगातार अपनी क्षमता दिखा रहे हैं।
ईस्ट जोन ने दर्ज की बड़ी जीत
ईस्ट जोन ने नॉर्थ ईस्ट जोन को पारी और 210 रन से हराकर दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की की। टीम के लिए वैभव के अलावा कई खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुकाबले में ईस्ट जोन ने शुरू से ही दबाव बनाए रखा और गेंदबाजों ने नॉर्थ ईस्ट जोन की बल्लेबाजी को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। इस बड़ी जीत के साथ ईस्ट जोन ने टूर्नामेंट के अगले चरण में प्रवेश किया है।
30 अगस्त से शुरू होंगे सेमीफाइनल
दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले 30 अगस्त से बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेले जाएंगे। पहले सेमीफाइनल में ईस्ट जोन का सामना सेंट्रल जोन से होगा। वहीं दूसरे सेमीफाइनल में साउथ जोन और नॉर्थ जोन आमने-सामने होंगे। ईस्ट जोन के सेमीफाइनल मुकाबले में एक बार फिर सबकी नजरें वैभव सूर्यवंशी पर होंगी। क्वार्टर फाइनल में बल्ले से केवल 8 रन बनाने वाले वैभव अब अगले मैच में बड़ी पारी खेलकर टीम को फाइनल में पहुंचाने की कोशिश करेंगे।









