Trump Strait: ट्रंप ने शेयर किया होर्मुज का नया नक्शा, ईरान के 7 दिन वाले प्रस्ताव के बीच बढ़ी हलचल

Trump Strait: डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का नया नक्शा शेयर किया, जिसमें इसे 'Trump Strait' बताया गया। वहीं ईरान ने 7 दिन में जलमार्ग खोलने का प्रस्ताव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ी घोषणा की है। ट्रंप ने इसका नाम बदलकर ‘ट्रंप स्ट्रेट’ करने की बात कही और इस संबंध में एक नक्शा भी साझा किया।

वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच Strait of Hormuz यानी होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर ईरान और होर्मुज क्षेत्र का एक नक्शा साझा किया, जिसमें इस रणनीतिक जलमार्ग को “Trump Strait” के नाम से दिखाया गया। 

यह कदम ऐसे समय आया है जब ईरान ने अमेरिका के सामने एक प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत कुछ शर्तें पूरी होने पर होर्मुज जलडमरूमध्य को सात दिनों के भीतर फिर से खोलने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत शुरू करने की बात कही गई है।

ट्रंप ने क्यों शेयर किया ‘Trump Strait’ वाला नक्शा?

ट्रंप इससे पहले भी होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर अपने नाम पर रखने का सुझाव दे चुके हैं। सितंबर की शुरुआत में उन्होंने इस विचार का संकेत दिया था और अब उन्होंने एक नक्शा साझा करते हुए इसे “Trump Strait” के रूप में प्रदर्शित किया। हालांकि, यह नामकरण अमेरिकी राष्ट्रपति की सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होर्मुज जलडमरूमध्य का आधिकारिक नाम बदल गया है। Strait of Hormuz अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल होने वाला स्थापित भौगोलिक नाम है।

ट्रंप की पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य और कूटनीतिक तनाव जारी है। इसलिए इस पोस्ट को दोनों देशों के बीच चल रही व्यापक राजनीतिक और कूटनीतिक खींचतान के संदर्भ में देखा जा रहा है।

ईरान ने रखा सात दिन में होर्मुज खोलने का प्रस्ताव

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान बताया कि तेहरान ने अमेरिका को मध्यस्थों के जरिए एक प्रस्ताव भेजा है। इसके मुताबिक, यदि अमेरिका कुछ शर्तों को स्वीकार करता है तो सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जा सकता है और परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत फिर शुरू हो सकती है।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की शर्तों में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना, ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत और क्षेत्र में युद्धविराम जैसे मुद्दे शामिल हैं। प्रस्ताव में लेबनान में भी युद्धविराम का उल्लेख किया गया है। अराघची के अनुसार, यह योजना पहले हुए एक समझौते में शामिल प्रावधानों पर आधारित है। अराघची ने कहा है कि प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद शुरुआती दिनों में जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं और इसके बाद होर्मुज में सामान्य नौवहन बहाल करने की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि, प्रस्ताव को लेकर अमेरिका की स्थिति और आगे की बातचीत अभी महत्वपूर्ण बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और आगे अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। मध्य पूर्व के तेल और गैस व्यापार में इसकी भूमिका काफी अहम है। इसी वजह से यहां किसी भी तरह का लंबे समय तक चलने वाला व्यवधान वैश्विक ऊर्जा बाजार, शिपिंग लागत और ईंधन की कीमतों पर असर डाल सकता है।

इसी रणनीतिक महत्व के कारण अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे विवाद में होर्मुज का मुद्दा केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इसका प्रभाव एशिया, यूरोप और दुनिया के अन्य ऊर्जा आयातक देशों तक पहुंच सकता है।

अमेरिका और ईरान के बीच विवाद का मुख्य मुद्दा क्या है?

दोनों देशों के बीच तनाव का एक प्रमुख विषय ईरान का परमाणु कार्यक्रम है। अमेरिकी प्रशासन ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने के लिए ऐसी व्यवस्था चाहता है, जिसे वह पर्याप्त सुरक्षा गारंटी मानता है। दूसरी ओर, ईरान लगातार अपने शांतिपूर्ण और नागरिक परमाणु कार्यक्रम के अधिकार की बात करता रहा है।

इसी व्यापक विवाद के बीच सैन्य कार्रवाई, प्रतिबंध, तेल निर्यात और होर्मुज में समुद्री यातायात जैसे मुद्दे आपस में जुड़े हुए हैं। हालिया सात-दिन के प्रस्ताव से संकेत मिलता है कि कूटनीतिक रास्ते की संभावना पर बातचीत जारी है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच कई महत्वपूर्ण मतभेद अभी भी बने हुए हैं।

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