उत्तर प्रदेश में जनगणना की तैयारियां पूरी हो गई हैं। मेरठ में 9371 प्रगणक और सुपरवाइजर्स काम करेंगे। 22 मई से भवनों की गणना शुरू होगी। आम जनता भी 7-21 मई ऑनलाइन पोर्टल पर अपने भवन की जानकारी दर्ज कर सकेगी।
UP News: उत्तर प्रदेश में जनगणना के लिए तैयारियां पूरी तरह से शुरू हो गई हैं। मेरठ जिले में प्रशासन ने इस बार जनगणना को सुचारू रूप से कराने के लिए विस्तृत योजना बनाई है। जिले में कुल 9371 प्रगणक और उनके सुपरवाइजर्स काम करेंगे। इसके लिए पहले चरण में 22 मई से 20 जून तक पूरे जिले के भवनों की गणना की जाएगी।
मास्टर ट्रेनर तैयार, मार्च में प्रशिक्षण
मेरठ जनपद के पांच मास्टर ट्रेनर लखनऊ में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत तैयार किए गए हैं। ये पांचों मास्टर ट्रेनर मार्च महीने में 120 अन्य ट्रेनरों को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद ये 120 ट्रेनर पूरे जनपद के प्रगणकों और उनके सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण देंगे। इस प्रकार जनगणना कार्य के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को तैयार किया जाएगा।
जिले को 22 जोन में बांटा
जनगणना कार्य को सुचारू रूप से चलाने के लिए पूरे जिले को 22 जोन में विभाजित किया गया है। नगर निगम क्षेत्र को तीन जोन में बांटा गया है, जबकि तीनों तहसील, छावनी क्षेत्र और जिले की कुल 15 नगर पालिका और नगर पंचायतों को अलग-अलग जोन में रखा गया है। प्रत्येक जोन में जिम्मेदार अधिकारी की तैनाती की जाएगी, जो गणना कार्य की निगरानी करेंगे।
भवनों की गणना 22 मई से

जनगणना का पहला चरण 22 मई से शुरू होगा। इस दौरान सभी भवनों की पूरी जानकारी एकत्र की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने अपने क्षेत्र में 180 भवनों के ब्लॉक तैयार करना शुरू कर दिया है। प्रत्येक ब्लॉक का मानचित्र तैयार किया जाएगा ताकि प्रगणकों को गणना कार्य में सुविधा हो। भवनों को ब्लॉक में बांटने और नक्शे तैयार करने का काम सहायक और अवर अभियंताओं की देखरेख में चल रहा है।
आम जनता के लिए ऑनलाइन सुविधा
इस बार पहली बार आम जनता को भी ऑनलाइन गणना में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इसके लिए पोर्टल 7 मई से 21 मई तक खोला जाएगा। इस दौरान जनता अपने भवनों की जानकारी खुद दर्ज कर सकेगी। 22 मई से सरकारी प्रगणक घर-घर जाकर भवनों और परिवारों की पूरी जानकारी एकत्र करेंगे।
ट्रेनिंग मार्च और अप्रैल में पूरी होगी
जनगणना की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए प्रशिक्षण मार्च और अप्रैल में पूरा किया जाएगा। 120 ट्रेनरों द्वारा प्रगणकों और सुपरवाइजर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद सभी तैयार होंगे और 22 मई से जनगणना का काम शुरू किया जाएगा।
प्रशासनिक निगरानी
जनगणना कार्य में पारदर्शिता और सही आंकड़े सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सभी जोनों में अधिकारियों की नियुक्ति की है। प्रत्येक ब्लॉक और जोन में अधिकारी निगरानी करेंगे। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आम जनता भी अपने भवनों की जानकारी अपडेट कर सकेगी, जिससे त्रुटियों की संभावना कम होगी।











