चुनाव आयोग में कथित मतभेदों के बीच मतदाता सूची के सालाना रिविजन की प्रक्रिया प्रभावित होने की बात सामने आ रही है। इसका सीधा असर उन युवाओं पर पड़ सकता है, जो 2026 में 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके हैं और पहली बार मतदाता के रूप में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं।
नई दिल्ली: Voter List Revision 2026 को लेकर Election Commission of India (ECI) में कथित मतभेदों की रिपोर्ट सामने आई है। Economic Times की रिपोर्ट के अनुसार, 2026-27 के लिए Summary Special Revision (SSR) की प्रक्रिया तय समय पर शुरू नहीं हो सकी है। इसका असर उन युवाओं के electoral roll में समय पर शामिल होने पर पड़ सकता है, जो 2026 में 18 साल की उम्र पूरी कर चुके हैं और पहली बार वोटर बनने के पात्र हैं।
हालांकि, Election Commission ने अलग-अलग रिपोर्टों में उठाए गए मतभेदों को लेकर कहा है कि आयोग के फैसले पिछले एक साल में Full Commission की unanimous decisions रहे हैं। आयोग ने यह भी कहा कि deliberation के दौरान अलग-अलग राय आना संस्थागत decision-making process का सामान्य हिस्सा है।
मई-जून में होनी थी SSR की घोषणा
Economic Times के मुताबिक, Election Commission आम तौर पर मई के अंत या जून की शुरुआत में annual Summary Special Revision की घोषणा करता है। इसके बाद राज्यों के Chief Electoral Officers को revision से संबंधित निर्देश भेजे जाते हैं और pre-revision activities शुरू होती हैं।लेकिन 2026-27 के SSR को लेकर यह सामान्य timeline प्रभावित हुई है।
रिपोर्ट में इसका संबंध आयोग के भीतर Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar और Election Commissioners Sukhbir Singh Sandhu तथा Vivek Joshi के बीच कथित मतभेदों से जोड़ा गया है।
2024 के बाद SSR को लेकर क्या स्थिति है?

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के electoral cycle के बाद annual SSR को उसी तरह आगे नहीं बढ़ाया जा सका। इस दौरान कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया शुरू हुई, जिसके कारण electoral roll revision का पूरा framework अलग दिशा में चला गया। वहीं, हाल के महीनों में SIR को लेकर Election Commission के भीतर अलग-अलग अधिकारियों द्वारा उठाई गई आपत्तियों की भी रिपोर्ट सामने आई है। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय Full Commission की सहमति से लिए गए हैं।
CEC ने SSR को लेकर मांगी थी Legal Opinion
Economic Times की रिपोर्ट के मुताबिक, इस सवाल पर कि SIR की प्रक्रिया के बीच annual SSR कराया जाना चाहिए या नहीं, Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar ने इस साल की शुरुआत में legal opinion मांगी थी। रिपोर्ट के अनुसार, कानूनी राय मिलने के बाद दोनों Election Commissioners ने electoral rolls के annual revision को फिर शुरू करने की आवश्यकता पर अपना रुख स्पष्ट किया। यह प्रक्रिया खास तौर पर उन लोगों को voter list में शामिल करने के लिए महत्वपूर्ण है, जो हर साल 18 वर्ष की उम्र पूरी करते हैं।
18 साल के नए वोटरों के लिए SSR क्यों महत्वपूर्ण है?
SSR का एक प्रमुख उद्देश्य eligible citizens को electoral roll में शामिल करना और मौजूदा voter list को update करना है। भारत में 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले eligible नागरिकों के लिए अब साल में चार qualifying dates उपलब्ध हैं:
- 1 जनवरी
- 1 अप्रैल
- 1 जुलाई
- 1 अक्टूबर
इस व्यवस्था से युवाओं को केवल एक annual cut-off date का इंतजार नहीं करना पड़ता। यानी साल में अलग-अलग qualifying dates के आधार पर eligible होने वाले first-time voters registration के लिए आवेदन कर सकते हैं। Economic Times के अनुसार, SSR के दौरान photo electoral rolls को update करने और voter details में discrepancies या mismatches की जांच का काम भी किया जाता है।












