संभल में जुम्मा अलविदा की नमाज के लिए त्रिस्तरीय सुरक्षा, ड्रोन और CCTV से निगरानी। प्रशासन सतर्क, पुलिस गश्त बढ़ी, सोशल मीडिया पर सख्ती, शांति बनाए रखने की अपील।
Sambhal News: रमजान के आखिरी शुक्रवार को अदा की जाने वाली जुम्मा अलविदा की नमाज के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। जामा मस्जिद समेत पूरे शहर में त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
अधिकारियों ने लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने शहर के प्रमुख इलाकों का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मस्जिदों और उनके आसपास विशेष सतर्कता बरती जाए। स्थानीय पुलिस के साथ पीएसी और आरआरएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके।
संवेदनशील इलाकों में चौकसी
शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। ड्रोन कैमरों के जरिए भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है ताकि कोई भी संदिग्ध हरकत तुरंत पकड़ी जा सके। इसके अलावा, सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। जामा मस्जिद के अलावा शहर की अन्य प्रमुख मस्जिदों के आसपास भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
मोबाइल पुलिस टीमें रहेंगी तैनात
शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार गश्त करेंगी। सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, इंटरनेट मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस साइबर सेल को आदेश दिया गया है कि अगर कोई भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट सामने आए तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
शांति बनाए रखने की अपील
शहर के धर्मगुरुओं और गणमान्य नागरिकों ने आम जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सौहार्द बनाए रखें। यदि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
शहर इमाम की अपील – अमन-शांति के लिए करें दुआ
शहर इमाम आफताब हुसैन वारसी ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि जुम्मा अलविदा के मौके पर अमन, शांति और भाईचारे के लिए दुआ करें। उन्होंने कहा कि यह दिन इबादत और खुदा की रहमत मांगने का है। उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि लोग सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर नमाज न अदा करें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।