असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आज धुबरी जिले के चापर में अडाणी पावर लिमिटेड (APL) के 3,200 मेगावाट क्षमता वाले अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट (USTPP) की आधारशिला रखी।
Adani Power Assam Project: असम के धुबरी जिले के चापर में अडाणी पावर के प्रस्तावित 3,200 मेगावाट अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में परियोजना की आधारशिला रखे जाने की जानकारी सामने आई है। इस प्रोजेक्ट में करीब 48,000 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। अडाणी ग्रुप के डायरेक्टर जीत अडाणी ने कहा कि असम में समूह की विभिन्न परियोजनाओं से लगभग 40,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।
हालांकि, परियोजना से जुड़े निवेश, रोजगार और निर्माण की समयसीमा को कंपनी तथा संबंधित सरकारी दस्तावेजों के संदर्भ में समझना जरूरी है। अडाणी समूह ने नवंबर 2025 में असम में 63,000 करोड़ रुपये के ऊर्जा निवेश की घोषणा की थी, जिसमें थर्मल पावर प्लांट और पंप्ड स्टोरेज परियोजनाएं शामिल हैं।
3,200 MW क्षमता वाले प्लांट में होंगी चार यूनिट
प्रस्तावित चापर थर्मल पावर प्रोजेक्ट की कुल क्षमता 3,200 मेगावाट होगी। इसमें 800 मेगावाट की चार इकाइयां स्थापित की जानी हैं। परियोजना में अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसे पारंपरिक थर्मल पावर संयंत्रों की तुलना में अधिक दक्षता वाली तकनीक के रूप में जाना जाता है।पर्यावरण मंत्रालय के PARIVESH पोर्टल पर उपलब्ध दस्तावेज के अनुसार, यह परियोजना धुबरी जिले के चापर क्षेत्र में प्रस्तावित है। दस्तावेजों में इसे 4x800 MW क्षमता वाले कोयला आधारित अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट के रूप में दर्ज किया गया है।
असम में 63,000 करोड़ रुपये का ऊर्जा निवेश

अडाणी समूह ने असम में कुल लगभग 63,000 करोड़ रुपये के ऊर्जा निवेश की योजना बताई है। इसमें अडाणी पावर की ओर से 3,200 MW थर्मल पावर प्लांट के लिए करीब 48,000 करोड़ रुपये और अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड के जरिए दो पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स के लिए लगभग 15,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
पंप्ड स्टोरेज परियोजनाओं की संयुक्त क्षमता करीब 2,700 मेगावाट बताई गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ऊर्जा भंडारण क्षमता को मजबूत करना और बिजली की मांग तथा आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने में मदद करना है। समूह के अनुसार, इन निवेशों से असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों तथा रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
परियोजना से रोजगार और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा
जीत अडाणी के अनुसार, असम में अडाणी समूह के विभिन्न कारोबारों से लगभग 40,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है। चापर पावर प्लांट के निर्माण चरण में बड़ी संख्या में श्रमिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और सेवा प्रदाताओं की जरूरत हो सकती है। इस तरह की बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से स्थानीय ठेकेदारों, उपकरण आपूर्तिकर्ताओं, परिवहन कंपनियों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए भी कारोबारी अवसर बन सकते हैं। हालांकि, रोजगार के वास्तविक आंकड़े परियोजना की निर्माण गति, स्थानीय नियुक्तियों और संचालन शुरू होने के बाद की जरूरतों पर निर्भर करेंगे।
दिसंबर 2030 से शुरू हो सकता है बिजली उत्पादन
अडाणी समूह और संबंधित एक्सचेंज दस्तावेजों के अनुसार, परियोजना को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की योजना बनाई गई है। बिजली आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज में दिसंबर 2030 से चरणबद्ध कमीशनिंग और दिसंबर 2032 तक पूर्ण कमीशनिंग का उल्लेख किया गया है। इसका अर्थ है कि सभी इकाइयों का संचालन एक साथ शुरू होने के बजाय अलग-अलग चरणों में किया जा सकता है।
चापर पावर प्लांट से उत्पन्न बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना भी जरूरी होगा। असम इलेक्ट्रिसिटी ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड (AEGCL) ने 3,200 MW बिजली की निकासी के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क से संबंधित टेंडर जारी किया है। इसमें 400 kV चापर-रंगिया डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और संबंधित सबस्टेशन कार्य शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि परियोजना के साथ बिजली निकासी और ग्रिड कनेक्टिविटी की तैयारी पर भी काम किया जा रहा है।










