जीशान सिद्दीकी को जान से मारने की धमकी, कथित गैंगस्टर जीशान अख्तर का ऑडियो मिलने से हड़कंप

महाराष्ट्र के एनसीपी नेता जीशान सिद्दीकी को कथित गैंगस्टर जीशान अख्तर की ओर से जान से मारने की धमकी वाला ऑडियो मिला है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

NCP नेता जीशान सिद्दीकी को कथित गैंगस्टर जीशान अख्तर की ओर से जान से मारने की धमकी वाला ऑडियो संदेश मिला है। सिद्दीकी फिलहाल भारत से बाहर हैं और उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री व मुंबई पुलिस को जानकारी दी है।

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता और महाराष्ट्र के विधायक जीशान सिद्दीकी को कथित तौर पर जान से मारने की धमकी मिली है। जानकारी के मुताबिक, फरार गैंगस्टर जीशान अख्तर की ओर से उन्हें एक धमकी भरा ऑडियो संदेश भेजा गया है। बताया जा रहा है कि यह संदेश सीधे जीशान सिद्दीकी के निजी मोबाइल नंबर पर पहुंचा। इस घटना के बाद सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। जीशान सिद्दीकी फिलहाल भारत से बाहर हैं।

धमकी भरा ऑडियो मिलने के बाद उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती को मामले की जानकारी दी है। सिद्दीकी ने फोन पर बताया कि वह इस समय भारत में मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनके पर्सनल नंबर पर धमकी वाला संदेश आया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है और मामले में उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस के संज्ञान में आया मामला

मुंबई पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पुलिस को इस मामले की जानकारी मिल चुकी है। हालांकि, अधिकारी के अनुसार जीशान सिद्दीकी की ओर से अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस फिलहाल सामने आए ऑडियो संदेश की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की पुष्टि करने की प्रक्रिया में है।

इस मामले में पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी वाला ऑडियो वास्तव में किस व्यक्ति की ओर से भेजा गया और क्या इसमें किसी संगठित आपराधिक नेटवर्क की भूमिका है। ऑडियो की तकनीकी जांच के साथ-साथ संदेश भेजने वाले नंबर और डिजिटल ट्रेल की भी पड़ताल की जा सकती है।

पहले भी सामने आ चुका है धमकी का मामला

जीशान सिद्दीकी को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप सामने आई थी, जिसमें एक व्यक्ति ने खुद को गैंगस्टर जीशान अख्तर बताते हुए जीशान सिद्दीकी को धमकी दी थी।

उस समय जीशान सिद्दीकी की बहन ने वायरल ऑडियो क्लिप की जानकारी मिलने के बाद बांद्रा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया था। इसके बाद पुलिस ने नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट यानी एनसी दर्ज की थी। पुलिस ने उस समय कहा था कि वायरल ऑडियो में एक व्यक्ति खुद को जीशान अख्तर बता रहा था, लेकिन जीशान सिद्दीकी को सीधे धमकी मिलने की पुष्टि तत्काल नहीं हुई थी।

अब सामने आए नए ऑडियो संदेश ने मामले को फिर से चर्चा में ला दिया है। इस बार दावा है कि धमकी वाला संदेश सीधे जीशान सिद्दीकी के निजी नंबर पर भेजा गया है। यही वजह है कि पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रही है।

2024 में भी मिली थी जान से मारने की धमकी

जीशान सिद्दीकी को इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी जान से मारने की धमकी मिली थी। उस समय महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव का दौर चल रहा था और उनके बांद्रा स्थित कार्यालय के व्हाट्सऐप नंबर पर धमकी भरा संदेश आया था। रिपोर्ट के मुताबिक, धमकी के साथ पैसे की मांग भी की गई थी।

मामले की जांच के बाद मुंबई पुलिस ने नोएडा से 20 वर्षीय गुफ्रान मकबूल नाम के युवक को गिरफ्तार किया था। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस मामले ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। उस समय भी जीशान सिद्दीकी की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई थी।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया था जब महाराष्ट्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। जीशान सिद्दीकी उस समय बांद्रा ईस्ट विधानसभा सीट से विधायक थे और उनके पिता बाबा सिद्दीकी भी महाराष्ट्र की राजनीति में एक प्रमुख चेहरा रहे थे।

अप्रैल 2025 में 10 करोड़ रुपये की फिरौती की धमकी

अप्रैल 2025 में भी जीशान सिद्दीकी को लगातार तीन दिनों तक धमकी भरे ईमेल भेजे जाने का मामला सामने आया था। इन संदेशों में कथित तौर पर उनके पिता बाबा सिद्दीकी की तरह उनकी हत्या करने की धमकी दी गई थी। साथ ही 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग किए जाने की बात सामने आई थी।

ईमेल भेजने वाले ने खुद को कथित तौर पर डी-कंपनी से जुड़ा सदस्य बताया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान इंटरपोल की मदद ली गई और त्रिनिदाद एवं टोबैगो से मोहम्मद दिलशाद मोहम्मद नौवेद को गिरफ्तार कर मुंबई लाया गया था।

इस मामले ने एक बार फिर संगठित अपराध और सोशल मीडिया तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए नेताओं और सार्वजनिक हस्तियों को धमकी देने की चुनौती को सामने रखा था।

बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद बढ़ी संवेदनशीलता

जीशान सिद्दीकी के मामले की संवेदनशीलता इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि उनके पिता बाबा सिद्दीकी की अक्टूबर 2024 में मुंबई में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या के बाद जीशान सिद्दीकी और उनके परिवार की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी रही है।

बाबा सिद्दीकी लंबे समय तक महाराष्ट्र की राजनीति में सक्रिय रहे थे और कई बड़े राजनीतिक तथा फिल्मी सितारों से उनके संबंधों के कारण भी वे सार्वजनिक जीवन में चर्चित चेहरा थे। उनकी हत्या के बाद मुंबई पुलिस और जांच एजेंसियों ने कई स्तरों पर जांच की थी।

पिता की हत्या के बाद जीशान सिद्दीकी को मिलने वाली धमकियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां पहले से सतर्क रही हैं। ऐसे में नया ऑडियो संदेश सामने आने के बाद पुलिस के लिए इसकी सत्यता और स्रोत का पता लगाना महत्वपूर्ण हो गया है।

जीशान अख्तर का नाम क्यों चर्चा में?

ताजा धमकी के मामले में जिस नाम का उल्लेख किया जा रहा है, वह जीशान अख्तर है। पुलिस और जांच एजेंसियां अब यह सत्यापित करने की कोशिश कर रही हैं कि ऑडियो में आवाज वास्तव में उसी व्यक्ति की है या किसी अन्य व्यक्ति ने उसका नाम इस्तेमाल करके धमकी दी है।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर किसी व्यक्ति के नाम से ऑडियो या संदेश प्रसारित होना अपने आप में उसकी प्रामाणिकता साबित नहीं करता। इसलिए पुलिस के लिए डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए संदेश के स्रोत, नंबर, डिवाइस और अन्य तकनीकी विवरणों की पुष्टि करना अहम होगा।

सुरक्षा और जांच पर नजर

जीशान सिद्दीकी के भारत से बाहर होने के बावजूद उन्हें मिले कथित धमकी संदेश ने सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींचा है। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जानकारी दे दी है। अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि धमकी के पीछे वास्तविक आपराधिक मंशा है या किसी ने डर पैदा करने के लिए फर्जी संदेश भेजा है।

जांच में ऑडियो की फॉरेंसिक जांच, संदेश के डिजिटल स्रोत और संभावित आपराधिक संपर्कों की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके वास्तविक इरादे का पता लगाना है।

फिलहाल मामले में औपचारिक शिकायत और पुलिस जांच की स्थिति महत्वपूर्ण है। जब तक ऑडियो की प्रामाणिकता और धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक इसे कथित धमकी के तौर पर ही देखा जा रहा है। पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह किसी बड़े आपराधिक नेटवर्क से जुड़ा मामला है या किसी व्यक्ति की आपराधिक धमकी।

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