आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा स्थित ऑटो नगर में एक मैकेनिक शेड में भीषण आग लगने से मरम्मत के लिए खड़ी सात बसें जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
विजयवाड़ा: आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा शहर के औद्योगिक क्षेत्र ऑटो नगर में रविवार दोपहर एक मैकेनिक शेड में भीषण आग लगने से सात बसें जलकर पूरी तरह खाक हो गईं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब एक बस पर वेल्डिंग का काम चल रहा था और निकली चिंगारियों से आग लग गई। देखते ही देखते आग ने आसपास खड़ी अन्य बसों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। दमकल विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया और आसपास के इलाके को सुरक्षित कर दिया। फिलहाल प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, ऑटो नगर स्थित एक मैकेनिक शेड में कई बसों की मरम्मत का कार्य चल रहा था। एक बस पर वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी ने पास में मौजूद ज्वलनशील सामग्री को आग पकड़वा दी। कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैल गई और आसपास खड़ी बसों तक पहुंच गई। आग इतनी तेज थी कि कर्मचारियों को तुरंत शेड खाली करना पड़ा। कर्मचारियों ने तुरंत दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
सात बसें पूरी तरह जलकर नष्ट
आग की लपटों ने शेड में खड़ी कुल सात बसों को अपनी चपेट में ले लिया। सभी बसें मरम्मत के लिए लाई गई थीं। दमकल अधिकारियों के अनुसार अधिकांश बसें इतनी बुरी तरह जल गईं कि उन्हें बचाया नहीं जा सका। आग की तीव्रता के कारण बसों का ढांचा भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। इस घटना से लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक आर्थिक नुकसान का आंकड़ा जारी नहीं किया है।
तीन दमकल वाहनों ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया। राहत कार्य के दौरान आसपास खड़ी अन्य गाड़ियों और कार्यशालाओं को भी सुरक्षित किया गया ताकि आग आगे न फैल सके। दमकल अधिकारियों ने बताया कि समय पर कार्रवाई होने के कारण आग को आसपास की औद्योगिक इकाइयों तक पहुंचने से रोक लिया गया।
कोई जनहानि नहीं
इस हादसे की सबसे राहतभरी बात यह रही कि किसी व्यक्ति के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं मिली। आग लगते ही कर्मचारियों ने समय रहते कार्यशाला खाली कर दी थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। प्रशासन ने घटना के बाद पूरे क्षेत्र की सुरक्षा जांच भी कराई ताकि कहीं दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।
जांच में जुटा प्रशासन
दमकल विभाग और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त रूप से घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी को आग लगने की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि अधिकारी सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कार्यशाला में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।
औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती अग्नि सुरक्षा की जरूरत
विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो रिपेयर वर्कशॉप, गैरेज और औद्योगिक शेड में वेल्डिंग, गैस कटिंग और पेंटिंग जैसे कार्यों के दौरान आग लगने का खतरा अधिक रहता है। ऐसे स्थानों पर अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास, सुरक्षा प्रशिक्षण और नियमित निरीक्षण बेहद जरूरी होते हैं। यदि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए तो इस प्रकार की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।
वेल्डिंग कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियां
वेल्डिंग करते समय आसपास ज्वलनशील पदार्थ नहीं होने चाहिए। कार्यस्थल पर अग्निशमन यंत्र हमेशा उपलब्ध रहने चाहिए। कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। गैस सिलेंडर तथा ईंधन सामग्री को सुरक्षित दूरी पर रखा जाना चाहिए। आपातकालीन स्थिति में तुरंत निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन ने दिए सुरक्षा निर्देश
घटना के बाद प्रशासन ने औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित सभी गैरेज और मैकेनिक शेड को अग्नि सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा ऑडिट और नियमित निरीक्षण किए जाएंगे।











