झारखंड-ओडिशा सीमा पर बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ रेललाइन में तेजी, 2107 करोड़ की परियोजना की समीक्षा

बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ 82.06 किमी रेललाइन परियोजना में तेजी लाई जा रही है। ₹2,107 करोड़ की परियोजना के लिए 24 गांवों से 145 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी।

बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ 82.06 किमी नई रेललाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और वन मंजूरी की प्रक्रिया तेज की जा रही है। 2,107 करोड़ रुपये की परियोजना में क्योंझर के 24 गांवों से 145 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी।

ओडिशा: मयूरभंज के बादामपहाड़ को क्योंझरगढ़ से जोड़ने वाली 82.06 किलोमीटर लंबी नई रेललाइन परियोजना को गति देने के लिए उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। क्योंझर दरबार हॉल में हुई बैठक में भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से जुड़ी मंजूरियों को जल्द पूरा करने पर चर्चा हुई। करीब 2,107 करोड़ रुपये की इस परियोजना के लिए क्योंझर जिले के 24 गांवों से भूमि अधिग्रहित की जानी है।

82.06 किमी रेललाइन के लिए 145 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण

बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ नई रेललाइन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए क्योंझर जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण और वन भूमि से संबंधित मंजूरियों की प्रक्रिया की समीक्षा की। जिला मजिस्ट्रेट विशाल सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने निर्धारित समय में आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने पर चर्चा की।

परियोजना के लिए केवल क्योंझर जिले में करीब 145 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इसमें 101.941 हेक्टेयर वन भूमि और 38.573 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल है। क्योंझर सदर और पटना प्रखंड के कुल 24 गांवों की जमीन इस रेल परियोजना के दायरे में आएगी।

क्योंझर सदर प्रखंड के नौ गांवों से कुल 45.375 हेक्टेयर भूमि ली जाएगी। इसमें 31.004 हेक्टेयर संरक्षित वन भूमि और 14.371 हेक्टेयर राजस्व भूमि शामिल है। इसी तरह पटना प्रखंड के 15 गांवों से 95.139 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। इसमें 70.937 हेक्टेयर संरक्षित वन और 24.202 हेक्टेयर राजस्व भूमि है।

वन भूमि के बदले 290 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण

रेल परियोजना के तहत रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण के लिए अतिरिक्त 4.486 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। वन भूमि के इस्तेमाल की भरपाई के लिए 290 हेक्टेयर बंजर वन क्षेत्र में पौधारोपण किया जाएगा।

बैठक में अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने और वन भूमि से जुड़ी मंजूरियों एवं औपचारिकताओं को तेजी से निपटाने पर जोर दिया। परियोजना के लिए 23 सितंबर 2026 को रेलवे एक्ट की धारा 20(ए) के तहत अधिसूचना जारी की जा चुकी है। बैठक में धारा 20(ई) के तहत परियोजना संबंधी घोषणा की प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई।

करीब 2,107 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस रेल परियोजना का शिलान्यास राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 7 दिसंबर 2024 को किया था। नई रेललाइन बनने से क्योंझर और मयूरभंज के बीच रेल संपर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है।

जिले की अन्य रेल परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक में बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ रेललाइन के अलावा क्योंझर जिले में चल रही और प्रस्तावित अन्य रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें डांगोवापोसी-जरोली तीसरी और चौथी रेललाइन, बड़बिल-बोलानी खदान रेललाइन का दोहरीकरण और बड़बिल-नयागढ़ नई डबल लाइन परियोजना शामिल हैं।

इसके अलावा किरीबुरू-भद्रासाही, बरसुवां-नुआगांव, सनिन्दपुर-डोलतापहाड़ और भद्रासाही-बांसपानी नई रेललाइन परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

इन रेल परियोजनाओं को क्योंझर जिले की विभिन्न खदानों से उच्च गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के रेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण बताया गया है। बादामपहाड़-क्योंझरगढ़ नई रेललाइन के निर्माण से क्षेत्र में रेल संपर्क मजबूत होने के साथ माल परिवहन और यातायात से जुड़े नए अवसर विकसित होने की संभावना है।

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