ब्रिटिश टेनिस खिलाड़ी सोनाय कार्टल ने वुहान ओपन में यूक्रेन की अनहेलिना कालिनिना को 7-5, 6-3 से हराया। छह महीने की चोट के बाद वापसी कर रहीं कार्टल अब अगले दौर में स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनचिच से भिड़ेंगी।
स्पोर्ट्स न्यूज़: ब्रिटेन की टेनिस खिलाड़ी सोनाय कार्टल ने वुहान ओपन में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूक्रेन की अनहेलिना कालिनिना को हराकर टूर्नामेंट के अगले दौर में जगह बना ली। 24 वर्षीय कार्टल ने यह मुकाबला 7-5, 6-3 से जीता। पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण लगभग छह महीने तक प्रतिस्पर्धी टेनिस से दूर रहने के बाद उनकी वापसी जारी है। अब उनका सामना स्विट्जरलैंड की नौवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी बेलिंडा बेनचिच से होगा।
कार्टल ने मुकाबले के बाद कहा कि उन्होंने वापसी के दौरान खुद को कठिन चुनौती में झोंक दिया है। दुनिया की शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार खेलने को उन्होंने चुनौतीपूर्ण बताया, लेकिन अपने प्रदर्शन पर संतोष भी जताया।
कालिनिना को सीधे सेटों में हराया
वुहान ओपन के इस मुकाबले में कार्टल ने कालिनिना को एक घंटे 31 मिनट में पराजित किया। यूक्रेन की कालिनिना विश्व रैंकिंग में 48वें स्थान पर थीं, जबकि कार्टल की रैंकिंग 170 थी।
मुकाबले के पहले सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। कार्टल ने 7-5 से सेट अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में उन्होंने अपना प्रदर्शन जारी रखते हुए 6-3 से जीत दर्ज की।
कार्टल ने मुकाबले के दौरान चार ऐस लगाए। पहली सर्विस सफल रहने पर उन्होंने 30 में से 23 अंक जीते, जो उनके प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
हालांकि, जीत हासिल करने से पहले उन्हें कुछ मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कालिनिना ने कार्टल के दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन ब्रिटिश खिलाड़ी अंततः मुकाबला जीतने में सफल रहीं और अंतिम 32 खिलाड़ियों के दौर में पहुंच गईं।
छह महीने की चोट के बाद टेनिस में वापसी
सोनाय कार्टल की यह जीत इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण लगभग छह महीने तक प्रतियोगिताओं से दूर रही थीं। लंबे अंतराल के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए मैच की लय, फिटनेस और लगातार उच्च स्तर पर प्रदर्शन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कार्टल ने इस महीने की शुरुआत में बीजिंग ओपन में भी हिस्सा लिया था। यह उनकी चोट के बाद पहला WTA टूर्नामेंट था। उन्होंने वहां तीसरे दौर तक पहुंचकर अपनी वापसी के संकेत दिए थे।
बीजिंग में उनके प्रदर्शन में स्पेन की एंड्रिया लाजारो गार्सिया और चीन की वांग शिन्यू के खिलाफ जीत शामिल थी। इसके बाद उन्हें आर्मेनिया की अलीना चराएवा के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
इन मुकाबलों के बाद वुहान में कालिनिना को हराना कार्टल के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार टूर्नामेंट खेलने से उन्हें प्रतिस्पर्धी टेनिस की परिस्थितियों में लौटने का अवसर मिल रहा है।
कार्टल बोलीं- अभी अपने पुराने स्तर तक पहुंचने में समय लगेगा
मुकाबले के बाद कार्टल ने कहा कि वापसी के बाद उन्होंने खुद को कठिन चुनौती में डाल दिया है। उनका कहना था कि शुरुआती टूर्नामेंटों में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना आसान नहीं है, लेकिन वह अब तक अपने स्तर से संतुष्ट हैं।
उन्होंने स्वीकार किया कि जिस स्तर पर वह चोट से पहले खेल रही थीं, वहां तक पहुंचने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। इसके बावजूद उन्हें अपनी प्रगति सकारात्मक लग रही है और वह अच्छा महसूस कर रही हैं।
कार्टल के इस बयान से पता चलता है कि वह वापसी को एक क्रमिक प्रक्रिया के रूप में देख रही हैं। उनके लिए फिलहाल लगातार मैच खेलना, अपनी लय वापस पाना और प्रदर्शन में सुधार करना महत्वपूर्ण है।
बिली जीन किंग कप में भी की थी वापसी
वुहान और बीजिंग ओपन से पहले कार्टल ने पिछले महीने बिली जीन किंग कप टीम प्रतियोगिता में ग्रेट ब्रिटेन का प्रतिनिधित्व किया था। वहां उनका मुकाबला चेक गणराज्य की मैरी बौजकोवा से हुआ था।
कार्टल यह मुकाबला मामूली अंतर से हार गई थीं। उस समय बौजकोवा विश्व रैंकिंग में 26वें स्थान पर थीं। शीर्ष स्तर की खिलाड़ी के खिलाफ यह मुकाबला कार्टल के लिए प्रतिस्पर्धी टेनिस में लौटने का एक महत्वपूर्ण अवसर था।

इसके बाद बीजिंग में मिली जीतों और अब वुहान में कालिनिना को हराने से उनकी वापसी का अभियान आगे बढ़ा है। हालांकि, लंबे समय तक चोट से बाहर रहने के बाद उनकी फिटनेस और प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखना आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
बेलिंडा बेनचिच होंगी अगली चुनौती
वुहान ओपन के अगले दौर में कार्टल का सामना स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनचिच से होगा। बेनचिच टूर्नामेंट में नौवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी हैं। यह मुकाबला कार्टल के लिए अपनी वापसी के स्तर को परखने का एक और अवसर होगा।
बेनचिच जैसी अनुभवी और उच्च वरीयता वाली खिलाड़ी के खिलाफ कार्टल को सर्विस, बेसलाइन रैलियों और अहम अंकों पर ध्यान देना होगा। हालांकि, मुकाबले का नतीजा दोनों खिलाड़ियों के उस दिन के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।
कार्टल ने पहले ही कहा है कि शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन वह इस अनुभव से खुश हैं। अगले मुकाबले में उनका प्रदर्शन यह दिखाएगा कि वह अपनी वापसी के दौरान किस तरह आगे बढ़ रही हैं।
झेंग किनवेन ने वुहान ओपन से नाम वापस लिया
इस बीच, चीन की खिलाड़ी झेंग किनवेन ने अपने घरेलू टूर्नामेंट वुहान ओपन से हटने का फैसला किया। यह निर्णय चीन ओपन जीतने के बाद आया, जहां वह खिताब जीतने वाली पहली चीनी खिलाड़ी बनी थीं।
झेंग ने अपने बयान में कहा कि लगातार कई कठिन मुकाबले खेलने के बाद उनका शरीर काफी थका हुआ महसूस कर रहा है। इसी कारण उन्होंने वुहान में प्रतिस्पर्धा नहीं करने का फैसला किया।
झेंग पिछले साल कोहनी की सर्जरी से गुजरी थीं और बीते 12 महीनों में उन्हें फिटनेस तथा प्रदर्शन से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। हाल के टूर्नामेंटों में उनके प्रदर्शन में सुधार दिखाई दिया और बीजिंग में मिली जीत उनके लिए महत्वपूर्ण रही।
हालांकि, लगातार मुकाबलों के बाद थकान महसूस होने के कारण उन्होंने अपने घरेलू टूर्नामेंट से हटने का निर्णय लिया। यह फैसला खिलाड़ियों के लिए फिटनेस और रिकवरी के महत्व को भी रेखांकित करता है।
महिला टेनिस में वापसी और फिटनेस पर नजर
वुहान ओपन में सोनाय कार्टल की जीत उनके चोट से उबरने के अभियान में एक और कदम है। छह महीने की अनुपस्थिति के बाद वह अब लगातार टूर्नामेंट खेल रही हैं और उच्च रैंकिंग वाली खिलाड़ियों के खिलाफ प्रतिस्पर्धा कर रही हैं।
बीजिंग में तीसरे दौर तक पहुंचने और वुहान में कालिनिना को हराने के बाद अब उनकी नजर बेनचिच के खिलाफ अगले मुकाबले पर होगी। कार्टल ने खुद स्वीकार किया है कि अपने पुराने स्तर तक पहुंचने में समय लगेगा, लेकिन फिलहाल उनकी वापसी की दिशा सकारात्मक दिखाई दे रही है।










