आज पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने उन्हें याद किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मनमोहन सिंह को एक दूरदर्शी राजनेता बताते हुए उनके योगदान को याद किया।
Manmohan Singh Birth Anniversary 2026: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध अर्थशास्त्री डॉ. मनमोहन सिंह की जयंती पर उन्हें देशभर में याद किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई नेताओं ने उनके सार्वजनिक जीवन और देश के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह की जनसेवा को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी, जबकि खरगे ने उनके नेतृत्व और आर्थिक सुधारों में भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अविभाजित भारत के पंजाब प्रांत के गाह गांव में हुआ था, जो अब पाकिस्तान में है। वह भारत के 14वें प्रधानमंत्री रहे और मई 2004 से मई 2014 तक लगातार दो कार्यकाल में इस पद पर रहे। इससे पहले 1991 से 1996 के बीच उन्होंने भारत के वित्त मंत्री के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली थी।
पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मनमोहन सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, मोदी ने अपने संदेश में पूर्व प्रधानमंत्री के लंबे सार्वजनिक जीवन और देश के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया। 2025 में भी प्रधानमंत्री मोदी ने मनमोहन सिंह की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए उनके सार्वजनिक जीवन में राष्ट्र के लिए किए गए योगदान को याद किया था।
मनमोहन सिंह के निधन के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा था कि देश उनके योगदान को लंबे समय तक याद रखेगा। सरकार की ओर से उनके निधन पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार और सात दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई थी।
खरगे ने आर्थिक सुधारों को किया याद
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उनके राजनीतिक और आर्थिक योगदान को याद किया। खरगे ने उन्हें एक दूरदर्शी राजनेता बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और आर्थिक सुधारों ने भारत की विकास यात्रा को प्रभावित किया। मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों का सबसे महत्वपूर्ण दौर 1991 से 1996 के बीच रहा, जब वह तत्कालीन प्रधानमंत्री पी.वी. नरसिम्हा राव की सरकार में वित्त मंत्री थे। भारत सरकार के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, उस दौरान सिंह की भूमिका व्यापक आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण रही।
1991 के आर्थिक सुधारों से जुड़ा नाम

मनमोहन सिंह को भारत के आर्थिक इतिहास में 1991 के सुधारों से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। उस समय देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों से गुजर रहा था। वित्त मंत्री के रूप में सिंह ने आर्थिक नीतियों में बड़े बदलावों की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी में भी उनके वित्त मंत्री के कार्यकाल को भारत के आर्थिक इतिहास का महत्वपूर्ण दौर बताया गया है। इन सुधारों के तहत व्यापार और औद्योगिक नीति समेत अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों में बदलाव किए गए।
दो बार रहे भारत के प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने 22 मई 2004 को पहली बार भारत के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। 2009 में उन्होंने दूसरी बार प्रधानमंत्री पद संभाला और मई 2014 तक इस पद पर रहे। इस तरह उन्होंने लगातार दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए। प्रधानमंत्री बनने से पहले भी उनका सार्वजनिक जीवन काफी लंबा रहा। वह भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण आर्थिक पदों पर काम कर चुके थे।
अर्थशास्त्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
मनमोहन सिंह का अकादमिक करियर भी उल्लेखनीय रहा। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय से शिक्षा हासिल करने के बाद कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में प्रथम श्रेणी ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में डी.फिल. की डिग्री हासिल की। सरकारी सेवा में आने के बाद उन्होंने आर्थिक नीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। 1971 में वह सरकार के आर्थिक सलाहकार बने और बाद में मुख्य आर्थिक सलाहकार, वित्त मंत्रालय में सचिव तथा भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर जैसे पदों पर रहे।
26 दिसंबर 2024 को हुआ निधन
डॉ. मनमोहन सिंह का निधन 26 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में हुआ था। वह 92 वर्ष के थे। भारत सरकार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और सात दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की। उनके निधन के बाद देश के राजनीतिक और आर्थिक क्षेत्र में उनके लंबे सार्वजनिक जीवन को याद किया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय की आधिकारिक जीवनी उन्हें एक अर्थशास्त्री, विद्वान और भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में दर्ज करती है।











