‘अयोध्या राममंदिर’ 22 जनवरी को होगी प्राण-प्रतिष्ठा, "न धर्म न जाति" सबके लिए खुला है राम का दरबार, पार्टियों के बीच हो रही राजनीति

‘अयोध्या राममंदिर’  22 जनवरी को होगी प्राण-प्रतिष्ठा,
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Last Updated: Thu, 11 Jan 2024

‘अयोध्या राममंदिर’  22 जनवरी को होगी प्राण-प्रतिष्ठा, "न धर्म न जाति" सबके लिए खुला है राम का दरबार, पार्टियों के बीच हो रही राजनीति  

अयोध्या में श्री राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का समय  निकट रहा है. 22 जनवरी को अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की जायगी। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के साथ विपक्षी पार्टी केनेताओं और साधु-संतो,उद्योगपति, फ़िल्मी सितारे आदि लोगो को निमंत्रण दिया गया है. अयोध्या में इस पर्व तैयारी जोर-शोर से चल रही है. लेकिन कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे  और सोनिया गाँधी के साथ कांग्रेस पार्टी के अन्य नेताओ ने कार्यक्रम में शामिल होने से मना कर दिया। इस बात के कारण पार्टियों के बीच वाद-विवाद हो रहा है.

अयोध्या में चल रही प्राण-प्रतिष्ठा की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया की समारोह को लेकर सभी तैयारी की जा रही है. इस समारोह में लाखो श्रद्धालु आयंगे, इनके लिए कानून व्यवस्था, पानी,बिजली,और रहने की समुचित व्यवस्था की जा रही है. 22 जनवरी को देश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा, सभी सरकारी स्कूल, कॉलेज, दफ्तर बंद रहेंगे। अयोध्या जाने वाले सभी मार्गो को ग्रीन कॉरीडोर बनाया जायगा ताकि गंतव्य तक पहुंचने में आसानी हो. अस्पताल और दफ्तरों में सफाई अभियान चलाया गया है. जगह-जगह अस्थाई मेडिकल केम्प लगाए।

CM योगी ने कहा कि इस समारोह में साधु-संत, उद्योग, राजनीति, सिनेमा,कला-साहित्य आदि क्षेत्रों के लोग इस सुअवसर के दिन अयोध्या पधारेंगे। सरयू घाट सभी घरो, मंदिरो में  22 जनवरी को दीपोत्सव मनाया जायगा। 16 जनवरी से देव मंदिरो में भजन -कीर्तन होंगे। इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया जायगा ताकि घर बैठे लोग भी रामलला के दर्शन कर सके.

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कौन-कौन होगा समारोह में शामिल

22 जनवरी को अयोध्या में राममन्दिर की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन किया जायगा। इस समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। इनके साथ बीजेपी और अन्य पार्टियो के कई बड़े नेता शामिल होंगे। CM योगी आदित्यनाथ और लालकृष्ण आडवाणी जैसे दिग्गज इस समारोह में शामिल होंगे। आरआरएस पार्टी के प्रमुख मोहन भागवत भी इस भव्य अवसर का हिस्सा बनेंगे।

बताया है कि भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, हिमाचल प्रदेश के मंत्री और कांग्रेस नेता विक्रमादित्य सिंह भी इस समारोह में शामिल होंगे, इनके साथ अन्य नेता इस भव्य समारोह का हिस्सा बनेंगे। फिल्म, उद्योग, खेल जगत की हस्तियों के साथ-साथ टेलीविजन इंडस्ट्री के स्टार दिग्गज,संत और विद्वान भी इस समारोह में शामिल होंगे।

जानकारी मिली है कि फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार इस समारोह में जाने के लिए बहुत खुश नजर रहे है. इनके साथ फिल्म जगत के सितारे जैकी श्रॉफ, साउथ सिनेमा के अभिनेता चिरंजीवी, महानायक अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन, अनुपम खेर, "रामायण" में राम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल और सीता का किरदार निभाने वाली मुख्य अभिनेत्री दीपिका चिखलिया, अभिनेता मनोज जोशी, "महाभारत" में भीष्म पितामह की भूमिका में नजर आये अभिनेता मुकेश खन्ना के साथ पंकज त्रिपाठी भी इस दिन का लम्बे समय से इंतजार कर रहे थे.

 

"राममंदिर" प्राण-प्रतिष्ठा में कौन नहीं होगा शामिल

अयोध्या में मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा के लिए नेताओ, साधु-संतो, देशवासियो को न्योता दिया गया, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने इस निमंत्रण को ठुकरा दिया। इसको लेकर  पार्टियों के बीच तनाव बढ़ गया. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने बताया की कांग्रेस को ऐसी राजनीति से दूर रहना चाहिए क्योकि भगवान श्रीराम पर सभी लोग आस्था और विश्वास रखते है. कांग्रेस ने राममंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को अस्वीकार करके बहुत कष्टदायक और दुखपूर्ण काम किया।

सूत्रों से पता चला है की कांग्रेस पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गाँधी और अधीर रंजन चौधरी ने राममंदिर समारोह में शामिल नहीं होने के लिए निमंत्रण को ठुकरा दिया था।  समाजवादी पार्टी के सदस्य अखिलेश यादव ने बीजेपी पर तंज कस्ते हुए कहा की उनकी पार्टी इस समारोह में शामिल नहीं होगी। एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को आमंत्रित नहीं किया ,इस बात पर बीजेपी सरकार पर आरोप लगाया की वह इस समारोह को राजनैतिक मुद्दा बना रही है.

बताया गया है कि शिवसेना(यूबीटी) पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को को अब तक न्योता नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह निमंत्रण भगवान राम का नहीं, बीजेपी सरकार का है. टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी और सीपीआई पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने भी निमंत्रण को अस्वीकार किया था.इनका कहना है कि  बीजेपी 'लोकसभा चुनाव' से पहले पहले मंदिर उद्धघाटन के जरिये तमाशा कर रही है.

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