20 मई को मनाई जाने वाली वरदा चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
वरदा चतुर्थी : Varada Chaturthi के दिन भगवान Ganesha की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। इस बार यह व्रत 20 मई को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक गणपति बप्पा की आराधना और ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ करने से धन संबंधी समस्याएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
वरदा चतुर्थी पर क्यों खास होती है गणेश पूजा
हिंदू धर्म में चतुर्थी तिथि को भगवान Ganesha की आराधना के लिए बेहद शुभ माना गया है। वरदा चतुर्थी के दिन भक्त गणपति बप्पा का व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक पूजा करते हैं। पूजा में मोदक, फल और दूर्वा अर्पित करने की परंपरा है।

मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से पूजा करने पर गणेश जी भक्तों के सभी विघ्न दूर करते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। खासतौर पर आर्थिक परेशानियों से छुटकारा पाने के लिए इस दिन ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र का पाठ लाभकारी माना जाता है।
ऋणमुक्ति गणेश स्तोत्र पाठ के बताए गए लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ऋणमुक्ति श्रीगणेश स्तोत्र का नियमित पाठ करने से व्यक्ति को कर्ज और आर्थिक संकटों से राहत मिलती है। इसके साथ ही घर में सकारात्मक ऊर्जा और खुशहाली बनी रहती है।
कहा जाता है कि श्रद्धा और नियमपूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करने से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और धन लाभ के योग बनने लगते हैं। कई लोग इसे मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी मानते हैं।
इन मंत्रों के जप का भी है विशेष महत्व
वरदा चतुर्थी के दिन गणेश मंत्रों का जप करना भी शुभ माना गया है। “वक्रतुण्ड महाकाय” और “ॐ एकदन्ताय विद्धमहे” जैसे मंत्रों का जाप करने से कार्यों में आने वाली रुकावटें दूर होने की मान्यता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए पूजा के दौरान श्रद्धा, संयम और सकारात्मक भाव बनाए रखना बेहद जरूरी माना गया है।








