अजमेर में पुलिस ने होटल और रिसोर्ट में चल रहे IPL सट्टा रैकेट का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में 5 सटोरियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से मोबाइल, टैबलेट, लग्जरी वाहन और करोड़ों रुपये के लेनदेन के सबूत बरामद हुए हैं।
अजमेर: राजस्थान के अजमेर जिले में पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन IPL सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह नेटवर्क होटल और रिसॉर्ट के कमरों से संचालित किया जा रहा था, जहां आरोपी मोबाइल ऐप, टैबलेट और डिजिटल उपकरणों की मदद से करोड़ों रुपये के दांव लगा रहे थे।
पुलिस की इस कार्रवाई में कुल 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और लग्जरी वाहन जब्त किए गए हैं।
कैसे हुआ खुलासा? पुलिस को मिली थी गुप्त सूचना
यह कार्रवाई जिला स्पेशल टीम (DST), गेगल थाना पुलिस और मदनगंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। पुलिस को सूचना मिली थी कि IPL मैचों के दौरान कुछ लोग होटल और रिसॉर्ट में बैठकर ऑनलाइन सट्टेबाजी चला रहे हैं।
सूचना के आधार पर पुलिस ने रविवार को दो अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की—
- वेदांता रिसॉर्ट, दाता गांव (गेगल थाना क्षेत्र)
- होटल न्यू राजमहल, किशनगढ़
- वेदांता रिसॉर्ट में तीन आरोपी गिरफ्तार
पहली बड़ी कार्रवाई वेदांता रिसॉर्ट में की गई, जहां कंटेनर रूम में तीन युवक IPL मैच पर सट्टेबाजी करते हुए पकड़े गए।
- गिरफ्तार आरोपी:
- सूर्याकांत दाधीच उर्फ बंटी (अजमेर)
- विकास रावत (गेगल)
- हनी उपाध्याय (अजमेर)
पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल और टैबलेट के जरिए IPL मैच (रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनाम पंजाब) पर सट्टा लगा रहे थे। ये आरोपी बड़े सटोरियों से “लाइन” लेकर ऑनलाइन दांव संचालित कर रहे थे।
करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में करोड़ों रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मौजूद था।

आरोपी रोजाना लाखों रुपये के दांव लगाते और हार-जीत का हिसाब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रखते थे। पुलिस ने मौके से डायरी और डिजिटल डेटा भी बरामद किया, जिसमें पूरे नेटवर्क की गतिविधियों का विवरण दर्ज था।
जब्त किए गए सामान की सूची
छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद की, जिसमें शामिल हैं:
- 1 टैबलेट
- 7 मोबाइल फोन
- हिसाब-किताब की डायरी
- ₹41,730 नकद
- महिंद्रा थार SUV
- हुंडई एक्सटर कार
- अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण
इन सभी वस्तुओं को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
किशनगढ़ के होटल में दूसरी रेड, दो और गिरफ्तार
दूसरी कार्रवाई किशनगढ़ स्थित होटल न्यू राजमहल में की गई। यहां रूम नंबर 403 में दो आरोपी IPL मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए पकड़े गए।
गिरफ्तार आरोपी
- दिनेश यादव (अजमेर)
- ओमप्रकाश यादव (अजमेर)
यह आरोपी मोबाइल ऐप और LED टीवी के जरिए दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के मैच पर सट्टा संचालित कर रहे थे।
होटल से चल रहा था संगठित सट्टेबाजी नेटवर्क
जांच में सामने आया कि यह कोई छोटा स्तर का सट्टा नहीं था, बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जो राजस्थान के अलग-अलग शहरों में फैला हुआ था।
आरोपी होटल के कमरों को अस्थायी दफ्तर की तरह इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि पुलिस की नजर से बचा जा सके। वे लगातार मोबाइल नेटवर्क और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बड़े सटोरियों से जुड़े रहते थे।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी धाराएं
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और संबंधित जुआ एवं सट्टेबाजी कानूनों के तहत मामला दर्ज किया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
रिसॉर्ट और होटल की भूमिका की जांच
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या होटल और रिसॉर्ट प्रबंधन को इस अवैध गतिविधि की जानकारी थी या नहीं। यदि किसी प्रकार की मिलीभगत सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
IPL सट्टेबाजी का बढ़ता खतरा
भारत में IPL जैसे लोकप्रिय क्रिकेट टूर्नामेंट के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामलों में तेजी से वृद्धि देखी जाती है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप्स के जरिए यह नेटवर्क बेहद तेजी से फैलता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गतिविधियां न केवल अवैध हैं बल्कि युवाओं को वित्तीय नुकसान और अपराध की ओर भी धकेल सकती हैं।
डिजिटल सट्टेबाजी का नया तरीका
इस मामले में सामने आया कि आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रहे थे—
- मोबाइल सट्टा ऐप्स
- टैबलेट आधारित सिस्टम
- LED टीवी पर लाइव मैच मॉनिटरिंग
- एन्क्रिप्टेड चैट ग्रुप्स
यह दिखाता है कि सट्टेबाजी अब पारंपरिक तरीकों से निकलकर पूरी तरह डिजिटल और संगठित रूप ले चुकी है।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
अजमेर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह कार्रवाई एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है और जांच जारी है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के पीछे कौन बड़े सटोरिए हैं और पैसे का प्रवाह किन-किन चैनलों से हो रहा है।











