80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी का संबोधन: विकास, अंतिम पंक्ति के कल्याण और सशक्त UP का संकल्प

CM योगी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर शहीदों को नमन किया। विकास, सुशासन, जनकल्याण और समाज की अंतिम पंक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM योगी का संबोधन: विकास, अंतिम पंक्ति के कल्याण और सशक्त UP का संकल्प
Photo Credit / Attribution: Google

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और वीर जवानों को नमन किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के साथ विकसित भारत के निर्माण के संकल्प को दोहराने का भी दिन है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इस लक्ष्य को हासिल करने में उत्तर प्रदेश अपनी जनशक्ति और सामर्थ्य के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब विकास, सुशासन और जनकल्याण की नई पहचान बना रहा है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर, आधुनिक परिवहन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार से निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार हो रहे हैं। उन्होंने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों और छोटे उद्यमियों को बढ़ावा देने की दिशा में ‘एक जिला, एक उत्पाद’ जैसी पहल का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि ऐसी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों और स्थानीय उद्यमियों को बड़े तथा वैश्विक बाजार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने विकास के साथ समाज के प्रत्येक वर्ग के सशक्तीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार का विकास मॉडल गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला और युवा सहित समाज के हर वर्ग के कल्याण पर केंद्रित है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार, महिला सशक्तीकरण, किसानों की समृद्धि और सुरक्षित वातावरण को सरकार की प्राथमिकताओं से जोड़ा गया।

योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर जोर दिया कि विकास का वास्तविक अर्थ तभी है, जब उसका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। सरकार की योजनाओं और सुविधाओं को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम करने का संदेश दिया गया।

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों को याद करते हुए कहा कि आज देश जिस स्वतंत्र वातावरण में आगे बढ़ रहा है, उसके पीछे लाखों लोगों का त्याग और संघर्ष है। उन्होंने अमर शहीदों, स्वतंत्रता सेनानियों और देश की रक्षा में अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस नागरिकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद भी दिलाता है। देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखना तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।

उत्तर प्रदेश के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने विकास और सुशासन को आगे बढ़ाने के साथ सुरक्षा और समृद्धि को भी महत्वपूर्ण बताया। उनका आह्वान था कि प्रदेश ऐसा बने जो विकास, सुशासन, सुरक्षा और समृद्धि के क्षेत्र में अग्रणी हो तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभाए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ जनता की भागीदारी भी जरूरी है। विकास की प्रक्रिया तभी व्यापक रूप ले सकती है, जब समाज का हर वर्ग इसमें अपनी भूमिका निभाए।

योगी आदित्यनाथ ने शिक्षा और स्वास्थ्य को भी विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने बेहतर शिक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में निरंतर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने तथा किसानों की समृद्धि को भी प्रदेश की विकास यात्रा से जोड़ा गया।

मुख्यमंत्री के संदेश में आधारभूत ढांचे के विकास को भी विशेष महत्व दिया गया। एक्सप्रेस-वे और एयरपोर्ट से लेकर आधुनिक परिवहन तथा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तक के विस्तार को प्रदेश में निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने से जोड़ा गया।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी और व्यापक जनशक्ति प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत है। इस क्षमता का सही इस्तेमाल करते हुए राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और विकास के नए अवसर पैदा करने पर सरकार का जोर है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की। उन्होंने लोगों से राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने की अपील की।

इस संबोधन में आजादी के इतिहास और भविष्य के विकास लक्ष्य दोनों को एक साथ जोड़ा गया। एक ओर शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया गया, वहीं दूसरी ओर विकसित भारत के लक्ष्य में उत्तर प्रदेश की भूमिका और प्रदेश को अधिक सशक्त बनाने का संकल्प सामने रखा गया।

कुल मिलाकर, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए विकास, सुशासन और जनकल्याण को उत्तर प्रदेश की प्राथमिकता बताया। उन्होंने समाज की अंतिम पंक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने, गांव-गरीब-किसान-मजदूर-महिला और युवाओं के सशक्तीकरण तथा उत्तर प्रदेश को विकास, सुरक्षा और समृद्धि में अग्रणी बनाने का संकल्प दोहराया।

Leave a comment