विमान हादसों की चर्चाओं ने 1952 के उस दर्दनाक हादसे की याद दिला दी, जिसमें महाराजा हनवंत सिंह की मौत हुई थी। यह राजस्थान की पहली नागरिक विमान दुर्घटना थी, जिसने राजनीति और समाज पर गहरा असर छोड़ा।
Rajasthan: देश में विमान हादसों को लेकर जब भी कोई बड़ी खबर सामने आती है, तो इतिहास के कुछ दर्दनाक पन्ने फिर से चर्चा में आ जाते हैं। हालिया घटनाक्रमों और चर्चाओं के बीच राजस्थान के पहले नागरिक विमान हादसे की यादें एक बार फिर ताजा हो गई हैं।
यह हादसा साल 1952 में जोधपुर के महाराजा हनवंत सिंह के साथ हुआ था, जब उनका निजी विमान सुमेरपुर के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में महाराजा हनवंत सिंह और उनकी पत्नी ज़ुबैदा की मौत हो गई थी। यह राजस्थान के इतिहास की पहली नागरिक विमान दुर्घटना मानी जाती है।
राजस्थान का पहला नागरिक प्लेन क्रैश
26 जनवरी 1952 को महाराजा हनवंत सिंह अपनी पत्नी ज़ुबैदा के साथ अपने छह सीटर निजी विमान से सैर पर निकले थे। उड़ान भरने के कुछ समय बाद ही विमान तकनीकी कारणों से सुमेरपुर क्षेत्र के पास क्रैश हो गया।

यह हादसा इतना अचानक था कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। उस दौर में निजी विमान उड़ानें आम नहीं थीं, इसलिए यह दुर्घटना पूरे राजस्थान में चर्चा का विषय बन गई। राजघरानों से लेकर आम लोगों तक, सभी इस हादसे से गहरे सदमे में थे।
लेकिन जश्न नहीं मना पाए
भारत की आज़ादी के बाद और राजस्थान के गठन के समय महाराजा हनवंत सिंह राजनीति में भी सक्रिय थे। उन्होंने 1952 में अखिल भारतीय रामराज्य परिषद नाम की राजनीतिक पार्टी बनाई थी।
इसी साल उन्होंने जोधपुर लोकसभा सीट और जोधपुर बी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा। फरवरी 1952 में हुए चुनावों में उन्हें दोनों सीटों पर जीत मिली।
लेकिन दुर्भाग्यवश, चुनाव परिणाम आने से पहले ही विमान हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। इस कारण वे अपनी राजनीतिक जीत का जश्न नहीं मना पाए। बाद में दोनों सीटों पर उपचुनाव कराए गए।
कौन थे महाराजा हनवंत सिंह
महाराजा हनवंत सिंह का जन्म जोधपुर राजघराने में हुआ था। वे जून 1947 में जोधपुर के महाराजा बने। उन्हें विमान उड़ाने का शौक था और वे अक्सर विदेश यात्राएं किया करते थे। उनका पहला विवाह 1943 में ध्रांगदा की राजकुमारी कृष्णा कुमारी से हुआ था। इसके बाद 1948 में इंग्लैंड में उनकी मुलाकात स्कॉटिश नर्स सैंड्रा मैकब्राइड से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया, हालांकि बाद में दोनों का तलाक हो गया।
साल 1950 में उन्होंने तलाकशुदा मुस्लिम अभिनेत्री ज़ुबैदा से शादी की। लेकिन महज 29 वर्ष की उम्र में ही विमान हादसे ने उनका जीवन छीन लिया। उनकी असमय मृत्यु राजस्थान के इतिहास की सबसे दुखद घटनाओं में गिनी जाती है।











