VB-G Ram Ji योजना पर सरकार का पलटवार, मंत्रियों को भेजी फैक्ट रिपोर्ट

VB-G Ram Ji योजना पर सरकार का पलटवार, मंत्रियों को भेजी फैक्ट रिपोर्ट

VB-G Ram Ji योजना पर विपक्ष के हमलों के बीच सरकार ने रणनीति तेज की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने केंद्रीय मंत्रियों को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है, ताकि वे जनसभाओं में तथ्यों के साथ कांग्रेस के आरोपों का जवाब दे सकें।

New Delhi: ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी-जी राम जी योजना को लेकर विपक्ष के हमलों का जवाब देने की पूरी तैयारी कर ली है। मंत्रालय ने इस योजना पर एक विस्तृत रिपोर्ट सभी केंद्रीय मंत्रियों को भेजी है, ताकि वे जनसभाओं और सार्वजनिक मंचों पर विपक्ष के आरोपों का तथ्यात्मक तरीके से खंडन कर सकें। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कांग्रेस ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) की जगह लाई गई नई योजना के खिलाफ विरोध अभियान शुरू करने का संकेत दिया है।

क्यों भेजी गई मंत्रियों को विस्तृत रिपोर्ट

ग्रामीण विकास मंत्रालय का मानना है कि वीबी-जी राम जी योजना को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। इन्हीं दावों और आरोपों का जवाब देने के लिए मंत्रियों को एक तथ्यपरक दस्तावेज मुहैया कराया गया है। इस रिपोर्ट में योजना की प्रमुख विशेषताओं, उद्देश्यों और पुराने ग्रामीण रोजगार मॉडल से इसके अंतर को सरल भाषा में समझाया गया है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैबिनेट बैठक के दौरान ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रियों को इस योजना के हर पहलू की जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा सुधार है।

प्रधानमंत्री की मंत्रियों को स्पष्ट हिदायत

बताया गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मंत्रियों से कहा है कि वे नई योजना के प्रावधानों को पूरी तरह समझें। उनका मानना है कि जब मंत्री जमीनी स्तर पर लोगों से बात करेंगे, तो उन्हें योजना से जुड़े हर सवाल का स्पष्ट और भरोसेमंद जवाब देना होगा।

प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि जनसभाओं में केवल राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि facts और आंकड़ों के आधार पर विपक्ष के दावों का जवाब दिया जाए। इसी दिशा में यह रिपोर्ट मंत्रियों के लिए एक reference document की तरह तैयार की गई है।

125 दिनों के रोजगार का प्रमुख वादा

वीबी-जी राम जी योजना की सबसे बड़ी खासियत गारंटीकृत रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार देने का प्रावधान किया गया है, जबकि पहले यह सीमा 100 दिनों की थी।

सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण इलाकों में आय के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को लंबे समय तक काम मिलेगा। मंत्री इस बिंदु को खास तौर पर सामने रखेंगे, ताकि यह साफ हो सके कि सरकार ने रोजगार के अवसर घटाए नहीं, बल्कि बढ़ाए हैं।

टिकाऊ परिसंपत्तियों पर नया फोकस

नई योजना में केवल वेतन भुगतान पर जोर नहीं दिया गया है। सरकार का कहना है कि पुराने मॉडल में अधिकतर ध्यान मजदूरी देने तक सीमित था, जिससे लंबे समय तक उपयोगी परिसंपत्तियां नहीं बन पाती थीं।

वीबी-जी राम जी योजना के तहत टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण पर खास फोकस किया गया है। इसका मतलब है कि गांवों में ऐसे काम कराए जाएंगे, जिनसे सिंचाई, सड़क, जल संरक्षण और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा सके। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को लंबे समय तक लाभ मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय आजीविका और पलायन पर असर

मंत्रालय की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह योजना स्थानीय आजीविका (Local Livelihood) को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है। सरकार का दावा है कि जब गांवों में ही रोजगार और आय के स्थायी साधन मिलेंगे, तो संकट के समय होने वाला पलायन अपने आप कम होगा।

मंत्री जनसभाओं में यह समझाने की कोशिश करेंगे कि नई योजना केवल अस्थायी राहत नहीं, बल्कि ग्रामीण युवाओं और मजदूरों के लिए स्थायी अवसर पैदा करने का माध्यम है।

फंडिंग मॉडल पर विपक्ष को जवाब

विपक्ष द्वारा फंडिंग को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का जवाब भी इस रिपोर्ट में शामिल है। मंत्रियों को बताया गया है कि मानक वित्तपोषण (Standard Financing) के तहत केंद्र सरकार पूर्वनिर्धारित मानदंडों के आधार पर राज्यों को धन आवंटित करती है।

सरकार का तर्क है कि इससे पूर्वानुमान, राजकोषीय अनुशासन और बेहतर बजटीय योजना संभव होती है। इसके विपरीत, मांग-आधारित मॉडल में अक्सर अनिश्चित आवंटन और वित्तीय असंतुलन की स्थिति पैदा होती है। मंत्री इस तुलना के जरिए विपक्ष के दावों को खारिज करेंगे।

कांग्रेस पर गलत सूचना फैलाने का आरोप

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ग्रामीण रोजगार, ग्राम पंचायतों की शक्तियों और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गलत जानकारी फैला रही है। उनके अनुसार, ये आरोप पूरी तरह निराधार और भ्रामक हैं।

चौहान ने साफ कहा कि सरकार ने मांग आधारित रोजगार को कमजोर नहीं किया है। उन्होंने दावा किया कि नई योजना के तहत श्रमिकों की सुरक्षा और अधिकारों का पूरा ध्यान रखा गया है।

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