Will Pucovski Case: 27 साल की उम्र में संन्यास के बाद विल पुकोवस्की ने स्कूल पर किया केस, जानें क्या है पूरा मामला

Will Pucovski Case: ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर विल पुकोवस्की ने 27 साल की उम्र में संन्यास के बाद अपने पुराने स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। जानें क्या है

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज विल पुकोवस्की ने 27 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेकर फैंस को चौंका दिया था। अब उन्होंने अपने स्कूल पर केस करके एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं।

Australia Cricketer Will Pucovski: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर विल पुकोवस्की ने अपने स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। उनका आरोप है कि 2014 में सिर में गंभीर चोट लगने के बाद स्कूल ने कन्कशन प्रोटोकॉल का सही तरीके से पालन नहीं किया, जिसका असर उनके आगे के जीवन और क्रिकेट करियर पर पड़ा।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर विल पुकोवस्की एक बार फिर चर्चा में हैं। 27 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब पुकोवस्की ने अपने पुराने स्कूल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने स्कूल पर लापरवाही का आरोप लगाया है और दावा किया है कि किशोरावस्था में लगी सिर की चोट को उस समय गंभीरता से नहीं लिया गया।

पुकोवस्की का मानना है कि 2014 में हुई इस घटना के बाद उन्हें उचित चिकित्सकीय देखभाल नहीं मिली और इसके दीर्घकालिक प्रभाव उनके स्वास्थ्य तथा क्रिकेट करियर पर पड़े।

2014 में लगी थी सिर में चोट

यह मामला साल 2014 का है, जब विल पुकोवस्की सिर्फ 16 साल के थे। वह मेलबर्न के ब्राइटन ग्रामर स्कूल में पढ़ते थे और ऑस्ट्रेलियन रूल्स फुटबॉल के एक ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा ले रहे थे। इसी दौरान उनके सिर पर चोट लगी और वह कथित तौर पर बेहोश हो गए। पुकोवस्की का आरोप है कि चोट के बाद भी उन्हें पर्याप्त आराम और चिकित्सकीय निगरानी नहीं दी गई तथा कुछ समय बाद ही दोबारा ट्रेनिंग में लौटने की अनुमति मिल गई। उनके मुताबिक, इस घटना के बाद उनकी स्थिति सामान्य नहीं रही। अगले दिन उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा और बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

स्कूल पर लापरवाही का आरोप

पुकोवस्की की कानूनी कार्रवाई का मुख्य आधार यही आरोप है कि स्कूल ने उनकी सिर की चोट को उचित गंभीरता से नहीं लिया। उनका दावा है कि अगर उस समय कन्कशन की सही पहचान और इलाज किया जाता, तो आगे आने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता था। कन्कशन सिर पर लगी ऐसी चोट है, जो दिमाग के सामान्य कामकाज को प्रभावित कर सकती है। 

खेलों में इसे विशेष रूप से गंभीर माना जाता है, क्योंकि चोट के बाद जल्द मैदान पर लौटने से स्थिति बिगड़ सकती है। हालांकि, स्कूल की ओर से मामले में लगाए गए आरोपों और कानूनी दावे पर अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

लगातार कन्कशन ने खत्म किया क्रिकेट करियर

विल पुकोव्स्की को एक समय ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट का बड़ा भविष्य माना जाता था। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन कर राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई थी। लेकिन उनके करियर में बार-बार होने वाली सिर की चोटें बड़ी बाधा बन गईं। पुकोव्स्की को अपने करियर के दौरान करीब 13 बार कन्कशन का सामना करना पड़ा। 

लगातार चोटों और उनसे जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के कारण आखिरकार मेडिकल सलाह के बाद उन्होंने सिर्फ 27 साल की उम्र में क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया। उनका मामला इस बात को भी रेखांकित करता है कि खेलों में सिर की चोटों को नजरअंदाज करना खिलाड़ियों के लिए कितना गंभीर साबित हो सकता है।

भारत के खिलाफ खेला था एकमात्र टेस्ट

विल पुकोव्स्की का अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर बेहद छोटा रहा। उन्हें ऑस्ट्रेलिया के लिए सिर्फ एक टेस्ट मैच खेलने का मौका मिला। यह मुकाबला 2021 में भारत के खिलाफ खेला गया था। अपने डेब्यू टेस्ट में पुकोव्स्की ने पहली पारी में 62 रन बनाए थे, जबकि दूसरी पारी में वह 10 रन बनाकर आउट हुए। उनके प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में भविष्य का बड़ा सितारा माना जा रहा था।

लेकिन इसके बाद चोटों की समस्या ने उनका करियर लगातार प्रभावित किया। बार-बार होने वाले कन्कशन ने उनकी वापसी की राह मुश्किल कर दी और अंततः उन्हें पेशेवर क्रिकेट से दूरी बनानी पड़ी।

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