पब्लिक सेक्टर की कंपनी इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ तेल और गैस से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को लेकर शुरुआती स्तर पर बातचीत कर रही है।
बिजनेस न्यूज़: इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (EIL) सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ तेल एवं गैस क्षेत्र से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर शुरुआती चरण की बातचीत कर रही है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर अतुल गुप्ता के अनुसार, दोनों खाड़ी देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम करने और ऊर्जा निर्यात के लिए वैकल्पिक मार्ग विकसित करने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। प्रस्तावित योजनाओं में पाइपलाइन, तेल भंडारण सुविधाएं और टर्मिनल जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हो सकते हैं।
यह पहल पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस रास्ते से जुड़े किसी भी व्यवधान की आशंका से तेल परिवहन, आपूर्ति श्रृंखला और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे माहौल में खाड़ी के तेल उत्पादक देश अपने निर्यात नेटवर्क को अधिक विविध बनाने के विकल्पों पर ध्यान दे रहे हैं।
सऊदी अरब और UAE की 1 अरब डॉलर की निवेश योजना
EIL के चेयरमैन अतुल गुप्ता ने कंपनी की वार्षिक आम बैठक (AGM) के बाद बताया कि सऊदी अरब और UAE दूसरे मार्गों के जरिये कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने के लिए लगभग 1 अरब डॉलर के निवेश की योजना पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, यह राशि प्रस्तावित योजनाओं से जुड़ी प्रारंभिक जानकारी है और अंतिम निवेश, परियोजना लागत तथा समयसीमा की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
प्रस्तावित बुनियादी ढांचे में लंबी दूरी की पाइपलाइन, भंडारण क्षमता, निर्यात टर्मिनल और संबंधित सुविधाएं शामिल हो सकती हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य ऊर्जा परिवहन के लिए वैकल्पिक विकल्प तैयार करना और समुद्री मार्गों पर संभावित दबाव को कम करना हो सकता है। EIL इन संभावित परियोजनाओं में इंजीनियरिंग परामर्श, तकनीकी मूल्यांकन और व्यवहार्यता अध्ययन जैसी सेवाओं के अवसर तलाश रही है। कंपनी की भूमिका परियोजनाओं की वास्तविक जरूरतों, निविदा प्रक्रिया और संबंधित देशों के अंतिम निर्णयों पर निर्भर करेगी।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव से ऊर्जा परिवहन प्रभावित

होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसका इस्तेमाल खाड़ी क्षेत्र से कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के परिवहन के लिए किया जाता है। इस क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी तनाव बढ़ने पर जहाजों की आवाजाही, बीमा लागत और ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े जोखिमों पर चर्चा तेज हो जाती है।
EIL के प्रमुख ने बताया कि संभावित परियोजनाओं को लेकर बातचीत अभी योजना बनाने के स्तर पर है। उन्होंने कहा कि कंपनी सऊदी अरब और UAE के साथ इन अवसरों पर चर्चा कर रही है। हालांकि, निवेश समझौते या ठेके को अंतिम रूप दिए जाने की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पश्चिम एशिया में नए ठेकों की रफ्तार धीमी
अतुल गुप्ता के अनुसार, क्षेत्रीय तनाव के बाद पश्चिम एशिया से नए ठेके मिलने की गति फिलहाल धीमी हुई है। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि वित्त वर्ष की तीसरी और चौथी तिमाही में परियोजनाओं से जुड़े कारोबारी अवसरों में सुधार हो सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बदलती परिस्थितियों से EIL के लिए कुछ नए अवसर पैदा हो सकते हैं। ऊर्जा क्षेत्र में वैकल्पिक निर्यात मार्गों, भंडारण और परिवहन सुविधाओं की जरूरत बढ़ने पर इंजीनियरिंग एवं परियोजना परामर्श कंपनियों के लिए काम के अवसर सामने आ सकते हैं। इन संभावनाओं का वास्तविक व्यावसायिक प्रभाव परियोजनाओं के मंजूर होने और ठेके मिलने के बाद स्पष्ट होगा।
EIL की ऑर्डर बुक में विदेशी कारोबार की बड़ी हिस्सेदारी
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड के कारोबार में अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। कंपनी की कुल ऑर्डर बुक में विदेशी परियोजनाओं की हिस्सेदारी लगभग 43 प्रतिशत बताई गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को मिले नए कारोबार में अंतरराष्ट्रीय परामर्श सेवाओं का योगदान करीब 4,929 करोड़ रुपये यानी लगभग 62 प्रतिशत रहा।
EIL की पश्चिम एशिया में पहले से मौजूदगी है। कंपनी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत में विभिन्न परियोजनाओं तथा कारोबारी गतिविधियों से जुड़ी है। सऊदी अरब में कार्यालय खोलने के बाद क्षेत्रीय बाजार में उसकी उपस्थिति को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। अंतरराष्ट्रीय परामर्श कारोबार पर निर्भरता को देखते हुए पश्चिम एशिया में परियोजनाओं की गति EIL के भविष्य के ऑर्डर फ्लो को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, किसी एक क्षेत्र से मिलने वाले ठेकों में बदलाव का कंपनी के कुल वित्तीय प्रदर्शन पर असर अन्य कारोबार और नए अनुबंधों पर भी निर्भर करेगा।










