उत्तर प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार आज, रविवार (10 मई) को राज्य में कैबिनेट विस्तार हो सकता है, जिसमें लगभग छह नए मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। सूत्रों के अनुसार, राज्य में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आज यानी रविवार, 10 मई को हो सकता है। इस विस्तार को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि संभावित मंत्रियों के नाम भी सामने आने लगे हैं। हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक संकेत इसे लगभग तय मान रहे हैं।
यूपी में अभी कितने मंत्री और कितनी जगह खाली?
वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में कुल 54 मंत्री कार्यरत हैं। राज्य मंत्रिमंडल में अधिकतम 60 मंत्रियों की अनुमति है, यानी अभी 6 पद खाली हैं। इन्हीं रिक्त स्थानों को भरने के लिए नए नामों पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह विस्तार सिर्फ संख्या बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति और सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। 2026-27 के चुनावी माहौल को देखते हुए इसे बेहद अहम कदम माना जा रहा है।
किन 6 नेताओं के नाम चर्चा में?

संभावित मंत्रियों की सूची में जिन नामों की चर्चा सबसे ज्यादा हो रही है, उनमें शामिल हैं—
- कृष्णा पासवान
- पूजा पाल (सपा से बागी विधायक)
- मनोज पांडे
- भूपेंद्र सिंह चौधरी
- अशोक कटारिया
- रोमी साहनी
हालांकि इन नामों पर अंतिम मुहर लगना अभी बाकी है, लेकिन राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक इन चेहरों को कैबिनेट में जगह मिलने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार सिर्फ प्रशासनिक जरूरत नहीं बल्कि सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन की रणनीति का हिस्सा है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जातीय समीकरण हमेशा से सरकार गठन और कैबिनेट विस्तार में अहम भूमिका निभाते हैं। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस विस्तार में ओबीसी, दलित और पूर्वांचल-बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों को खास प्रतिनिधित्व देने पर विचार कर रही है।










