ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई ने सख्त संदेश दिया। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाए, प्रदर्शनकारियों को विदेशी समर्थित बताया और कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक किसी दबाव में नहीं झुकेगा।
Iran Protest: ईरान इस समय गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है। देश के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से विरोध प्रदर्शन तेज हुए हैं। राजधानी तेहरान से लेकर अन्य बड़े शहरों तक सड़कों पर लोगों की मौजूदगी और सरकारी संपत्तियों को नुकसान की खबरें सामने आई हैं। इसी अस्थिर माहौल के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश को संबोधित किया। यह संबोधन ऐसे वक्त आया, जब सरकार पर भीतर से दबाव बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ईरान की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
देशभर में प्रसारित हुआ सुप्रीम लीडर का भाषण
शुक्रवार को अयातुल्ला अली खामेनेई का संबोधन ईरान के सरकारी टेलीविजन और रेडियो नेटवर्क के जरिए पूरे देश में प्रसारित किया गया। तेहरान समेत सभी बड़े शहरों और ग्रामीण इलाकों में लोगों ने यह भाषण सुना। यह हालिया प्रदर्शनों के बाद उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था, इसलिए इसकी अहमियत और भी बढ़ गई थी।
सरकारी हलकों में इस भाषण को जनता को दिशा देने वाला बताया गया। सत्ता प्रतिष्ठान चाहता था कि लोग सरकार का पक्ष समझें और विरोध प्रदर्शनों के पीछे बताए जा रहे कारणों पर भरोसा करें।
अमेरिकी राष्ट्रपति को सीधी चेतावनी
खामेनेई ने अपने संबोधन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ट्रंप को ईरान के मामलों पर टिप्पणी करने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह के विदेशी दबाव में झुकने वाला देश नहीं है। खामेनेई के मुताबिक, ईरान की संप्रभुता और राष्ट्रीय सम्मान से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उनका यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चले आ रहे तनाव को और स्पष्ट करता है।
प्रदर्शनों के पीछे विदेशी साजिश का दावा
अपने भाषण में खामेनेई ने विरोध प्रदर्शनों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर हिंसा फैलाने वाले लोग आम नागरिक नहीं, बल्कि विदेशी समर्थित एजेंट हैं। उनके अनुसार, ये लोग सरकार की छवि खराब करने और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

खामेनेई ने कहा कि सरकारी इमारतों और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों का मकसद अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक ऐसे तत्वों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा।
ईरानी युवाओं के नाम भावनात्मक अपील
अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने संबोधन में ईरान के युवाओं से विशेष रूप से बात की। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे धैर्य रखें और एकजुट रहें। खामेनेई ने कहा कि देश की असली ताकत उसकी एकता में है।
उन्होंने यह भी कहा कि इतिहास गवाह है कि जब कोई राष्ट्र संगठित रहता है, तो वह किसी भी दुश्मन का सामना कर सकता है। खामेनेई ने युवाओं से विदेशी ताकतों के बहकावे में न आने की सलाह दी और देशहित को सर्वोपरि रखने की बात कही।
अमेरिका पर पुराने आरोप दोहराए
अपने भाषण के दौरान खामेनेई ने अमेरिका पर पुराने आरोपों को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हाथ हजार से अधिक ईरानियों के खून से सने हैं। यह टिप्पणी पिछले वर्ष ईरान की न्यूक्लियर सुविधाओं पर हुए अमेरिकी हमलों की ओर इशारा करती है।
खामेनेई ने कहा कि जिस देश ने ईरान पर हमले किए हों, उसे मानवाधिकार या शांति की बातें करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, अमेरिका खुद अपनी नीतियों से दुनिया में अस्थिरता फैला रहा है।
इस्लामिक रिपब्लिक की सख्त चेतावनी
खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि इस्लामिक रिपब्लिक कमजोर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था हजारों ईमानदार लोगों के बलिदान से खड़ी हुई है। ऐसे में कुछ दंगाइयों या विदेशी समर्थित तत्वों के दबाव में सरकार पीछे नहीं हटेगी।
प्रदर्शनकारियों पर तीखा प्रहार
अपने संबोधन के अंतिम हिस्से में खामेनेई ने विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग देश में हिंसा फैला रहे हैं, उन्हें देश चलाने की समझ नहीं है। खामेनेई ने तंज कसते हुए कहा कि अगर इन लोगों को शासन की समझ होती, तो वे पहले अपने समर्थक देशों की हालत सुधारते। यह बयान अमेरिका और उसके सहयोगियों की नीतियों पर सीधा कटाक्ष माना गया।











