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Waqf-Bill पर I.N.D.I.A गठबंधन में मतभेद, कांग्रेस जाएगी कोर्ट, शिवसेना (यूबीटी) ने जताई असहमति

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शुक्रवार सुबह संसद ने वक्फ संशोधन विधेयक पारित किया। कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की बात कही, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कोर्ट जाने से इनकार कर दिया। विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है।

Waqf-Bill: लंबी बहस और विरोध के बीच वक्फ संशोधन विधेयक संसद के दोनों सदनों से पारित हो चुका है। हालांकि, इसे लेकर विपक्ष एकजुट नजर नहीं आ रहा है। I.N.D.I.A गठबंधन के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं। कांग्रेस और डीएमके जहां इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में हैं, वहीं शिवसेना (यूबीटी) सुप्रीम कोर्ट नहीं जाने के पक्ष में है।

सांसद ने दाखिल की याचिका

किशनगंज से कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने इस विधेयक को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है। इसके साथ ही कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी बहुत जल्द सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करेगी। कांग्रेस का कहना है कि यह विधेयक मुसलमानों की संपत्ति और अधिकारों को छीनने का प्रयास है।

'हमारा काम पूरा, अब कोर्ट नहीं जाएंगे' - संजय राउत

इस मसले पर शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि उन्होंने संसद में विधेयक का पुरजोर विरोध किया और अब यह अध्याय उनके लिए समाप्त हो गया है। उन्होंने कहा, “हमने दोनों सदनों में अपनी बात रख दी है, अब हमारे लिए यह फाइल बंद है। हम सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएंगे।”

'सरकार की नीयत पर सवाल, यह विधेयक व्यापार जैसा कदम'

राउत ने विधेयक को एक “व्यावसायिक प्रयास” करार दिया और कहा कि सरकार का मकसद मुस्लिम हितों की रक्षा नहीं, बल्कि वक्फ संपत्तियों को हथियाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की दिलचस्पी करीब 2 लाख करोड़ रुपये की वक्फ संपत्तियों में है, जो बहुमूल्य जमीनों और संपत्तियों का संग्रह है।

'वक्फ की जमीन हड़पना असली एजेंडा'

राउत ने कहा कि सरकार जब किसी जमीन को देखती है तो लालची हो जाती है। उन्होंने कहा, “इस बिल का मकसद मुसलमानों की देखभाल करना नहीं, बल्कि उनकी जमीन हड़पना है। सरकार वक्फ संपत्तियों को एक अवसर के रूप में देख रही है और जल्द ही इस पर कब्जा कर सकती है।”

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