एयर इंडिया के नए CEO और MD बने टेवोल्डे गेब्रेमारियम, वैश्विक विमानन अनुभव से कंपनी को मिलेगी नई उड़ान

Air India New CEO: एयर इंडिया ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम को नया CEO और MD नियुक्त किया है। वैश्विक विमानन उद्योग में उनके दशकों के अनुभव से एयर इंडिया के विस्तार

एयर इंडिया में शीर्ष स्तर पर बड़ा नेतृत्व परिवर्तन किया गया है। कंपनी ने टेवोल्डे गेब्रेमारियम (Tewolde Gebremariam) को अपना नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है।

बिजनेस न्यूज़: भारत की प्रमुख एयरलाइन एयर इंडिया ने अपने नेतृत्व में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अनुभवी विमानन विशेषज्ञ टेवोल्डे गेब्रेमारियम को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एयर इंडिया अपने बड़े परिवर्तन कार्यक्रम, बेड़े के विस्तार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

टेवोल्डे गेब्रेमारियम, जिन्हें वैश्विक एविएशन इंडस्ट्री के सबसे सफल नेताओं में से एक माना जाता है, एयर इंडिया के पूर्व CEO कैंपबेल विल्सन का स्थान लेंगे। विल्सन ने वर्ष 2022 से एयर इंडिया का नेतृत्व किया और टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एयरलाइन के पुनर्गठन और आधुनिकीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।

कौन हैं टेवोल्डे गेब्रेमारियम?

टेवोल्डे गेब्रेमारियम का नाम वैश्विक विमानन क्षेत्र में दूरदर्शी नेतृत्व और सफल प्रबंधन के लिए जाना जाता है। उन्होंने एक दशक से अधिक समय तक इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप के CEO के रूप में कार्य किया और अपने कार्यकाल के दौरान कंपनी को अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके नेतृत्व में इथियोपियन एयरलाइंस ने क्षेत्रीय एयरलाइन से विकसित होकर अफ्रीका की सबसे बड़ी, सबसे अधिक लाभदायक और सबसे सम्मानित एयरलाइंस में अपनी जगह बनाई। 

इस अवधि में एयरलाइन का राजस्व कई गुना बढ़ा, जबकि उसके विमानों के बेड़े में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ। साथ ही कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, कार्गो सेवाओं और हवाई अड्डा हब विकास में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। एविएशन रणनीति, परिचालन दक्षता, सुरक्षा मानकों और दीर्घकालिक विकास योजनाओं में उनकी विशेषज्ञता उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली एयरलाइन अधिकारियों में शामिल करती है।

एयर इंडिया के लिए क्यों अहम है यह नियुक्ति?

एयर इंडिया वर्तमान में अपने इतिहास के सबसे बड़े परिवर्तन चरण से गुजर रही है। टाटा समूह द्वारा अधिग्रहण के बाद एयरलाइन ने सेवा गुणवत्ता, बेड़े के आधुनिकीकरण, डिजिटल बदलाव और वैश्विक विस्तार पर बड़े स्तर पर निवेश किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि टेवोल्डे गेब्रेमारियम का अंतरराष्ट्रीय अनुभव एयर इंडिया को वैश्विक विमानन बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करने में मदद करेगा। 

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब एयर इंडिया दुनिया के प्रमुख एयरलाइन ब्रांड्स के साथ प्रतिस्पर्धा करने और भारत को एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एविएशन हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

टाटा संस के चेयरमैन ने क्या कहा?

टाटा संस और एयर इंडिया के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने नेतृत्व परिवर्तन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कैंपबेल विल्सन के नेतृत्व में एयर इंडिया ने एकीकरण, आधुनिकीकरण और बेड़े विस्तार की प्रारंभिक चुनौतियों को सफलतापूर्वक पूरा किया है। उन्होंने कहा कि अब एयरलाइन एक महत्वपूर्ण निष्पादन और विकास चरण में प्रवेश कर रही है, जहां परिचालन उत्कृष्टता और दीर्घकालिक रणनीतिक नेतृत्व की आवश्यकता होगी। चंद्रशेखरन के अनुसार, टेवोल्डे गेब्रेमारियम का सफल और लाभदायक एयरलाइन समूह बनाने का अनुभव उन्हें इस भूमिका के लिए आदर्श उम्मीदवार बनाता है।

उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि गेब्रेमारियम की परिचालन विशेषज्ञता, सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और वैश्विक हब विकास की समझ एयर इंडिया को विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

नए CEO की प्राथमिकताएं क्या होंगी?

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने कहा कि एयर इंडिया की समृद्ध विरासत और भारत की तेजी से बढ़ती आर्थिक शक्ति को प्रतिबिंबित करने वाली विश्वस्तरीय एयरलाइन बनाने का अवसर उनके लिए बेहद उत्साहजनक है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता परिचालन विश्वसनीयता बढ़ाने, यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने और भारतीय आतिथ्य को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की होगी। इसके साथ ही वह एयर इंडिया के कर्मचारियों, प्रबंधन और उद्योग साझेदारों के साथ मिलकर दीर्घकालिक विकास रणनीति को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान देंगे।

एयर इंडिया का परिवर्तन सफर

एयर इंडिया की स्थापना वर्ष 1932 में जे.आर.डी. टाटा ने ‘टाटा एयरलाइंस’ के रूप में की थी। बाद में इसका नाम बदलकर एयर इंडिया रखा गया और 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया। लगभग सात दशक बाद जनवरी 2022 में एयरलाइन फिर से टाटा समूह के स्वामित्व में लौट आई। तब से एयर इंडिया व्यापक परिवर्तन कार्यक्रम पर काम कर रही है। कंपनी ने सैकड़ों नए विमानों का ऑर्डर दिया है, अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं का विस्तार किया है और यात्री अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नई पहल शुरू की हैं।

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