राज्यपाल के अभिभाषण के साथ यूपी बजट सत्र शुरू, 20 फरवरी तक चलेगा सत्र

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी 2026 से शुरू हो गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से हुई। 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना बजट पेश करेंगे

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज 9 फरवरी 2026 से शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। 11 फरवरी को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना वर्ष 2026–27 का बजट पेश करेंगे।

UP Budget 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज सोमवार 9 फरवरी 2026 से शुरू हो गया है। यह सत्र प्रदेश की राजनीति और विकास की दिशा तय करने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से हुई। इस बार विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। सरकार ने सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी विपक्षी दलों से सहयोग की अपील की है। वहीं विपक्ष भी कई बड़े मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति के साथ सदन में उतरने की तैयारी कर चुका है।

राज्यपाल के अभिभाषण से होगा आगाज

बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानसभा में अपना अभिभाषण देंगी। इस दौरान वे राज्य सरकार के अब तक किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करेंगी। अभिभाषण में सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों का लेखा-जोखा रखा जाएगा। राज्यपाल का संबोधन सत्र की दिशा और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है। इसके बाद सदन में अध्यादेश, अधिसूचनाएं और अन्य औपचारिक दस्तावेज पटल पर रखे जाएंगे। सरकार पहले ही दिन करीब ग्यारह विधेयकों को सदन की मंजूरी के लिए पेश कर सकती है।

11 फरवरी को पेश होगा बजट

उत्तर प्रदेश सरकार का सबसे अहम दिन 11 फरवरी होगा। इस दिन राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना विधानसभा में वर्ष 2026–27 का बजट पेश करेंगे। यह बजट आने वाले वित्तीय वर्ष में सरकार की आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं की तस्वीर पेश करेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि सरकार विकास को नई गति देने के उद्देश्य से गंभीरता के साथ काम कर रही है। बजट में बुनियादी ढांचे, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण से जुड़े प्रस्तावों पर खास नजर रहने की उम्मीद है।

विपक्ष की सख्त रणनीति

बजट सत्र की शुरुआत से पहले ही विपक्षी दल सरकार को घेरने की तैयारी में जुट गए हैं। समाजवादी पार्टी सहित अन्य विपक्षी दलों ने साफ कर दिया है कि वे सदन में कई मुद्दों को जोर-शोर से उठाएंगे। विपक्ष का कहना है कि प्रदेश की जनता से जुड़े सवालों पर सरकार को जवाब देना ही होगा। इसी वजह से सत्र के दौरान हंगामे और तीखी बहस के आसार भी नजर आ रहे हैं।

एसआईआर मुद्दे पर घेराव

विपक्षी दलों की रणनीति में एसआईआर का मुद्दा सबसे ऊपर है। समाजवादी पार्टी और अन्य दल इस विषय को लेकर सरकार पर सवाल खड़े करने की तैयारी में हैं। विपक्ष का आरोप है कि इस मामले में सरकार की भूमिका स्पष्ट नहीं है और जनता को सही जानकारी नहीं दी जा रही है। सत्र के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा और हंगामे की संभावना जताई जा रही है।

कानून व्यवस्था पर सवाल

प्रदेश की कानून व्यवस्था भी विपक्ष के निशाने पर है। विपक्षी दलों का कहना है कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में विफल रही है। बजट सत्र के दौरान विपक्ष इस मुद्दे को उठाकर सरकार से जवाब मांग सकता है। कानून व्यवस्था से जुड़े सवाल हर सत्र में अहम रहते हैं और इस बार भी यह चर्चा का बड़ा विषय बनने वाला है।

ट्रेड डील पर बहस की तैयारी

विपक्ष ने अमेरिका भारत ट्रेड डील को लेकर भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। विपक्षी नेताओं का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय समझौतों का प्रदेश की अर्थव्यवस्था और उद्योगों पर असर पड़ता है। वे जानना चाहते हैं कि इस डील से उत्तर प्रदेश को क्या लाभ होगा। सत्र के दौरान इस मुद्दे पर भी तीखी बहस होने की संभावना है।

सर्वदलीय बैठक में सहयोग की अपील

बजट सत्र की शुरुआत से पहले रविवार को विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। इस बैठक का उद्देश्य सत्र की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाना था। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संवाद और सकारात्मक चर्चा से लोकतंत्र मजबूत होता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विधानसभा चर्चा और परिचर्चा का मंच है, न कि शोर-शराबे का। उनका यह संदेश सत्र के दौरान संयम बनाए रखने की अपील के तौर पर देखा जा रहा है।

बैठक में शामिल रहे प्रमुख नेता

सर्वदलीय बैठक में प्रदेश के कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पाण्डेय ने बैठक में अपनी बात रखी। इसके अलावा अपना दल सोनेलाल के नेता राम निवास वर्मा, राष्ट्रीय लोकदल के नेता राजपाल बालियान, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओमप्रकाश राजभर, निषाद पार्टी के रमेश सिंह, कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा और जनसत्ता लोकतांत्रिक दल के विनोद सरोज भी बैठक में शामिल हुए। सभी नेताओं ने सदन के सुचारू संचालन में सहयोग देने का भरोसा दिलाया।

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