World Bank की World Development Report 2026 के अनुसार, AI से अमीर देशों में 14.2% नौकरियां जोखिम में हैं, जबकि विकासशील देशों में यह आंकड़ा 4.5% है। रिपोर्ट का कहना है कि भारत जैसे देशों में AI रोजगार घटाने के बजाय उत्पादकता बढ़ाने का बड़ा अवसर बन सकता है।
वॉशिंगटन: World Bank AI Report 2026 में कहा गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे बड़ा रोजगार जोखिम उच्च आय वाले देशों में देखने को मिलेगा। वहीं भारत सहित विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए AI कर्मचारियों की छंटनी से अधिक उनकी उत्पादकता बढ़ाने और आर्थिक विकास को गति देने का माध्यम बन सकता है।
अमीर देशों में ज्यादा नौकरियां जोखिम में
World Bank Group की World Development Report 2026: The Promise of AI के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का असर सभी देशों पर समान नहीं होगा। रिपोर्ट में बताया गया है कि उच्च आय वाले देशों में AI के कारण लगभग 14.2 प्रतिशत नौकरियां प्रभावित होने का खतरा है। इसके मुकाबले कम और मध्यम आय वाले देशों में यह जोखिम केवल 4.5 प्रतिशत आंका गया है। इसका मतलब है कि विकसित देशों में AI से रोजगार पर खतरा विकासशील देशों की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, जिन देशों में पहले से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और ऑटोमेशन का स्तर अधिक है, वहां AI तेजी से कई कार्यों को अपने हाथ में ले सकता है। इससे कुछ पारंपरिक भूमिकाओं की आवश्यकता कम होने की संभावना जताई गई है।
भारत जैसे देशों के लिए बड़ा अवसर
रिपोर्ट का मानना है कि भारत और अन्य विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए AI का सबसे बड़ा लाभ कर्मचारियों की जगह लेने में नहीं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने में है। World Bank के मुताबिक, कम और मध्यम आय वाले देशों में लगभग 16.2 प्रतिशत नौकरियों में AI की मदद से उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। वहीं उच्च आय वाले देशों में यह आंकड़ा 18.7 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
भारत में सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा शुरू की गई विभिन्न AI पहलों का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, प्रशासन और उद्योग जैसे क्षेत्रों में AI के बेहतर उपयोग के जरिए दक्षता बढ़ाना और नई संभावनाएं तैयार करना है।
प्रोडक्टिविटी बढ़ाने पर रहेगा जोर
रिपोर्ट इस बात पर जोर देती है कि विकासशील देशों को AI को केवल रोजगार के खतरे के रूप में नहीं देखना चाहिए। यदि सही नीतियां, डिजिटल स्किल और तकनीकी निवेश किए जाएं तो AI कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाकर आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में AI के कारण कुछ पारंपरिक नौकरियों का स्वरूप जरूर बदलेगा, लेकिन साथ ही नई तकनीकी भूमिकाएं और रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। ऐसे में सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों को नई तकनीकों के अनुरूप प्रशिक्षित करना होगी।
World Bank की रिपोर्ट संकेत देती है कि भारत जैसे देशों के पास AI के जरिए अपनी उत्पादकता बढ़ाने, उद्योगों को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। यदि कौशल विकास और तकनीकी निवेश पर लगातार ध्यान दिया गया, तो AI रोजगार छीनने के बजाय आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण साधन बन सकता है।











