मिड वेल्स का यह ट्रेन हादसा रेलवे सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। एक तकनीकी चूक और सिस्टम फेलियर के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए। यह घटना इस बात को उजागर करती है कि आधुनिक रेलवे सिस्टम में छोटे तकनीकी बदलाव भी बड़े हादसों को रोक सकते हैं। जांच रिपोर्ट के बाद अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि रेलवे प्रशासन इन सिफारिशों को कितनी तेजी से लागू करता है।
कार्डिफ: ब्रिटेन के वेल्स क्षेत्र में अक्टूबर 2024 में हुए एक भीषण ट्रेन हादसे को लेकर Rail Accident Investigation Branch (RAIB) ने अपनी जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मिड वेल्स के पॉविस काउंटी स्थित टैलेरडिग (Talerddig) में दो ट्रेनों की आमने-सामने की टक्कर को रोका जा सकता था। इस दुर्घटना में एक यात्री की मौत हो गई थी, जबकि चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
जांच एजेंसी के अनुसार यह हादसा तकनीकी खामियों और ट्रेन की ब्रेकिंग प्रणाली में आई गंभीर समस्या के कारण हुआ।
कैसे हुआ था यह दर्दनाक ट्रेन हादसा
यह दुर्घटना 21 अक्टूबर 2024 को शाम लगभग 7 बजे उस समय हुई जब ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स (Transport for Wales) द्वारा संचालित दो ट्रेनें कैंब्रियन लाइन पर चल रही थीं। यह लाइन ज्यादातर सिंगल ट्रैक है, लेकिन टैलेरडिग लूप नामक एक डबल ट्रैक सेक्शन भी है, जहां ट्रेनों को एक-दूसरे को पास करना होता है।
रिपोर्ट के अनुसार, एबरिस्टविथ की ओर जा रही ट्रेन को इसी लूप में रुकना था, लेकिन वह पूरी तरह ब्रेक लगाने के बावजूद रुक नहीं सकी। ट्रेन लूप से आगे निकल गई और ढलान की ओर बढ़ते हुए सामने से आ रही दूसरी ट्रेन से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रेनें आमने-सामने भिड़ गईं और बड़ा हादसा हो गया।
एक यात्री की मौत और कई लोग घायल
इस हादसे में 66 वर्षीय ट्यूडर इवांस की मौत हो गई। वे इटली से छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे और एबरिस्टविथ जाने वाली ट्रेन के पिछले डिब्बे में सवार थे। उनके परिवार ने इस घटना को बेहद दर्दनाक बताया। इसके अलावा चार अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि श्रेसबरी की ओर जा रही ट्रेन का ड्राइवर भी गंभीर रूप से घायल हो गया। रिपोर्ट में बताया गया कि टक्कर के समय वह अपने केबिन से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था और फंस गया था।
जांच में सामने आई बड़ी तकनीकी खामी
RAIB की रिपोर्ट में सबसे अहम खुलासा यह किया गया कि यदि ट्रेन के सैंडिंग सिस्टम सही तरीके से काम कर रहे होते तो यह दुर्घटना टल सकती थी। सैंडिंग सिस्टम का काम पहियों और रेल के बीच पकड़ (adhesion) को बेहतर बनाना होता है ताकि ट्रेन फिसले नहीं। जांच में पाया गया कि ऑटोमैटिक और मैनुअल दोनों सैंडिंग सिस्टम या तो सक्रिय नहीं थे या सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे। इसी वजह से ट्रेन ब्रेक लगाने के बावजूद स्लाइड करती हुई आगे बढ़ती रही।
फिसलन और ढलान ने बढ़ाई दुर्घटना की गंभीरता
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रेन जब लूप से आगे निकल गई तो वह एक ढलान पर पहुंच गई, जहां उसकी गति और बढ़ गई। इसी दौरान सामने से आ रही दूसरी ट्रेन भी उसी ट्रैक पर थी, जिससे आमने-सामने की टक्कर हो गई। टक्कर के समय एबरिस्टविथ की ओर जा रही ट्रेन की गति लगभग 24 मील प्रति घंटा थी, जबकि दूसरी ट्रेन लगभग 6 मील प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही थी। सिग्नलिंग सिस्टम से पहले ही चेतावनी मिलने के बाद दूसरी ट्रेन के ड्राइवर ने गति कम करने की कोशिश की थी, लेकिन तब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी थी।
RAIB का निष्कर्ष: हादसा टाला जा सकता था
जांच एजेंसी ने स्पष्ट कहा कि यह हादसा रोका जा सकता था अगर सैंडिंग सिस्टम सही तरीके से सक्रिय होता और पहियों की पकड़ बेहतर रहती। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ब्रेकिंग सिस्टम के प्रदर्शन में आई कमी और फिसलन की स्थिति ने इस दुर्घटना को और गंभीर बना दिया। एजेंसी ने इसे एक गंभीर तकनीकी और सुरक्षा चूक बताया है और कई सुधारात्मक सुझाव दिए हैं।
ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स और नेटवर्क रेल की प्रतिक्रिया
इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रांसपोर्ट फॉर वेल्स (TfW) और नेटवर्क रेल ने कहा कि ऐसे हादसे बेहद दुर्लभ होते हैं, लेकिन वे जांच रिपोर्ट की सिफारिशों पर गंभीरता से विचार करेंगे। दोनों संगठनों ने कहा कि उनका उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना है और रेलवे सुरक्षा प्रणाली को और मजबूत करना है।
कैंब्रियन लाइन की सुरक्षा पर सवाल
कैंब्रियन लाइन, जहां यह हादसा हुआ था, वेल्स की एक महत्वपूर्ण रेल लाइन है। इसका बड़ा हिस्सा सिंगल ट्रैक है, जिससे ट्रेनों को सीमित स्थान पर संचालन करना पड़ता है। टैलेरडिग लूप जैसे स्थानों पर ट्रेनों का समन्वय बेहद महत्वपूर्ण होता है। इस घटना के बाद इस लाइन की सुरक्षा व्यवस्था और तकनीकी सिस्टम पर भी सवाल उठने लगे हैं।
पीड़ित परिवारों की मांग और आगे की कार्रवाई
हादसे में जान गंवाने वाले ट्यूडर इवांस के परिवार और अन्य प्रभावित यात्रियों ने रेलवे सुरक्षा में सुधार की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते तकनीकी खराबी को ठीक कर लिया जाता, तो यह जानलेवा हादसा टाला जा सकता था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिपोर्ट के बाद ब्रिटेन में रेलवे सुरक्षा नियमों और तकनीकी सिस्टम की व्यापक समीक्षा की जा सकती है।








